‘मेरठ कैंट बोर्ड में सीबीआई का बड़ा धमाका: 3 लाख की रिश्वत लेते मनोनीत सदस्य भाजपा नेता डॉ. सतीश चंद्र शर्मा गिरफ्तार; पार्किंग ठेके के नाम पर मांगे थे ₹9 लाख!’
मेरठ: कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को सीबीआई गाजियाबाद की टीम ने 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार। अंसल टाउन स्थित आवास पर पार्किंग ठेके के नवीनीकरण के नाम पर ली थी घूस। क्लीनिक और घर पर सीबीआई की छापेमारी, PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान
मेरठ (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी और प्रशासनिक महकमे को हिला देने वाली खबर सामने आ रही है। कैंटोनमेंट बोर्ड में सरकार द्वारा मनोनीत सदस्य और शहर के जाने-माने चिकित्सक डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को सीबीआई (CBI) गाजियाबाद की टीम ने शुक्रवार देर शाम तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पल्लवपुरम के अंसल टाउन स्थित उनके निजी आवास पर की गई, जहां वे ठेकेदार से पार्किंग ठेके के नवीनीकरण (Renewal) के एवज में घूस की पहली किस्त ले रहे थे। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से ही शहर के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
🚗 ₹9 लाख की डिमांड, 3 लाख में तय हुआ था सौदा
वारदात और सीबीआई की कार्रवाई के संबंध में मिली प्रामाणिक जानकारी के अनुसार:
- आरोपी का प्रोफाइल: डॉ. सतीश चंद्र शर्मा पल्लवपुरम के अंसल टाउन में अपने परिवार के साथ रहते हैं और सरकार द्वारा कैंट बोर्ड में मनोनीत सदस्य हैं। इसके साथ ही मेरठ के लालकुर्ती इलाके में उनका अपना एक निजी क्लीनिक भी है।
- रिश्वत की वजह: डॉ. सतीश चंद्र शर्मा ने ‘बाला जी कंस्ट्रक्शन’ के ठेकेदार विक्की (निवासी: गंगानगर) से कैंट बोर्ड के प्रसिद्ध गांधी बाग समेत कई अन्य पार्किंग ठेकों के नवीनीकरण के नाम पर शुरुआत में 9 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी थी।
- शिकायत और जाल: ठेकेदार विक्की इतनी बड़ी रकम देने के पक्ष में नहीं था, लिहाजा लंबी बातचीत के बाद सौदा 3 लाख रुपये में तय हुआ। इसी बीच ठेकेदार ने पूरी चालाकी दिखाते हुए इस घूसखोरी की शिकायत सीबीआई के गाजियाबाद कार्यालय में दर्ज करा दी और सतीश चंद्र शर्मा से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सबूत के तौर पर सीबीआई को सौंप दी।
🎭 ‘रिश्तेदार’ बनकर पहुंची सीबीआई; रंगे हाथों दबोचे गए डॉक्टर साहब
शिकायत की सत्यता जांचने के बाद सीबीआई ने डॉ. सतीश चंद्र शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया और जाल बिछाया।
शुक्रवार देर शाम सीबीआई की एक विशेष टीम ठेकेदार विक्की के साथ उसके ‘रिश्तेदार’ बनकर डॉ. सतीश के अंसल टाउन स्थित आवास पर पहुंची। जैसे ही ठेकेदार ने तयशुदा 3 लाख रुपये डॉ. सतीश चंद्र शर्मा के हाथों में थमाए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद सीबीआई के अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। सीबीआई ने रिश्वत के नोटों की गड्डियां अपने कब्जे में ले लीं।
📂 घर और क्लीनिक पर घंटों चली छापेमारी; फाइलें जब्त, मोबाइल फोन रखवाए
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीम ने डॉ. सतीश के पूरे आवास की सघन पड़ताल शुरू कर दी।
- फाइलें लीं कब्जे में: घर के भीतर चल रही जांच के दौरान टीम ने कैंट बोर्ड से जुड़ी कई महत्वपूर्ण और गोपनीय फाइलें अपने कब्जे में ले ली हैं।
- परिजनों के फोन जब्त: कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए सीबीआई ने परिवार के सभी सदस्यों को घर के अंदर ही रोक दिया और उनके मोबाइल फोन अपने पास रखवा लिए।
- क्लीनिक पर भी रेड: अंसल टाउन आवास के साथ-साथ सीबीआई की एक समानांतर टीम डॉ. सतीश चंद शर्मा के लालकुर्ती स्थित क्लीनिक पर भी पहुंची और देर रात तक वहां के दस्तावेजों को खंगाला। बाजार में यह भी चर्चा रही कि आवास से सीबीआई ने एक मोटी रकम (कैश) बरामद की है, हालांकि आधिकारिक सूत्रों द्वारा इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है।
👮 भाजपा नेताओं का जमावड़ा, एसएसपी अविनाश पांडेय का बयान
केंद्र सरकार के मनोनीत सदस्य की गिरफ्तारी की भनक लगते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता अंसल टाउन स्थित आवास पर पहुंच गए। हालांकि, वहां मौजूद सुरक्षा बलों और पुलिस ने किसी भी नेता को न तो घर के अंदर जाने दिया और न ही आरोपी डॉ. सतीश चंद्र शर्मा से मिलने दिया।
इस पूरी कार्रवाई पर जानकारी देते हुए मेरठ के एसएसपी (SSP) अविनाश पांडेय ने बताया कि सीबीआई की टीम ने अपनी सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल की मांग की थी, जिसके बाद पल्लवपुरम थाने से पर्याप्त पुलिस बल सीबीआई को मुहैया करा दिया गया था। फिलहाल सीबीआई आरोपी को हिरासत में लेकर गाजियाबाद रवाना हो चुकी है, जहां कोर्ट में पेशी के बाद आगे की रिमांड ली जाएगी।











