‘बीजिंग में ट्रंप का “शाही” स्वागत: शी जिनपिंग के साथ शिखर बैठक के लिए चीन पहुँचे अमेरिकी राष्ट्रपति; ईरान युद्ध और ट्रेड वॉर पर होगी आर-पार की चर्चा!’
बीजिंग: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच शिखर बैठक शुरू। उपराष्ट्रपति हान झेंग ने किया स्वागत, 2017 के मुकाबले चीन ने दिखाई अधिक कूटनीतिक सक्रियता। ट्रेड वॉर, ईरान युद्ध और ताइवान जैसे मुद्दों पर टिकी दुनिया की नज़र। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान
PNN24 News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को चीन की राजधानी बीजिंग पहुँचे, जहाँ वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ दो दिवसीय शिखर बैठक करेंगे। दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक कूटनीति और अर्थव्यवस्था गहरे तनाव के दौर से गुजर रही है।
1. स्वागत में विशेष कूटनीतिक संकेत
बीजिंग पहुँचने पर ट्रंप का स्वागत चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने हवाई अड्डे पर किया।
- बदला हुआ प्रोटोकॉल: हान झेंग चीन के शीर्ष नेताओं में शुमार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें स्वागत के लिए भेजना चीन की ओर से ट्रंप को विशेष सम्मान देने का संकेत है।
- 2017 बनाम 2026: अपनी पिछली यात्रा (2017) के दौरान ट्रंप का स्वागत अपेक्षाकृत जूनियर नेता यांग जिएची ने किया था। हान झेंग के ट्रंप के साथ पुराने संबंध भी रहे हैं; वे 2025 में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे।
2. चर्चा के मुख्य और संवेदनशील मुद्दे
इस शिखर बैठक में कई ऐसे मुद्दे मेज़ पर हैं जो आने वाले समय में विश्व व्यवस्था की दिशा तय करेंगे:
- सामरिक मुद्दे: ईरान में चल रहा युद्ध और ताइवान को लेकर तनाव।
- आर्थिक मोर्चा: दोनों देशों के बीच जारी ट्रेड वॉर (Trade War) और टैरिफ़ (Tariffs) पर चर्चा की संभावना है।
- तकनीकी होड़: टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा।
3. संकटों के बीच मुलाक़ात
ट्रंप की यह यात्रा वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-चीन के बीच उपजे व्यापारिक तनाव के बीच हो रही है। पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह दो दिवसीय बैठक तनाव को कम करने में सफल होगी या प्रतिस्पर्द्धा और बढ़ेगी।









