“कोडिन किंगपिन” शुभम जयसवाल का राईट हैण्ड वैभव गिरफ्तार: ₹10 के नोट के कोड से चलता था 50 करोड़ का हवाला साम्राज्य; सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जयसवाल के भतीजे ने खोले बड़ा राज़, बोले प्रदीप जयसवाल ‘2008 से नहीं है दोनों परिवारों में कोई सम्बन्ध’
वाराणसी: करोड़ों के कफ सिरप तस्करी कांड में बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का 'राइट हैंड' वैभव गिरफ्तार। ₹10 के नोट से होता था करोड़ों का हवाला लेनदेन। सपा नेता प्रदीप जायसवाल के भतीजे होने पर सियासत गर्म, चाचा ने झाड़ा पल्ला। बांग्लादेश तक फैला है सिंडिकेट। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी की कोतवाली पुलिस और एसआईटी (SIT) ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के सबसे भरोसेमंद राजदार और हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। वैभव न केवल तस्करी की काली कमाई को सफेद करता था, बल्कि बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल तक फैले हवाला नेटवर्क का मुख्य संचालनकर्ता भी था।
1. ₹10 का नोट और करोड़ों का ‘खेल’
पूछताछ में वैभव ने हवाला कारोबार के चौंकाने वाले तौर-तरीकों का खुलासा किया है। गिरोह रोजाना करीब 50 करोड़ रुपये का लेनदेन करता था।
- कोड सिस्टम: भुगतान के लिए ₹10 के नोट का इस्तेमाल टोकन के रूप में होता था।
- वेरिफिकेशन: नोट का खास नंबर वॉट्सएप के जरिए दूसरे शहर के नेटवर्क को भेजा जाता था। नोट का मिलान होते ही करोड़ों की नकदी सौंप दी जाती थी।
2. सपा नेता से जुड़ा नाम: चाचा ने कहा— “हमारा कोई रिश्ता नहीं”
गिरफ्तार वैभव जायसवाल सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल का सगा भतीजा है। इस खुलासे के बाद जिले की सियासत गरमा गई है। हालांकि, प्रदीप जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि:
- उनका वैभव के परिवार से साल 2008 से कोई संबंध नहीं है।
- संपत्ति विवाद को लेकर वैभव के पिता से उनका मुकदमा चल रहा है।
- उन्होंने इस पूरी स्थिति से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अवगत करा दिया है।
3. शुभम जायसवाल: दुबई और नेपाल में ठिकाने
तस्करी का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल फिलहाल फरार है। आशंका है कि वह दुबई या नेपाल में छिपा है। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के अनुसार, शुभम फरारी के दौरान भी वैभव से फेसटाइम पर संपर्क में था। वैभव के ठिकानों से भारी मात्रा में विदेशी और भारतीय करेंसी बरामद होने की भी चर्चा है।
4. एसआईटी की रडार पर पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा
इस सिंडिकेट के तार पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा की जेलों तक जुड़े हैं। वाराणसी पुलिस जल्द ही त्रिपुरा जेल जाकर सौरभ त्यागी से पूछताछ करेगी। रोहनिया के भदवर स्थित जिम के गोदाम से बरामद 500 पेटी कफ सिरप के मामले में वैभव की गिरफ्तारी को सबसे बड़ी कड़ी माना जा रहा है।
📝 काका का नज़रिया:
ई खबरिया पढ़ कर हमारे काका एकदम्मे फडफडा कर बोले “बबुआ, ₹10 के नोट की कीमत आज पता चली, यहाँ तो नोट की फोटो से ही करोड़ों का वारा-न्यारा हो रहा है!”
काका ने अपनी ऐनक साफ़ करते हुए गहरी चिंता जताई।
काका बोले: “बबुआ, कफ सिरप तो बहाना है, असली खेल तो इस ‘हवाला’ का है जिसने समंदर पार तक जाल बिछा रखा है। ₹10 के नोट को ‘पासवर्ड’ बनाकर 50 करोड़ रोज़ाना इधर-उधर करना… ई तो बड़े-बड़े फिल्मकारों की कहानी फेल कर दे। पर सबसे दुखद ई है कि इसमें रसूखदारों के नाम भी घसीटे जा रहे हैं। चाचा कह रहे हैं कि रिश्ता नहीं है, भतीजा जेल की हवा खा रहा है। राजनीति और अपराध की ई जुगलबंदी समाज के लिए कैंसर है।”
मैंने पूछा— “काका, शुभम जायसवाल तो अभी भी हाथ नहीं आया?”
काका का जवाब: “अरे बबुआ, जब तक सफेदपोशों और अधिवक्ताओं का हाथ शुभम जैसे लोगों पर रहेगा, वो फेसटाइम पर ‘दर्शन’ देता रहेगा। पर पुलिस भी अब फॉर्म में है। वैभव का पकड़ा जाना उस दीवार की पहली ईंट का गिरना है, जो तस्करी के साम्राज्य को बचा रही थी। काशी की गलियों में नशा और हवाला का ई ज़हर घोलने वालों को ऐसी सज़ा मिले कि अगली बार कोई ₹10 का नोट देख कर भी कांप जाए!”
📊 हवाला सिंडिकेट: मुख्य साक्ष्य (Investigation Highlights)
| विवरण | जानकारी |
| गिरफ्तार आरोपी | वैभव जायसवाल (निवासी: दारानगर, जैतपुरा) |
| मास्टरमाइंड | शुभम जायसवाल (फरार: दुबई/नेपाल की आशंका) |
| लेनदेन की तकनीक | ₹10 के नोट का सीरियल नंबर (वॉट्सएप कोड) |
| दैनिक टर्नओवर | करीब ₹50 करोड़ |
| अन्य आरोपी | प्रशांत पाठक, मनोज यादव, लक्ष्य यादव (जेल में) |
| अगली कार्रवाई | त्रिपुरा जेल में सौरभ त्यागी से पूछताछ |











