‘प्रधानमंत्री की अपील पर विपक्ष का पलटवार: सचिन पायलट ने पूछा— “हकीकत क्या है, आंकड़ों के साथ बताएं”; केजरीवाल ने आर्थिक इमरजेंसी की जताई आशंका!’
पीएम मोदी की 'सोना न खरीदने' और 'विदेशी मुद्रा बचाने' की अपील पर छिड़ा सियासी संग्राम। सचिन पायलट ने पूछा— "क्या हकीकत छिपाई जा रही है?", तो केजरीवाल ने कहा— "क्या यह आर्थिक इमरजेंसी है?" PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
नई दिल्ली/हैदराबाद (PNN24 News): तेलंगाना के सिकंदराबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आम जनता से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए की गई अपील ने देश में एक नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस बयान को ‘लापरवाही’ भरा बताते हुए सरकार से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
1. सचिन पायलट का तीखा हमला
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रधानमंत्री की सलाह पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं:
- अपारदर्शिता का आरोप: पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री जनसभा में ऐसी बातें लापरवाही से कह रहे हैं, जबकि पूरी जनता और संसद को विश्वास में लेकर हकीकत बतानी चाहिए।
- आंकड़ों की मांग: उन्होंने कहा कि सोना न खरीदना और वर्क फ्रॉम होम जैसी सलाह ‘कैजुअली’ नहीं दी जा सकती। सरकार को आंकड़ों के साथ बताना होगा कि तथ्य क्या हैं।
- युद्ध और तेल की कीमतें: पायलट ने सवाल किया कि खाड़ी युद्ध दो महीनों से चल रहा है और तेल की कीमतें स्थिर हैं, तो अचानक ऐसा क्या हुआ जो ऐसी अपील करनी पड़ी? क्या कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है?
2. अरविंद केजरीवाल: “क्या यह आर्थिक इमरजेंसी है?”
आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस स्थिति को चिंताजनक बताया:
- उन्होंने पूछा कि क्या देश किसी गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया है?
- केजरीवाल ने सवाल उठाया कि देश में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ, क्या यह आर्थिक इमरजेंसी की आहट है?
3. क्या था प्रधानमंत्री का बयान?
रविवार को तेलंगाना दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कुछ विशेष कदम उठाने का आग्रह किया था:
- सोना न खरीदना: पीएम ने लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की।
- खाद्य तेल का कम उपयोग: विदेशी मुद्रा बचाने के लिए खाने के तेल का कम इस्तेमाल करने को कहा।
- विदेशी मुद्रा की बचत: उन्होंने विदेशी मुद्रा के भंडार को संरक्षित करने के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसे रास्ते भी सुझाए।
राहुल गांधी समेत कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस बयान पर सवाल खड़े किए हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क पर और गरमाने के आसार हैं।
📊 मुख्य प्रतिक्रियाएं: एक नज़र में (Fact Box)
| नेता | मुख्य सवाल / बयान |
| सचिन पायलट | प्रधानमंत्री लापरवाही से बातें कर रहे हैं; आंकड़ों के साथ सच बताएं। |
| अरविंद केजरीवाल | क्या देश गंभीर आर्थिक संकट में है? क्या यह आर्थिक इमरजेंसी है? |
| प्रधानमंत्री मोदी | विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल सोना न खरीदें और तेल कम इस्तेमाल करें। |
| राहुल गांधी | प्रधानमंत्री की अपील पर सवाल खड़े किए। |












