‘NEET 2026 पेपर लीक का पूरा सच: NTA एक्सपर्ट प्रो. मनीषा मांढरे समेत अब तक 9 गिरफ्तार; मास्टरमाइंड से लेकर कन्सल्टेंट और छात्रों तक, पढ़ें सभी आरोपियों की पूरी कुंडली!’
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन: पुणे की प्रोफेसर मनीषा मांढरे सहित अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार। मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से लेकर गुरुग्राम के यश यादव तक, जानें कौन हैं देश के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ये 9 चेहरे और क्या है इनका पूरा कच्चा चिट्ठा। PNN24 की विशेष खोजी रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
नई दिल्ली/पुणे (PNN24 News): नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नीट यूजी-2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले ने पूरे देश के शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है. सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर सहित छह महत्वपूर्ण ठिकानों पर छापेमारी कर कई लैपटॉप, मोबाइल, बैंक स्टेटमेंट और गुप्त दस्तावेज जब्त किए हैं. सरकार की मंजूरी के बाद एनटीए ने आगामी 21 जून को नीट 2026 की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है.

🔍 नीट पेपर लीक के सभी 9 अभियुक्तों का पूरा ब्यौरा:
1. प्रो. मनीषा मांढरे (पुणे, महाराष्ट्र) – NTA एक्सपर्ट और सीनियर प्रोफेसर
- कौन हैं: पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पिछले 24 वर्षों से बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) की वरिष्ठ प्रोफेसर हैं और 7 महीने बाद रिटायर होने वाली थीं.
- भूमिका: इन्हें NTA ने नीट परीक्षा के लिए ‘एक्सपर्ट’ नियुक्त किया था और इन्हें बॉटनी व ज़ूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक पूरी एक्सेस हासिल थी. आरोप है कि इन्होंने अप्रैल 2026 में अपने घर पर विशेष कोचिंग चलाकर छात्रों को वे सवाल नोट करवाए, जो 3 मई 2026 के असली नीट पेपर से हूबहू मिलते थे. सीबीआई ने इन्हें गहन जांच के बाद दिल्ली में गिरफ्तार किया.
2. प्रहलाद विट्ठलराव कुलकर्णी उर्फ पीवी कुलकर्णी (पुणे/लातूर) – ‘मास्टरमाइंड’
- कौन हैं: मूल रूप से लातूर के निवासी कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज में 27 साल केमिस्ट्री के प्रोफेसर रहे और 2022 में रिटायर हुए. बाद में वे पुणे में बस गए और प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET, JEE, MHT-CET) के लिए मॉक टेस्ट व गाइडेंस का संगठन चलाने लगे.
- भूमिका: सीबीआई ने इन्हें इस पूरे पेपर लीक कांड का ‘मास्टरमाइंड’ (मुख्य साजिशकर्ता) बताया है. इन्होंने कथित तौर पर एनटीए की पेपर सेटिंग प्रक्रिया का फायदा उठाकर छात्रों को भारी रकम के बदले ‘गेस पेपर’ और लीक प्रश्नपत्र बांटे.
3. मनीषा वाघमारे (महाराष्ट्र) – मिडिएटर (बिचौलिया)
- कौन हैं: मनीषा वाघमारे का सीधा संबंध मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और प्रोफेसर मनीषा मांढरे से था.
- भूमिका: वह मनीषा मांढरे के जरिए पीवी कुलकर्णी को जानती थीं. आरोप है कि इन्होंने अप्रैल 2026 के दौरान पुणे में संभावित नीट उम्मीदवारों को इकट्ठा करने और उन्हें प्रोफेसर मनीषा मांढरे के घर चल रही विशेष लीक कक्षाओं तक पहुंचाने का काम किया था. इन्हें 14 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया.
4. शुभम खैरनार (नासिक, महाराष्ट्र) – कन्सल्टेंसी संचालक
- कौन हैं: नासिक का रहने वाला 30 वर्षीय शुभम वहां ‘एसआर एजुकेशन कन्सल्टेंसी’ (SR Education Consultancy) नाम से अपना बिजनेस चलाता था.
