‘धार भोजशाला विवाद: हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट; ऐतिहासिक परंपरा टूटने से दुख, शहर में 2000 जवानों का कड़ा पहरा!’

कमाल मौला मस्जिद-भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की है। धार के सदर अब्दुल समद ने फैसले को एकतरफा बताया। जुमे की नमाज़ और धार में सुरक्षा के कड़े इंतजामों पर PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान 

नई दिल्ली (PNN24 News): मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक कमाल मौला मस्जिद-भोजशाला परिसर को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर पहुंच गया है। इंदौर हाई कोर्ट के फैसले से असहमत मुस्लिम पक्ष ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (Special Leave Petition – SLP) दाखिल कर दी है। इस बीच, परिसर में वर्षों से चली आ रही जुमे की नमाज़ की परंपरा के प्रभावित होने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर धार प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

⚖️ फैसले को बताया एकतरफा, कानूनी दायरे में जारी रहेगी लड़ाई

धार के सदर अब्दुल समद ने हाई कोर्ट के इस फैसले को एकतरफा करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। बीबीसी से बातचीत के दौरान उन्होंने समाज की चिंताओं और अपनी आगे की रणनीति को स्पष्ट किया।

सदर अब्दुल समद ने कहा:

“कमाल मौला मस्जिद में पिछले करीब 700 साल से लगातार जुमे की नमाज़ अदा होती आ रही है। यह पहला ऐसा जुम्मा है जब हम यहां नमाज़ नहीं अदा कर पाएंगे। इस ऐतिहासिक परंपरा के प्रभावित होने से मुस्लिम समाज के भीतर गहरा दुख है। इसके बावजूद, हमारी आगे की लड़ाई पूरी तरह से संवैधानिक और कानूनी दायरे में ही लड़ी जाएगी।”

वहीं दूसरी ओर, शहर काजी वकार सादिक ने उम्मीद जताते हुए कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट से राहत और स्थगन आदेश (Stay Order) मिल जाता है, तो मुस्लिम समाज पहले की तरह ही वहां नमाज़ अदा करना जारी रखेगा। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से प्रशासन की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करने और हर हाल में अमन-चैन बनाए रखने की पुरज़ोर अपील की है।

🛡️ धार में छावनी जैसी सुरक्षा: 2000 जवान और 8 विशेष कंपनियां तैनात

हाई कोर्ट के आदेश और उसके बाद उपजी संवेदनशील स्थिति को देखते हुए धार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अत्यधिक मुस्तैद है। पूरे शहर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए पुलिस के करीब दो हजार अधिकारी और जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए हैं।

सुरक्षा बेड़े में स्थानीय पुलिस के अलावा निम्नलिखित विशेष सुरक्षा बल भी शामिल हैं:

  • रैपिड एक्शन फ़ोर्स (RAF)
  • पैरामिलिट्री फ़ोर्स (अर्धसैनिक बल)
  • स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF)
  • घुड़सवार पुलिस
  • कुल आठ विशेष सुरक्षा कंपनियां

🗣️ अफवाहों पर सख्त नजर, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में

धार के पुलिस अधीक्षक (SP) सचिन शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस बल की भारी तैनाती के साथ-साथ प्रशासन समाज के हर वर्ग के प्रबुद्ध लोगों और प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत कर रहा है। सभी पक्षों ने शहर में आपसी समन्वय और शांति बनाए रखने का पूरा भरोसा दिया है।

एसपी सचिन शर्मा ने भ्रामक संदेशों पर बोलते हुए कहा:

“कुछ असामाजिक तत्वों ने बीते दो दिनों के भीतर हाई कोर्ट के आदेश का गलत इंटरप्रेटेशन (गलत व्याख्या) निकालकर कुछ भ्रामक संदेश सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन तत्वों से भी बात की है और शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल धार में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *