‘जंतर-मंतर पर आधी रात का ड्रामा: शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े तक हटने को तैयार नहीं CJP प्रमुख अभिजीत दीपके; दिल्ली पुलिस ने घोषित किया अवैध, युवाओं से “जेल भरो” की अपील’
जंतर-मंतर पर भारी तनाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े CJP प्रमुख अभिजीत दीपके, दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल खाली करने को कहा। दीपके का आरोप— "पुलिस पानी नहीं आने दे रही, गिरफ्तारी की तैयारी"। देश के युवाओं से 'जेल भरो आंदोलन' की अपील। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में हुए शामिल। पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

तारिक खान
नई दिल्ली (PNN24 News): राष्ट्रीय राजधानी का धरना स्थल जंतर-मंतर एक बार फिर देश के युवाओं और छात्रों के भारी विरोध का केंद्र बन गया है। नीट (NEET) पेपर लीक, चरमराती शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में शनिवार को एक बार फिर जोरदार प्रदर्शन हुआ। हालांकि, शाम होते-होते यह आंदोलन दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति में पहुंच गया है। सीजेपी प्रमुख ने साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, वे जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे।
🚨 “पुलिस पानी नहीं आने दे रही, मुझे गिरफ्तार करने की तैयारी” — अभिजीत दीपके
शनिवार देर रात जंतर-मंतर पर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। बीबीसी (BBC) संवाददाता दिलनवाज़ पाशा की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, शाम को दिल्ली पुलिस के कर्मी हाथों में पोस्टर लेकर धरना स्थल पर खड़े हो गए थे, जिसमें समय समाप्त होने का हवाला देकर तुरंत जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी।
- अवैध घोषित करने का आरोप: सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर लिखा कि दिल्ली पुलिस एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अवैध घोषित करने की कोशिश कर रही है। आखिर शांति कब से गैरकानूनी हो गई?
- पानी की सप्लाई रोकी: अभिजीत दीपके ने एक्स पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन स्थल पर पीने का पानी तक नहीं आने दे रही है।
- जेल भरो आंदोलन का आह्वान: दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर आशंका जताई कि पुलिस उन्हें किसी भी वक्त गिरफ्तार कर सकती है। उन्होंने देश के युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा, “जितने भी इस देश में युवा इस वीडियो को देख रहे हैं, वे अपने-अपने ज़िलों में ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू कर दें। चाहे कुछ भी हो जाए, यह आंदोलन अब रुकना नहीं चाहिए।” हालांकि, उन्होंने आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की हिदायत दी है।
👥 जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त, संख्या हुई कम
दोपहर के मुकाबले शाम होते-होते प्रदर्शनकारियों की संख्या घटकर 150 से 200 के करीब रह गई है। दिल्ली पुलिस ने अब पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी है और प्रदर्शन स्थल के भीतर किसी भी नए व्यक्ति या प्रदर्शनकारी को जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। एक तरफ लाउडस्पीकर से मंच द्वारा धरना जारी रखने की अपील हो रही है, तो दूसरी तरफ पुलिस लगातार लाउडस्पीकर से जगह खाली करने को कह रही है। सीजेपी ने सरकार से मांग की है कि वह बातचीत के चैनल (Channels of Communication) खोले ताकि इस्तीफे की शर्तों पर चर्चा हो सके।
🌱 पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी मिला साथ
इस आंदोलन को धार देने के लिए प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर के मंच पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों के मुद्दों का समर्थन करने के साथ-साथ देश के पर्यावरण से जुड़े गंभीर विषयों को भी उठाया। बता दें कि सोनम वांगचुक हाल ही में मार्च महीने में करीब छह महीने जेल में बिताने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के आरोपों से रिहा हुए हैं। हालांकि, वे शाम को प्रदर्शन स्थल से रवाना हो गए थे।
⏳ ‘ट्रेलर’ से शुरू होकर जयपुर में हमले तक का सफर
यह सीजेपी का दूसरा बड़ा राष्ट्रीय प्रदर्शन है:
- 6 जून का पहला प्रदर्शन: अभिजीत दीपके अमेरिका से लौटते ही सीधे 6 जून को जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां भारी संख्या में जुटे ‘जेन जी’ (Gen Z) यानी युवा पीढ़ी के इस प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रमुखता से कवर किया था। तब दीपके ने इसे सिर्फ एक ‘ट्रेलर’ बताया था।
- 15 जून को जयपुर में मारपीट: इसके बाद 15 जून को जब सीजेपी राजस्थान के जयपुर (शहीद स्मारक) में प्रदर्शन कर रही थी, तब भीड़ में से कुछ उपद्रवियों ने अभिजीत दीपके पर शारीरिक हमला (मारपीट) कर दिया था। हालांकि, दीपके ने गांधीवादी और आंबेडकरवादी विचारधारा का हवाला देकर हमलावरों को माफ कर दिया था और कहा था कि वे प्यार और शांति से यह लड़ाई जारी रखेंगे।











