‘अखंड सौभाग्य की कामना: पलिया के मौनी बाबा चौराहे पर सुहागिनों ने की वट वृक्ष की पूजा, फेरे लेकर पति की दीर्घायु के लिए मांगा वरदान!’
पलिया खीरी: ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर पलिया में पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया वट सावित्री व्रत का त्योहार। मौनी बाबा चौराहे पर सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा कर मांगी पति की दीर्घायु। अखंड सौभाग्य के लिए बांधा रक्षा सूत्र। PNN24 की विशेष सांस्कृतिक रिपोर्ट।

फारुख हुसैन
पलिया खीरी (PNN24 News): ज्येष्ठ मास की अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार को पलिया कस्बे में वट सावित्री व्रत का त्योहार पारंपरिक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र की सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र (दीर्घायु) और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए पूरे विधि-विधान से उपवास रखा और मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मौनी बाबा चौराहे पर उमड़ा आस्था का सैलाब
शनिवार सुबह से ही पलिया कस्बे के प्रसिद्ध मौनी बाबा चौराहा स्थित प्राचीन वट वृक्ष (बरगद के पेड़) के नीचे व्रती महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। पारंपरिक परिधानों और सोलह श्रृंगार में सजी-धजी महिलाओं की उपस्थिति से पूरा माहौल उत्सवमयी नजर आया।
विधि-विधान से की पूजा और की परिक्रमा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुहागिनों ने पूजा की शुरुआत की:
- महिलाओं ने सबसे पहले प्राचीन वट वृक्ष की जड़ में पवित्र जल अर्पित किया।
- इसके बाद पेड़ को रोली, चंदन, अक्षत, ताजे फल और अपनी सामर्थ्य के अनुसार बनाए गए पकवान चढ़ाकर धूप-दीप से आरती उतारी गई।
- महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर परिक्रमा (फेरी) लगाते हुए तने पर कच्चे सूत का रक्षा सूत्र लपेटा और अपने अखंड सौभाग्य की कामना की।
त्रिदेवों का वास है वट वृक्ष में
पूजा में शामिल व्रती महिला शिवानी गुप्ता ने इस व्रत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, “सनातन धर्म में वट वृक्ष का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिदेव) का वास माना जाता है। यही कारण है कि सच्चे मन से इसकी पूजा करने से वैवाहिक जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।”
धार्मिक कथा सुनने के उपरांत सुहागिनों ने भीगे हुए चने, मौसमी फल और वस्त्र ‘बायने’ (बया) के रूप में निकालकर अपने घर के बुजुर्गों के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद लिया। इस बड़े धार्मिक अनुष्ठान के चलते दोपहर तक मौनी बाबा चौराहे और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण काफी चहल-पहल और रौनक बनी रही।












