कानपुर में 14 साल की नाबालिग से गैंगरेप का आरोपी दरोगा अमित मौर्या 144 दिनों बाद गिरफ्तार; घर पर मुनादी और 500 पन्नों की चार्जशीट के बाद भी था फरार!’
कानपुर: सचेंडी नाबालिग गैंगरेप केस का मुख्य आरोपी और 50 हजार का इनामी दरोगा अमित कुमार मौर्या 144 दिनों बाद गिरफ्तार। यूट्यूबर शिवबरन के साथ मिलकर 14 साल की बच्ची से की थी दरिंदगी। पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की है 500 पन्नों की चार्जशीट। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आदिल अहमद
कानपुर (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाकी को बुरी तरह कलंकित करने वाले बहुचर्चित नाबालिग गैंगरेप मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सचेंडी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी और भीमसेन चौकी पर तैनात रहे फरार दरोगा अमित कुमार मौर्या को पुलिस ने वारदात के 144 दिनों बाद दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपी दरोगा को पहले ही निलंबित कर उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर के सख्त रुख के कारण आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जा सका है।
🚨 शौच के लिए निकली पीड़िता को बंधक बनाकर 45 मिनट तक की दरिंदगी
इस रूह कंपा देने वाली वारदात की पूरी कहानी इस प्रकार है:
- 5 जनवरी की वारदात: सचेंडी क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय पीड़िता के मुताबिक, यह खौफनाक घटना 5 जनवरी की रात करीब 9:30 बजे हुई थी, जब वह घर से बाहर शौच के लिए निकली थी।
- दरोगा और यूट्यूबर ने किया गैंगरेप: इसी दौरान भीमसेन चौकी पर तैनात दरोगा अमित कुमार मौर्या ने अपने साथी यूट्यूबर शिवबरन सिंह के साथ मिलकर नाबालिग को बंधक बना लिया और उसके साथ गैंगरेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
- घर के पास फेंककर हुए फरार: आरोपियों ने मासूम के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं और करीब 45 मिनट तक दरिंदगी करने के बाद उसे घर के पास बदहवास हालत में फेंककर फरार हो गए।
🤐 केस दर्ज होने पर दी जान से मारने की धमकी; यूट्यूबर पहले ही गया जेल
घटना के बाद पीड़ित किशोरी की शिकायत पर सचेंडी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता का आरोप है कि मामला दर्ज कराने पर आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या ने उसे और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की सीधी धमकी दी थी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए सह-आरोपी यूट्यूबर शिवबरन सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी दरोगा अपनी ही पुलिस को चकमा देकर लगातार फरार चल रहा था। दरोगा के इतने दिनों तक फरार रहने को लेकर पुलिस की साख पर चौतरफा सवाल उठ रहे थे।
🎯 पुलिस कमिश्नर का सख्त रुख, लगीं 4 टीमें और 50 हजार का इनाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। दरोगा को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच (Crime Branch) समेत कुल चार विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।
🥁 गोरखपुर वाले घर पर हुई थी मुनादी, कोर्ट में 500 पेज की चार्जशीट दाखिल
सचेंडी पुलिस ने इस मामले की गहनता से तफ्तीश करने के बाद आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या के खिलाफ अदालत में 500 पन्नों की पुख्ता चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की थी।
चार्जशीट दायर होने के बाद करीब दो महीने पहले पुलिस की एक टीम आरोपी दरोगा के गोरखपुर स्थित पैतृक आवास पर पहुंची थी। वहां बकायदा डुगडुगी पिटवाकर (मुनादी कराकर) कोर्ट का नोटिस चपरासी द्वारा घर पर चपकाया गया था। इस अदालती नोटिस में आरोपी दरोगा को 30 अप्रैल तक हर हाल में कोर्ट में हाजिर होने का समय दिया गया था, लेकिन कानून का रखवाला बना यह अपराधी इसके बाद भी अदालत में पेश नहीं हुआ।
🚔 सोना रोड से हुई गिरफ्तारी; ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर का बयान
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (हेडक्वार्टर) संकल्प शर्मा ने दरोगा की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि 29 मई को सचेंडी पुलिस को सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद घेराबंदी कर आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या को सचेंडी से ग्राम सोना की ओर जाने वाली सड़क से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में एक आरोपी पहले ही जेल में है और अब दरोगा की गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई को और तेज किया जाएगा ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।











