‘सुलग उठा होर्मुज़: अमेरिका की ईरान पर बमबारी, जवाब में ईरान ने दिखाई 120% मिसाइल ताकत; यूएई पर भी हुए ड्रोन हमले!’

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में युद्ध के बादल: अमेरिका और ईरान के बीच भीषण झड़प। ईरान ने मिसाइल क्षमता 120% होने का किया दावा, वहीं यूएई ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव पर PNN24 की विशेष सामरिक रिपोर्ट।

मो0 सलीम

दुबई/तेहरान (PNN24 News): मिडिल ईस्ट में तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ और ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना और ईरानी सशस्त्र बलों के बीच ताज़ा झड़पों ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। जहाँ अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर बमबारी का दावा किया है, वहीं ईरान ने अमेरिका को ‘शेर के दांत’ न देखने की चेतावनी दी है।

1. होर्मुज़ में सैन्य टकराव

ईरानी समाचार एजेंसी ‘फ़ार्स’ और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयानों ने तनाव की पुष्टि की है:

  • अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिका ने दावा किया कि उसने ओमान की खाड़ी में दो ईरानी टैंकरों को रोकने की कोशिश की और होर्मुज़ में अमेरिकी जहाज़ों पर हुए हमलों के जवाब में ईरानी सैन्य ठिकानों पर बमबारी की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में ईरान की कई छोटी नावें तबाह कर दी गईं।
  • ईरानी पलटवार: ईरान का कहना है कि उसने मिसाइलें इसलिए दागीं क्योंकि उसके तेल टैंकर पर हमला किया गया था। ईरानी सांसद इब्राहिम अज़ीज़ी ने चेतावनी दी कि ईरान के “नए समुद्री नियमों” का सम्मान किया जाए।

2. “120 फ़ीसदी क्षमता”: अब्बास अराग़ची का दावा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने सीआईए (CIA) के उन अनुमानों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें ईरानी मिसाइल भंडार कम होने की बात कही गई थी। अराग़ची ने दावा किया:

  • ईरान के मिसाइल भंडारों और लॉन्चरों की क्षमता 28 फ़रवरी की तुलना में घटी नहीं, बल्कि 120 फ़ीसदी हो गई है।
  • उन्होंने अमेरिका पर “घटिया दबाव बनाने की रणनीति” अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि ईरानी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।

3. यूएई पर मिसाइल और ड्रोन हमले

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसका एयर डिफ़ेंस सिस्टम ईरान से आ रहे बैलिस्टिक, क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन हमलों को लगातार इंटरसेप्ट कर रहा है।

  • रक्षा मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे शांत रहें और मलबे की तस्वीरें न लें।
  • इससे पहले 4 मई को हुए हमले में तीन भारतीय भी घायल हुए थे, जिससे इस विवाद की आंच प्रवासी भारतीयों तक पहुँचती दिख रही है।

4. संयुक्त राष्ट्र में कूटनीतिक जंग

ईरान ने सुरक्षा परिषद में अमेरिका द्वारा पेश ‘फ़्रीडम ऑफ़ नेविगेशन’ मसौदे का कड़ा विरोध किया है। ईरानी राजदूत अमीर सईद इरवानी ने इसे “राजनीतिक मक़सद वाला भड़काऊ मसौदा” बताया। ईरान का कहना है कि समस्या का समाधान केवल अमेरिकी नाकाबंदी हटाने और युद्ध खत्म करने से ही संभव है।


📝 विशेष कॉलम: मोरबतियाँ (लेखक: तारिक आज़मी)

Tariq Azmi (तारिक आज़मी)

काका का नज़रिया: “बबुआ, समंदर की लहरों पर जब बारूद तैरने लगे, तो समझो कि बड़ी मछली छोटी मछली को निगलने की फिराक में है; पर ईरान भी वो मछली है जिसके कांटे गले में फंस सकते हैं!”

आज खाड़ी के युद्ध जैसे हालात पर काका ने गहरी चिंता जताई।

काका बोले: “बबुआ, होर्मुज़ का रास्ता दुनिया की रग (नब्ज) है। अगर वहाँ हलचल हुई, तो तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। ट्रंप साहब कह रहे हैं कि उन्होंने नावें डूबा दीं, और उधर ईरान कह रहा है कि हमारी मिसाइलें कम नहीं बल्कि बढ़ गई हैं। ई ‘शेर के दांत’ वाली कहावत बता रही है कि तेहरान अब चुप बैठने वाला नहीं है। पर चिंता ई है कि इस लड़ाई में यूएई जैसे देशों और वहाँ रहने वाले हमारे भारतीयों पर भी खतरा मंडरा रहा है।”

मैंने पूछा— “काका, क्या अराग़ची का 120% वाला दावा सच है?”

काका का जवाब: “बबुआ, जंग में पहला कत्ल ‘सच’ का होता है। अमेरिका अपनी ताकत बढ़ाकर दिखा रहा है और ईरान अपनी। काशी की अड़ियों पर हम यही कहते हैं— ‘साहब, जब दो बड़े सांड लड़ते हैं, तो घास (आम जनता) ही कुचली जाती है’।”


📊 युद्ध और कूटनीति: वर्तमान स्थिति (Fact Box)

पक्ष मुख्य दावा / कार्रवाई
अमेरिका ईरानी सैन्य ठिकानों पर बमबारी; 2 टैंकरों पर हमला।
ईरान मिसाइल क्षमता में 120% की बढ़ोतरी; ‘नए समुद्री नियम’ लागू।
यूएई एयर डिफ़ेंस द्वारा ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराना।
मुद्दा होर्मुज़ स्ट्रैट में ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन’ और नाकाबंदी।

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