जुनैद-नासिर हत्याकांड: ढाई साल बाद जेल से बाहर आया मोनू मानेसर; बुलेटप्रूफ जैकेट में हुई रिहाई, गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत
जुनैद-नासिर हत्याकांड के आरोपी मोनू मानेसर को ढाई साल बाद मिली जमानत। बुलेटप्रूफ जैकेट में सेवर जेल से निकला बाहर। गांव में ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत। भिवानी में जले हुए शव मिलने के मामले में हुई थी गिरफ्तारी।

आफताब फारुकी
भरतपुर/मानेसर (PNN24 News): राजस्थान के बहुचर्चित जुनैद और नासिर हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल मोनू मानेसर उर्फ मोहित यादव शनिवार को भरतपुर की सेवर जेल से रिहा हो गया। राजस्थान हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार दोपहर जेल की औपचारिकताएं पूरी की गईं। सुरक्षा कारणों से मोनू को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जेल से बाहर लाया गया।
1. सुरक्षा का कड़ा पहरा और रिहाई
जेल प्रशासन ने मोनू मानेसर की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लिया। रिहाई के वक्त:
- मोनू को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर जेल से बाहर निकाला गया।
- पुलिस के कई वाहनों ने उसकी गाड़ी को हरियाणा की सीमा तक एस्कॉर्ट किया।
- हरियाणा से बड़ी संख्या में गौसेवक और समर्थक उसे लेने के लिए सेवर जेल पहुँचे थे।
2. गांव में जश्न का माहौल
जैसे ही मोनू अपने पैतृक गांव मानेसर (हरियाणा) पहुँचा, वहां समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा।
- ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूलों की मालाओं के साथ उसका स्वागत किया।
- कुछ समर्थकों ने उसे गोद में उठाकर घर तक पहुँचाया।
- देर रात तक गांव में जश्न मनाया गया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो वायरल हो रहे हैं।
3. क्या है जुनैद-नासिर हत्याकांड?
यह मामला 16 फरवरी 2023 का है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
- घटना: भरतपुर के रहने वाले चचेरे भाई जुनैद (35) और नासिर (27) का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी।
- बरामदगी: हरियाणा के भिवानी जिले में एक बोलेरो गाड़ी के अंदर दोनों के जले हुए शव मिले थे।
- पुष्टि: फॉरेंसिक जांच और डीएनए टेस्ट में पुष्टि हुई कि जींद की एक गौशाला से बरामद खून के धब्बे और जले हुए अवशेष जुनैद और नासिर के ही थे।
4. कानूनी कार्रवाई का सफर
मोनू मानेसर को भरतपुर पुलिस ने सितंबर 2023 में गिरफ्तार किया था। वह पिछले करीब ढाई साल से जेल में बंद था। उसके वकील नवीन कुमार जांगड़ा ने बताया कि हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद गुरुवार को जमानत मंजूर की थी। इस मामले में राजस्थान पुलिस ने आठ आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया था और अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।










