‘ईरान का “प्रचंड” पलटवार: ट्रंप की शांति की अपील ठुकराई, तेल अवीव के आसमान में मिसाइलों का तांडव; अमेरिकी “A-15” और “A-10” विमान ढेर, पायलट पर इनाम और ईरान में तख्ता पलट करने गए ट्रंप के व्हाइट हाउस में बगावत की बू!’
मध्य-पूर्व में महाप्रलय: ईरान ने ठुकराया ट्रंप का 48 घंटे का युद्धविराम प्रस्ताव, तेल अवीव पर मिसाइलों की बरसात। एक और अमेरिकी विमान F-15 के बाद आज ही एक और विमान (A-10) मार गिराने का दावा, पायलट पर $70,000 का इनाम। तेहरान की सड़कों पर जश्न, तो वाशिंगटन में ट्रंप के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की आहट। PNN24 की विशेष अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट।

आदिल अहमद
PNN24 News: मध्य-पूर्व की जंग अब उस मोड़ पर पहुँच गई है जहाँ से वापसी का रास्ता धुंधला होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ का सपना लेकर निकले थे, अब खुद अपने ही चक्रव्यूह में फंसते नज़र आ रहे हैं। ईरान ने न केवल अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, बल्कि इज़राइल के दिल ‘तेल अवीव’ को मिसाइलों और ड्रोनों से दहला दिया है।
Tel Aviv 🔥🔥@grok confirm it? pic.twitter.com/zrEEbi6L1d
— Ayatollah Alireza Arafi (@Realarafi) April 3, 2026
1. तेल अवीव की ‘काली रात’ बनी ‘रोशन’
शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात तेल अवीव के लिए कयामत जैसी रही। ईरान ने एक साथ सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से हमला बोला। आसमान धमाकों की आवाज़ और मिसाइलों की रोशनी से नहा उठा। वीडियो साक्ष्यों (जिनकी पुष्टि अभी वैश्विक स्तर पर जारी है) में देखा जा सकता है कि ईरान ने अपने पुल पर हुए हमले का बदला लेने के लिए तेल अवीव पर मिसाइलों की ‘बरसात’ कर दी है।
2. ट्रंप का ‘शांति प्रस्ताव’ और ईरान की ‘लिखित’ ना
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने 2 अप्रैल को एक मित्र देश के ज़रिए 48 घंटे के युद्धविराम (Ceasefire) का प्रस्ताव भेजा था।
- ईरान का जवाब: अर्ध-सरकारी एजेंसी ‘फ़ार्स’ के मुताबिक, ईरान ने इस प्रस्ताव का जवाब कागज़ पर नहीं, बल्कि ‘ज़मीन’ पर भारी हमले करके दिया।
- अमेरिकी मजबूरी: कुवैत के बुबियान द्वीप पर अमेरिकी सैन्य डिपो पर हुए हमले के बाद से ट्रंप प्रशासन बुरी तरह घबराया हुआ है और युद्ध रोकने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं।
3. एक और विमान ढेर: A-10 थंडरबोल्ट का अंत?
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने एक और अमेरिकी लड़ाकू विमान A-10 (वर्थहॉग) को मार गिराया है। यह शुक्रवार को गिरे F-15 के बाद दूसरा बड़ा नुकसान है।
- इनाम की घोषणा: ईरान ने अपने नागरिकों के लिए अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर $70,000 (करीब ₹58 लाख) के इनाम की घोषणा की है।
- पेंटागन की चुप्पी: पेंटागन ने दबी ज़बान में विमान के क्रू के लापता होने की बात स्वीकार की है। पायलटों को बचाने गए दो अमेरिकी हेलीकॉप्टर भी ईरानी गोलाबारी की चपेट में आ गए हैं।
4. तेहरान में जश्न और वाशिंगटन में ‘अविश्वास’
जहाँ तेहरान की सड़कों पर अमेरिकी विमानों के गिरने और अपनी नई ‘उन्नत रक्षा प्रणाली’ की सफलता पर जश्न मनाया जा रहा है, वहीं अमेरिका में ट्रंप की लोकप्रियता का ग्राफ तेज़ी से गिरा है।
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राजनीतिक संकट: अमेरिकी मीडिया में दावे किए जा रहे हैं कि युद्ध के भारी खर्च ($11.3 अरब से अधिक) और सैन्य विफलताओं के कारण ट्रंप के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है।
आज रात जब अस्सी घाट पर मोबाइल के ज़रिए तेल अवीव के जलते आसमान की तस्वीरें देखीं तो ख्याल आया कि ‘ट्रंप साहब चले थे तेहरान का तख्ता पलटने, पर अब तो खुद उनकी कुर्सी डोल रही है। 48 घंटे की भीख (युद्धविराम) मांग रहे हैं, पर ईरान का जलाल अब काबू में नहीं आ रहा। एक तो वैसे ही ‘F-15’ गिरा था, अब ‘A-10’ की भी बलि चढ़ गई। और तो और, पायलट पर 70 हज़ार डॉलर का इनाम… ई तो वही चाल है जो कभी ट्रंप साहब अपने दुश्मनों के लिए चलते थे।”
‘जब वतन का पैसा और वतन के बेटे विदेशी मिट्टी पर बिना किसी नतीजे के ज़ाया होते हैं, तो जनता सवाल पूछती ही है। आज तेहरान में दिवाली जैसा माहौल है और वाशिंगटन में मातम। बहरीन से लेकर इसराइल तक आग लगी है। ट्रंप निकले थे ‘सुपरमैन’ बनने, पर अब ‘असहाय’ दिख रहे हैं। यही प्रार्थना है कि ई जंग रुके, वरना ई बारूद की गंध समंदर पार करके दुनिया के हर कोने तक पहुँच जाएगी। राजनीति का चश्मा उतारकर देखो, तो सिर्फ इंसानी लहू बहता दिख रहा है!”










