‘AAP में महासंग्राम: आतिशी ने राघव चड्ढा पर दागे तीखे सवाल— “जब केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो आप लंदन में क्या कर रहे थे?”; “डर” और “हवाले” के आरोपों के बीच छिड़ी जुबानी जंग!’
बड़ी खबर: आम आदमी पार्टी में दरार! आतिशी ने राघव चड्ढा को घेरा, पूछा— "बीजेपी से इतना डरते क्यों हो?" राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए गए चड्ढा। लंदन यात्रा और विपक्षी एकजुटता पर चुप्पी को लेकर उठे सवाल। राघव चड्ढा का पलटवार— "खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ।" PNN24 की विशेष इनसाइड रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
नई दिल्ली (PNN24 News): आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर का अंतर्कलह अब सड़कों और सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गया है। दिल्ली की कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर ‘भाजपा से डरने’ और ‘पार्टी के संघर्षों से मुंह मोड़ने’ जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यह विवाद तब और गहरा गया जब पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाकर अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंप दी।
1. आतिशी के तीखे सवाल: “डर” या “समझौता”?
आतिशी ने एक वीडियो जारी कर राघव चड्ढा की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए:
- संसद में चुप्पी: आतिशी का आरोप है कि चड्ढा ने एलपीजी गैस संकट और पश्चिम बंगाल के चुनावों में धांधली जैसे मुद्दों पर संसद में आवाज नहीं उठाई।
- इस्तीफे से इनकार: उन्होंने दावा किया कि जब चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने की बारी आई, तो राघव चड्ढा पीछे हट गए।
- लंदन यात्रा: आतिशी ने तंज कसते हुए पूछा— “जब अरविंद केजरीवाल जी जेल में थे और हम सड़कों पर लड़ रहे थे, तब आप लंदन में क्या कर रहे थे? क्या आप बीजेपी के डर से भाग गए थे?”
2. राघव चड्ढा का जवाब: “खामोश करवाया गया हूँ”
पद से हटाए जाने और बोलने पर रोक लगाने के आरोपों के बीच राघव चड्ढा ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूँ।” चड्ढा ने एक वीडियो मोंटाज जारी किया जिसमें उन्होंने संसद में उठाए गए अपने पुराने मुद्दों (जैसे डेटा एक्सपायरी, गिग वर्कर्स के अधिकार) का हवाला दिया।
3. पार्टी का आधिकारिक रुख और ‘समोसा’ विवाद
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और नेता अनुराग ढांडा ने भी चड्ढा की आलोचना की है। मान ने कहा कि जो पार्टी लाइन से भटकता है, उस पर कार्रवाई तय है। वहीं, अनुराग ढांडा ने तंज कसा कि पार्टी के पास संसद में बोलने के लिए कम समय होता है, उस कीमती समय में चड्ढा ‘समोसा’ और ‘पिज़्ज़ा’ जैसे हल्के मुद्दे उठाकर समय बर्बाद कर रहे थे, जबकि देश जल रहा था।












