‘असम में सियासी घमासान: पुलिस के सामने पेश हुए पवन खेड़ा; गौरव गोगोई का सीएम पर पलटवार— “अवैध संपत्तियों पर बोलने से रोकने की साजिश”!’
गुवाहाटी: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा असम पुलिस की स्पेशल ब्रांच के सामने पेश हुए। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद हुई पूछताछ। गौरव गोगोई ने सरकार पर लगाया डराने का आरोप, कहा— 'कांग्रेस डरने वाली नहीं'। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
गुवाहाटी (PNN24 News): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा मंगलवार को असम पुलिस की स्पेशल ब्रांच के सामने पेश हुए। यह पेशी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एक एफआईआर के सिलसिले में हुई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी है और उचित समय पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
1. क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत 5 अप्रैल को हुई थी, जब पवन खेड़ा ने गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे।
- पासपोर्ट विवाद: खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन देशों—यूएई (UAE), एंटीगुआ और बारबुडा, और मिस्र के पासपोर्ट हैं। उन्होंने इसके समर्थन में कुछ दस्तावेज़ भी सार्वजनिक किए थे।
- पुलिसिया कार्रवाई: इसके जवाब में रिनिकी भुइयां सरमा ने मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोपों में मामला दर्ज कराया, जिसके बाद असम पुलिस की अपराध शाखा ने कार्रवाई शुरू की।
2. गौरव गोगोई का तीखा हमला
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इस कानूनी कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा:
- आवाज़ दबाने की कोशिश: गोगोई के अनुसार, इस एफआईआर का एकमात्र उद्देश्य मुख्यमंत्री की ‘कथित अवैध संपत्तियों’ के खिलाफ उठने वाली आवाजों को बंद करना है।
- वॉशिंग मशीन का तंज: उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे एक ‘वॉशिंग मशीन’ की तरह हैं और कांग्रेस ऐसी धमकियों से डरने वाली नहीं है।
3. मुख्यमंत्री का रुख
हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया से कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। पवन खेड़ा ने स्पेशल ब्रांच के सवालों के जवाब दिए हैं और पुलिस प्रक्रिया का पालन कर रही है। सरकार का रुख साफ है कि साक्ष्यों के आधार पर ही चार्जशीट पेश की जाएगी।