- भूमिका: पुलिस इनपुट के अनुसार, नीट का लीक प्रश्नपत्र नासिक के एक टेलीग्राम ग्रुप पर भेजा गया था. शुभम ने 29 अप्रैल 2026 को धनंजय लोखंडे से प्रश्नपत्र की पीडीएफ (PDF) हासिल की और उसे आगे यश यादव, मांगीलाल खटीक और बिवाल बंधुओं को फॉरवर्ड कर दिया. नासिक पुलिस ने इसे 12 मई 2026 को गिरफ्तार कर सीबीआई को सौंपा.
5. धनंजय लोखंडे (अहिल्यानगर, महाराष्ट्र) – लीक चेन की अहम कड़ी
- कौन हैं: अहिल्यानगर जिले का निवासी जो शुभम खैरनार का करीबी परिचित है.
- भूमिका: जांच के मुताबिक, धनंजय लोखंडे ने मनीषा वाघमारे से नीट परीक्षा का लीक पेपर हासिल किया था और फिर उसे नासिक के शुभम खैरनार को सौंप दिया था.
6. मांगीलाल बिवाल (जमवारामगढ़, जयपुर, राजस्थान) – खरीदार व वितरक
- कौन हैं: राजस्थान के जयपुर का निवासी, जिसका बेटा विकास बिवाल सवाई माधोपुर के मेडिकल कॉलेज में MBBS फर्स्ट ईयर का छात्र है.
- भूमिका: मांगीलाल पर लीक प्रश्नपत्र मोटी रकम में खरीदने और उसे बांटने का आरोप है. इस परिवार पर आरोप है कि इन्होंने नीट-2025 में भी हरियाणा के यश यादव के जरिए पेपर खरीदा था, जिससे इनके परिवार के 5 बच्चों का सिलेक्शन हुआ था.
7. दिनेश बिवाल (जयपुर, राजस्थान) – वित्तीय लेन-देन का आरोपी
- कौन हैं: आरोपी मांगीलाल बिवाल का भाई.
- भूमिका: दिनेश को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है. इस पूरे पेपर लीक रैकेट के पीछे जो भारी-भरकम वित्तीय लेन-देन (Financial Transactions) हुआ, उसमें दिनेश बिवाल की सीधी संलिप्तता के गंभीर आरोप हैं.
8. विकास बिवाल (सवाई माधोपुर/जयपुर) – एमबीबीएस छात्र
- कौन हैं: मांगीलाल बिवाल का बेटा जो वर्तमान में मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है.
- भूमिका: लीक सिंडिकेट का हिस्सा होने और पेपर को आगे सर्कुलेट करने के मामले में सीबीआई ने इसे भी दबोचा है.
9. यश यादव (गुरुग्राम, हरियाणा) – बीएएमएस छात्र व डीलर
- कौन हैं: हरियाणा के गुरुग्राम का रहने वाला यश यादव उत्तरकाशी से बीएएमएस (BAMS – आयुर्वेद चिकित्सा) की पढ़ाई कर रहा था.
- भूमिका: यश यादव इस नेटवर्क का एक और मजबूत सिरा है. इसे नासिक के शुभम खैरनार से प्रश्नपत्र की पीडीएफ प्राप्त हुई थी. साथ ही, बिवाल परिवार को पहले भी पेपर मुहैया कराने के तार इससे जुड़े हुए हैं.
📝 विशेष कॉलम: मोरबतियाँ (लेखक: तारिक आज़मी)

काका का नज़रिया: “बबुआ, जो बच्चे दिन-रात लालटेन जलाकर और अपनी रीढ़ की हड्डी टेढ़ी करके डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, उनके सपनों पर डाका डालने वाले ये सफेदपोश ‘गुरु’ और ‘कन्सल्टेंट’ समाज के सबसे बड़े मुजरिम हैं। एनटीए के एक्सपर्ट ही जब पेपर बेचने लगें, तो व्यवस्था का ‘आईसीयू’ में जाना तय है!”
