महायुद्ध: ओमान में ईरानी हमले में भारतीय नागरिक की मौत; कुवैत में गिरे अमेरिकी लड़ाकू विमान और सऊदी अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन स्ट्राइक, हिज़्बुल्लाह का प्रतिशोध!
महायुद्ध का कोहराम: ओमान में ईरानी ड्रोन हमले में एक भारतीय की मौत। कुवैत में कई अमेरिकी लड़ाकू विमान गिरे। सऊदी अरामको की रिफाइनरी पर हमला। ईरान का ऐलान— "ट्रंप ने 'अमेरिका फर्स्ट' छोड़ 'इजरायल फर्स्ट' अपनाया, कोई समझौता नहीं होगा।"

शफी उस्मानी
PNN24 News: मध्य-पूर्व में जारी भीषण सैन्य संघर्ष अब निर्दोष नागरिकों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को अपनी चपेट में ले चुका है। पिछले एक घंटे में आई खबरों ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। ओमान के तट पर हुए एक ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुवैत के आसमान से अमेरिकी लड़ाकू विमानों के गिरने की खबरें आ रही हैं।
1. ओमान: भारतीय क्रू मेंबर की मौत
सल्तनत ऑफ़ ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने पुष्टि की है कि मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एमकेडी व्योम’ पर ईरान की ओर से ड्रोन हमला किया गया।
- नुकसान: हमले के कारण जहाज के इंजन रूम में जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई।
- कैजुअल्टी: इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की जान चली गई है।
- रेस्क्यू: टैंकर के 21 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें 16 भारतीय, 4 बांग्लादेशी और 1 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।
2. कुवैत: अमेरिकी लड़ाकू विमानों का पतन
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने सनसनीखेज जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह कई अमेरिकी लड़ाकू विमान (Fighter Jets) ज़मीन पर गिर गए हैं।
- ईरान का दावा: अपुष्ट दावों के अनुसार, इन विमानों को ईरानी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया है।
- हालात: कुवैत ने बताया कि विमानों के क्रू सुरक्षित हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। घटना की गहन जांच जारी है। इसी बीच, कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास से धुआं उठता देखा गया है, जिसके बाद नागरिकों को खिड़कियों से दूर और घरों की निचली मंजिल पर रहने की सलाह दी गई है।
3. सऊदी अरब: अरामको रिफाइनरी पर हमला
दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘सऊदी अरामको’ की रास तानूरा स्थित रिफ़ाइनरी को निशाना बनाकर दो ड्रोन दागे गए।
- सऊदी रक्षा मंत्रालय: मंत्रालय ने दावा किया कि दोनों ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
- असर: मलबे के कारण रिफ़ाइनरी के पास हल्की आग लगी, जिसे काबू कर लिया गया है। एहतियात के तौर पर कुछ यूनिट्स बंद की गई हैं, लेकिन तेल की सप्लाई फिलहाल जारी है।
4. अली लारीजानी का ट्रंप पर तीखा प्रहार
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने ‘अमेरिका फ़र्स्ट’ की नीति को दफन कर दिया है और अब वे ‘इजरायल फ़र्स्ट’ पर चल रहे हैं।
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कोई समझौता नहीं: लारीजानी ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईरान ओमान के जरिए अमेरिका से बात करना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम अमेरिका से कोई समझौता नहीं करेंगे। ट्रंप ने पूरे इलाके को एक बेकार जंग में झोंक दिया है।”
5. हिज़्बुल्लाह का प्रतिशोध
लेबनान के हिज़्बुल्लाह ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उसने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामनेई की हत्या के बदले में इज़राइल पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इज़राइली सेना ने स्वीकार किया है कि कई प्रोजेक्टाइल उनके क्षेत्र में गिरे हैं।
एक भारतीय की मौत के बाद अब भारत सरकार पर भी इस युद्ध को लेकर दबाव बढ़ सकता है। खाड़ी देशों में अमेरिकी दूतावासों का बंद होना और रिफाइनरियों पर हमले संकेत दे रहे हैं कि आने वाले घंटों में वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और युद्ध की विभीषिका और भी विकराल हो सकती है।










