‘ट्रंप का “ट्रिपल अटैक”: बातचीत के बीच अमेरिका ने बंदर अब्बास और क़ेश्म द्वीप को दहलाया; कुवैत पर भी हुआ ड्रोन हमला!’
बड़ी ख़बर: अमेरिका ने ईरान के 'बंदर अब्बास' और 'क़ेश्म द्वीप' पर की भारी बमबारी। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में बढ़ा तनाव। कुवैत पर भी ड्रोन हमला, पुतिन ने दी चेतावनी— "संघर्ष न थमा तो सबको होगा भारी नुक़सान"। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
दुबई/तेहरान (PNN24 News): पश्चिम एशिया में ‘शांति की बातचीत’ के दावों के बीच बारूद फिर से बरसने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज़ करते हुए बंदर अब्बास और क़ेश्म द्वीप (Qeshm Island) पर भीषण बमबारी के आदेश दिए हैं। ये दोनों इलाके ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ के सबसे महत्वपूर्ण सामरिक केंद्र माने जाते हैं।
1. अमेरिका की तीसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई
यह तीसरी बार है जब अमेरिका ने कूटनीतिक चर्चाओं के बीच ईरान पर सीधा हमला किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंदर अब्बास और क़ेश्म द्वीप को निशाना बनाकर अमेरिका ने ईरान की समुद्री रसद और मिसाइल तैनाती क्षमता पर चोट की है।
2. कुवैत के आसमान में “दुश्मन ड्रोन”
ईरान-अमेरिका युद्ध की आंच अब पड़ोसी देशों तक फैल रही है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल अब्दुलअज़ीज़ अल-अतवान ने पुष्टि की है कि:
- रविवार तड़के कुवैत के हवाई क्षेत्र में कई संदिग्ध “दुश्मन ड्रोन” देखे गए।
- रक्षा बलों ने निर्देशों के अनुसार इन ड्रोनों का जवाब दिया।
- कुवैत पहले भी कई बार ईरानी ड्रोन हमलों को रोकने की जानकारी साझा कर चुका है।
3. राष्ट्रपति पुतिन की चेतावनी और मध्यस्थता
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा:
- यह एक बहुत ही जटिल संघर्ष है जिसने रूस को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है, क्योंकि रूस के ईरान और खाड़ी देशों, दोनों से अच्छे संबंध हैं।
- पुतिन ने चेतावनी दी कि यदि संघर्ष जल्द खत्म नहीं हुआ, तो “सभी पक्षों को बड़ा नुकसान होगा।”
- रूस ने एक बार फिर ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता (Mediation) की पेशकश की है।









