‘नेपाल में भारतीय पर्यटकों पर “प्रतिबंध” की खबरें निकलीं झूठी; नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने कहा— “भ्रामक खबरों पर न करें यकीन, दोनों देशों के संबंध अटूट”!’
नेपाल टूरिज़्म बोर्ड का बड़ा बयान: भारतीय पर्यटकों पर किसी भी तरह के नए प्रतिबंध की खबरें गलत और बेबुनियाद हैं। बॉर्डर नियमों और ठहरने की अवधि को लेकर फैलाई जा रही जानकारियों को बोर्ड ने बताया गुमराह करने वाला। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
काठमांडू (PNN24 News): नेपाल टूरिज़्म बोर्ड ने उन मीडिया रिपोर्टों का कड़ा खंडन किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि नेपाल सरकार भारतीय पर्यटकों की आवाजाही को सीमित करने के लिए नए नियम लागू कर रही है। बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है।
1. किन अफवाहों का हुआ खंडन?
बोर्ड ने उन विशिष्ट दावों को खारिज किया है जो हाल के दिनों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सर्कुलेट हो रहे थे:
- परिचय पत्र की अनिवार्यता: बॉर्डर पार करने पर नए पहचान पत्र नियमों के दावे को गलत बताया गया है।
- 30 दिन की सीमा: यह खबर कि भारतीय पर्यटक 30 दिन से ज्यादा नहीं रुक पाएंगे, बोर्ड ने इसे बेबुनियाद बताया।
- वाहन जब्ती का डर: अधिक समय रुकने पर वाहन जब्त करने की खबरों को भी गुमराह करने वाला करार दिया गया है।
2. “मजबूत और ऐतिहासिक संबंध”
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भारत और नेपाल के बीच पर्यटन सहयोग पहले की तरह ही मजबूत है। प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:
- दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध ऐतिहासिक और प्रगाढ़ हैं।
- पर्यटन नियमों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है।
- मीडिया और आम लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी संवेदनशील और गलत खबरें न फैलाएं।









