‘अस्थिरता के दौर में है दुनिया, बदलनी होगी सोच’; राहुल गांधी ने ऊर्जा संकट पर सरकार को चेताया, बोले— “सदन में बोलने के लिए शुरू हुई है नई बाधा”
"यह सिर्फ शुरुआत है, बड़ी मुसीबत आने वाली है": राहुल गांधी की सरकार को गंभीर चेतावनी। मध्य-पूर्व युद्ध से गहराया ऊर्जा संकट, एलपीजी और तेल की कीमतों पर 'नई प्रक्रिया' के कारण संसद में नहीं बोल पाए नेता प्रतिपक्ष। PNN24 की विशेष कवरेज।

आफताब फारुकी
नई दिल्ली (PNN24 News): लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत गंभीर और गैर-राजनीतिक चेतावनी जारी की है। मध्य-पूर्व (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक बड़े आर्थिक और ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ा है, जिससे निपटने के लिए सरकार को अपनी ‘पुरानी सोच’ बदलनी होगी।
1. ‘नई प्रक्रिया’ पर राहुल का तंज
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने देश में एलपीजी (LPG) और तेल की किल्लत पर सदन में बोलना चाहा, तो उन्हें एक ‘अजीब’ प्रक्रिया का सामना करना पड़ा।
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बाधा: उन्होंने पत्रकारों से कहा, “सदन में एक नई प्रक्रिया शुरू हुई है। पहले मंत्री तय करेंगे कि क्या बोलना है, फिर मैं बोलूँगा और फिर मंत्री जवाब देंगे। इस वजह से मैं अपनी बात नहीं रख पाया।”
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सच्चाई की मांग: राहुल ने कहा कि वे कोई राजनीतिक लाभ नहीं लेना चाहते, बल्कि केवल यह बताना चाहते हैं कि एलपीजी और तेल की वर्तमान स्थिति केवल “हिमशैल का सिरा” (Tip of the iceberg) है।
2. “सोच बदलनी पड़ेगी, वरना करोड़ों भुगतेंगे”
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि दुनिया अब एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुकी है और भारत को अपनी रणनीतियों पर गहराई से विचार करना होगा।
- तैयारी की कमी: उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री और सरकार को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। अगर हम पुरानी सोच के साथ चलते रहे, तो करोड़ों लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।”
- अस्थिरता का दौर: उन्होंने सुझाव दिया कि वैश्विक समीकरण बदल रहे हैं, इसलिए सरकार को संभावनाओं पर गहराई से विचार करना चाहिए ताकि आम जनता को बढ़ती कीमतों से बचाया जा सके।
3. ऊर्जा बाज़ार की ज़मीनी हकीकत (12 मार्च 2026)
राहुल गांधी की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाज़ार में तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल को पार कर गई हैं।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य: संघर्ष के कारण दुनिया के 20% तेल परिवहन का रास्ता (Strait of Hormuz) लगभग बंद है।
- भारत में असर: देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी और राशनिंग की खबरें आ रही हैं, जिससे रेस्तरां और घरेलू उपभोक्ता बुरी तरह प्रभावित हैं।
4. सरकार का पक्ष: “घबराने की ज़रूरत नहीं”
वहीं, दूसरी ओर पेट्रोलियम मंत्रालय ने दावा किया है कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25-28% की वृद्धि की गई है और सरकार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और स्पीकर ओम बिरला ने कहा है कि उचित समय पर इस विषय पर चर्चा की जाएगी।
📊 संकट का विश्लेषण: क्या वाकई मुसीबत बड़ी है?
| क्षेत्र | राहुल गांधी की चेतावनी | सरकार का दावा |
| LPG आपूर्ति | भारी किल्लत और कीमतें बढ़ने की आशंका | घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया, सप्लाई सुरक्षित |
| तेल की कीमतें | विदेशी नीति की विफलता से संकट | वैश्विक स्थिति पर नियंत्रण की कोशिश (IEA के साथ) |
| रणनीति | ‘सोच’ और ‘माइंडसेट’ बदलने की ज़रूरत | ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत योजना तैयार |