आज नीट परीक्षा के इस नए खुलासे और नौ गिरफ्तारियों पर बनारसी मिजाज में गहरी चर्चा हो रही थी। काका ने चाय का आखिरी घूंट लेते हुए माथे पर बल लाकर अपनी बात रखी।
काका बोले: “बबुआ, देश का भविष्य कहाँ जा रहा है? लातूर के 27 साल केमिस्ट्री पढ़ाने वाले पीवी कुलकर्णी साहब रिटायरमेंट के बाद सीधे ‘पेपर लीक के मास्टरमाइंड’ बन गए! और पुणे की वो प्रोफेसर साहिबा, मनीषा मांढरे… जो सात महीने बाद पूरी इज्जत के साथ विदा होने वाली थीं, उन्होंने ‘डार्लिंग’ वाले उस लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की तरह ही शिक्षा के मंदिर को कलंकित कर दिया। एनटीए ने उन पर भरोसा करके बॉटनी-जूलॉजी के प्रश्नपत्र सौंपे, और उन्होंने अपने घर पर ही लीक प्रश्नों की ‘स्पेशल क्लास’ खोल दी। धिक्कार है ऐसी लालच पर!”
मैंने पूछा— “काका, सीबीआई ने नासिक से लेकर जयपुर और गुरुग्राम तक पूरा नेटवर्क खोज निकाला है, क्या 21 जून की दोबारा परीक्षा से बच्चों को न्याय मिलेगा?”
काका का जवाब: “सीबीआई की ये कार्रवाई तो काबिले-तारीफ है बबुआ, नासिक के शुभम खैरनार के टेलीग्राम ग्रुप से लेकर जयपुर के बिवाल परिवार तक, जिसने पिछली बार भी 5 बच्चे फर्जी तरीके से पास कराए, सबको दबोच लिया गया है। लेकिन असली सवाल यह है कि परीक्षा दोबारा करा देने से उन बच्चों के मानसिक तनाव का क्या होगा जो पूरी ईमानदारी से पढ़ते हैं? जब तक इन दोषियों को ऐसी सजा नहीं मिलेगी कि इनकी आने वाली नस्लें भी पेपर चोरी करने से कांपें, तब तक सिस्टम साफ नहीं होगा। काशी की अड़ियों पर हम यही कहते हैं— ‘साहब, डॉक्टर भगवान का रूप होता है, लेकिन अगर वो खुद ही चोरी के पेपर से डॉक्टर बनेगा, तो देश के मरीजों का भगवान ही मालिक है’।”
📊 नीट-2026 पेपर लीक सिंडिकेट: एक नज़र में (Fact Box)
| आरोपी का नाम | क्षेत्र/राज्य | पेशा/पद | मुख्य आरोप व भूमिका |
| प्रो. मनीषा मांढरे | पुणे, महाराष्ट्र | सीनियर प्रोफेसर (बॉटनी) | NTA एक्सपर्ट; प्रश्नपत्रों की एक्सेस का दुरुपयोग कर घर पर लीक क्लास चलाई. |
| पीवी कुलकर्णी | पुणे/लातूर | सेवानिवृत्त प्रोफेसर | पेपर लीक का ‘मास्टरमाइंड’; गेस पेपर के नाम पर बड़ी रकम वसूली. |
| मनीषा वाघमारे | महाराष्ट्र | बिचौलिया (मिडिएटर) | उम्मीदवारों को इकट्ठा कर लीक कोचिंग क्लास तक पहुंचाया. |
| शुभम खैरनार | नासिक, महाराष्ट्र | SR कन्सल्टेंसी संचालक | टेलीग्राम और पीडीएफ के जरिए लीक पेपर अन्य राज्यों में फैलाया. |
| धनंजय लोखंडे | अहिल्यानगर, म.प्र. | नेटवर्क सहयोगी | वाघमारे से पेपर लेकर नासिक के शुभम खैरनार तक ट्रांसफर किया. |
| मांगीलाल बिवाल | जयपुर, राजस्थान | अभिभावक/वितरक | मोटी रकम में पेपर खरीदा; पूर्व में भी पेपर खरीद के आरोप. |
| दिनेश बिवाल | जयपुर, राजस्थान | नेटवर्क सहयोगी | पेपर लीक सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन (Financials) संभाले. |
| विकास बिवाल | सवाई माधोपुर | MBBS छात्र | लीक चेन का हिस्सा होने और पेपर सर्कुलेट करने का आरोप. |
| यश यादव | गुरुग्राम, हरियाणा | BAMS छात्र | पीडीएफ के जरिए पेपर हासिल करने और वितरण में संलिप्तता. |











