‘लखीमपुर खीरी में भ्रष्टाचार पर “सर्जिकल स्ट्राइक”: एंटी करप्शन टीम ने वन विभाग के लिपिक को 8000 की रिश्वत लेते दबोचा; विभाग में मचा हड़कंप!’
लखीमपुर खीरी: भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन टीम का बड़ा प्रहार। वन विभाग का कनिष्ठ लिपिक विक्रांत नेगी 8000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार। दुधवा बफर जोन में तैनात लिपिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई। PNN24 की विशेष क्राइम रिपोर्ट।

फारुख हुसैन
लखीमपुर खीरी (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने वन विभाग के एक कनिष्ठ लिपिक को पीड़ित से आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से वन विभाग के गलियारों में खलबली मच गई है।
1. जाल बिछाकर हुई गिरफ्तारी
- आरोपी की पहचान: गिरफ्तार किया गया लिपिक विक्रांत नेगी है, जो दुधवा बफर जोन और खीरी वन प्रभाग में कनिष्ठ लिपिक (Junior Clerk) के पद पर तैनात है।
- शिकायत: पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम को लिखित शिकायत दी थी कि लिपिक किसी कार्य के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा है।
- कार्रवाई: शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
2. कानूनी प्रक्रिया और खलबली
- मुकदमा: आरोपी लिपिक को हिरासत में लेकर संबंधित थाने ले जाया गया है, जहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
- साक्ष्य: टीम ने मौके से रिश्वत की रकम और अन्य आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं।
- विभागीय रुख: इस कार्रवाई के बाद वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच के संकेत दिए हैं।











