‘रेड स्क्वायर से पुतिन की ललकार: “न्यायसंगत” है हमारा युद्ध, यूक्रेन आक्रामक और नेटो का मोहरा; ट्रंप के युद्धविराम के बीच “शांति” से मना विजय दिवस!’
मॉस्को: विजय दिवस पर पुतिन का हुंकार, यूक्रेन युद्ध को बताया "न्यायसंगत" और नेटो की रणनीति पर उठाए सवाल। ट्रंप की मध्यस्थता में तीन दिन के युद्धविराम के बीच करीब दो दशक में पहली बार बिना हथियारों के निकली परेड। PNN24 की विशेष अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
मॉस्को (PNN24 News): रूस के सबसे बड़े राष्ट्रीय समारोह ‘विजय दिवस’ के अवसर पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर यूक्रेन में जारी संघर्ष को सही ठहराया है। नाज़ी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में आयोजित इस कार्यक्रम में पुतिन ने यूक्रेन को एक “आक्रामक ताक़त” बताया, जिसे नेटो (NATO) द्वारा उकसाया और हथियार दिया जा रहा है।
1. पुतिन का संबोधन: “न्यायसंगत युद्ध” और सोवियत विरासत
सैकड़ों सैन्यकर्मियों और कुछ वैश्विक नेताओं की उपस्थिति में पुतिन ने अपने भाषण की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के बलिदानों को याद करते हुए की:
- सैन्य अभियान का बचाव: पुतिन ने कहा कि रूस एक “न्यायसंगत” युद्ध लड़ रहा है और सोवियत सैनिकों के महान कार्य आज के सैनिकों को “विशेष सैन्य अभियान” के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
- नेटो की आलोचना: उन्होंने आरोप लगाया कि नेटो, यूक्रेन को समर्थन और हथियार देकर इस संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है।
2. ट्रंप की मध्यस्थता और तीन दिन का युद्धविराम
विजय दिवस समारोह से ठीक पहले एक बड़ी कूटनीतिक सफलता देखने को मिली:
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद रूस और यूक्रेन तीन दिन के युद्धविराम पर सहमत हुए।
- इस युद्धविराम की घोषणा शुक्रवार को की गई थी, जिसके कारण इस बार समारोहों में शांति और सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिया गया।
3. दो दशक में पहली बार: बिना हथियारों की परेड
इस बार की विजय दिवस परेड तकनीकी और सामरिक रूप से पिछली परेडों से काफी अलग रही:
- हथियारों की अनुपस्थिति: करीब 20 वर्षों में यह पहली बार हुआ जब मॉस्को की मुख्य परेड में किसी भी भारी सैन्य उपकरण या हथियारों को शामिल नहीं किया गया।
- कड़ी सुरक्षा: हथियारों की कमी के बावजूद, रेड स्क्वायर में बड़ी संख्या में सैन्यकर्मियों ने मार्च किया और सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सख्त रखी गई।









