‘नशीली सिरप के “काले साम्राज्य” पर रोहनिया पुलिस का हथौड़ा: भगोडे कुख्यात तस्कर शुभम जयसवाल और उसके पिता भोला सहित 9 तस्करों पर “गैंगस्टर एक्ट” के तहत बड़ी कार्यवाही!’
वाराणसी: कोडिन युक्त कफ सिरप तस्करी के बड़े सिंडिकेट पर रोहनिया पुलिस का बड़ा प्रहार! गैंग लीडर भोला प्रसाद समेत 9 तस्करों पर लगा गैंगस्टर एक्ट। भदवर गोदाम से हुई थी 93,750 शीशी नशीली सिरप बरामद। पुलिस आयुक्त के अनुमोदन के बाद शुरू हुई कड़ी विधिक कार्यवाही। PNN24 की विशेष क्राइम रिपोर्ट।

मो0 सलीम
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर अवैध नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में रोहनिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कोडिन युक्त कफ सिरप की अंतरजनपदीय तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह के 9 सदस्यों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
1. संगठित गिरोह का पर्दाफाश
पुलिस जांच के अनुसार, इस गैंग का मुख्य सरगना भोला प्रसाद (निवासी आदमपुर) है. यह गिरोह एक संगठित तरीके से कोडिन युक्त कफ सिरप की तस्करी और भंडारण में लिप्त था. गिरोह के अन्य सदस्यों में शुभम जायसवाल, आजाद जायसवाल, महेश कुमार सिंह, शिवाकान्त, स्वप्निल केशरी, दिनेश यादव, आशीष यादव और सौरभ त्यागी शामिल हैं.
2. भदवर गोदाम से हुई थी रिकॉर्ड बरामदगी
इस गिरोह की काली करतूतों का खुलासा तब हुआ जब 19 नवंबर 2025 को रोहनिया पुलिस ने अभियुक्त महेश कुमार सिंह के भदवर स्थित गोदाम पर छापेमारी की थी। उस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नशीली सिरप बरामद की थी:
- फेन्साडिल (Fensedyl): 18,600 शीशी
- इस्कफ (Escuf): 75,150 शीशी
- कुल बरामदगी: 93,750 शीशी कोडिन युक्त सिरप
3. गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही
पुलिस आयुक्त वाराणसी के अनुमोदन के उपरान्त, इन सभी 9 अभियुक्तों के विरुद्ध थाना रोहनिया पर मु0अ0सं0 133/2026 धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अपने आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए अवैध तस्करी कर अवैध धनार्जन करता था और उसे अपनी विलासिता पर खर्च करता था।
📝 विशेष कॉलम: मोरबत्तियाँ (लेखक: तारिक आज़मी)

हमारे काका भी बड़े जिद्दी हो गए है। हर खबर पर अपना नजरिया देने के लिए फडफडाते रहते है। मगर शुभम और भोला जयसवाल का नाम सुनते ही उनकी यह जिद्द और बढ़ जाती है। तत्काल उनको मेरे ऊपर दर्ज हुआ फर्जी मुकदमा और उसमे शुभम जयसवाल की भूमिका याद आ जाती है। काका को हम लाख समझाया कि ‘काका ई हमरी रपट नही सलीम की है। मगर काका फायर हो गए, और कहने लगे ‘सलीम की रपट है तो का हुआ, नजरिया हमारा रहेगा’। आखिर हमको मानना पड़ा कि ठीक है दे दे काका अपना नजरिया।
काका का नज़रिया: “बबुआ, जहर बेचकर जो महल खड़े किए जाते हैं, उनकी बुनियाद बहुत कमज़ोर होती है; जो दुसरे के लिए खड्डा खोदता है और किसी बेकसूर को फर्जी फंसाता है, उसके ऊपर अल्लाह की लाठी ऐसे ही पड़ती है। पुलिस का ‘गैंगस्टर’ वाला चाबुक जब चलता है, तो बड़े-बड़े सिंडिकेट ढह जाते हैं!”
आज नशीली सिरप के सौदागरों पर हुई इस कार्यवाही पर काका ने गहरी चिंता और संतोष दोनों ज़ाहिर किए।
काका बोले: “बबुआ, ई जो कोडिन वाली सिरप का धंधा है, ई हमारी आने वाली पीढ़ी की रगों में धीमा जहर घोल रहा है। 93 हज़ार से ज़्यादा शीशी का मतलब समझते हो? हज़ारों नौजवानों की बर्बादी! भोला, उसका लड़का शुभम और उसके गैंग ने इसे अपनी ‘शानो-शौकत’ का ज़रिया बना लिया था, पर पुलिस ने दिखा दिया कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं।”
मैंने पूछा— “काका, क्या गैंगस्टर एक्ट लगने से इन पर लगाम लगेगी?”
काका का जवाब: “बिल्कुल लगेगी बबुआ! गैंगस्टर एक्ट का मतलब है कि अब इनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर भी कुर्की की तलवार लटकेगी। काशी की अड़ियों पर हम यही कहते हैं— ‘साहब, जो बच्चों का भविष्य अंधेरे में धकेलते हैं, उन्हें जेल की कालकोठरी में ही रोशनी तलाशनी चाहिए’। रोहनिया पुलिस की ई मुस्तैदी काबिले तारीफ है।”
📊 गिरोह की प्रोफाइल: एक नज़र में (Gang Profile)
| विवरण | जानकारी |
| गैंग लीडर | भोला प्रसाद (निवासी प्रह्लाद घाट, आदमपुर) |
| कुल अभियुक्त | 09 सदस्य (वाराणसी, कानपुर, चन्दौली, गाजियाबाद से जुड़े) |
| मुख्य अपराध | कोडिन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी एवं भंडारण |
| पंजीकृत मुकदमा | मु0अ0सं0 133/2026 धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट |
| बरामदगी रिकॉर्ड | 93,750 सीसी नशीली कफ सिरप (19.11.2025 को) |











