‘पलिया खीरी: मझौरा रेलवे क्रॉसिंग पर किसानों का हुंकार; “रेल रोको” आंदोलन से थमी रफ्तार, प्रशासन को सौंपा 24 घंटे का अल्टीमेटम!’
पलिया खीरी: मजदूर दिवस पर मझौरा रेलवे क्रॉसिंग पर किसानों का 'रेल रोको' प्रदर्शन। भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) के नेतृत्व में रेलवे क्रॉसिंग खोलने और ओवरब्रिज निर्माण की मांग उठी। किसानों का आरोप- प्रशासन की अनदेखी से बर्बाद हो रही हजारों एकड़ फसल। PNN24 की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।

फारुख हुसैन
पलिया खीरी (PNN24 News): मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पलिया तहसील के मझौरा रेलवे क्रॉसिंग पर किसानों का भारी आक्रोश देखने को मिला। भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया और चक्का जाम जैसी स्थिति पैदा कर दी।
1. प्रदर्शन और पुलिसिया मुस्तैदी
किसानों के उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी और प्रभारी निरीक्षक पंकज त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एसके सिंघानिया के नेतृत्व में किसानों ने उपजिलाधिकारी (SDM) डॉ. अवनीश कुमार को जिलाधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
2. प्रमुख मांगें और आक्रोश की वजह
किसानों का कहना है कि वे 15 अप्रैल 2026 से शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, लेकिन प्रशासन की चुप्पी ने उन्हें कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। ज्ञापन की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- फसल की बर्बादी: मटेहिया, बोझवा और दौलतपुर की क्रॉसिंग बंद होने से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो रही है।
- कैदी बना किसान: क्रॉसिंग बंद होने के कारण किसान अपने ही खेतों में जाने के लिए मजबूर और ‘कैदी’ बनकर रह गए हैं।
- प्रशासनिक वादाखिलाफी: 24 जनवरी 2026 को प्रशासन ने 10 दिन का समय मांगा था, लेकिन 90 दिन बीत जाने पर भी कोई समाधान नहीं हुआ।
3. रेलवे की एनओसी और शासन की सुस्ती
संगठन के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को डीआरएम लखनऊ ने स्पष्ट किया था कि यदि जिला प्रशासन ओवरब्रिज का प्रस्ताव भेजे, तो रेलवे मात्र दो दिन में एनओसी (NOC) दे देगा। यूनियन की मांग है कि:
- ओवरब्रिज का प्रस्ताव और डीपीआर (DPR) आज ही पीडब्ल्यूडी (PWD) के माध्यम से शासन को भेजा जाए।
- जब तक निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक कृषि यंत्रों के लिए क्रॉसिंग को अस्थायी रूप से बहाल करने का लिखित आदेश जारी हो।











