‘₹15,000 की सैलरी और ₹65 लाख का आलीशान मकान! राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी अनुकल्प मिश्रा की संपत्तियों पर पुलिस का शिकंजा; गांव के भव्य कार्यक्रम में पहुंचे थे चंपत राय’
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा: ₹15,000 की सैलरी वाले आरोपी अनुकल्प मिश्रा की ₹65 लाख की संपत्ति और आलीशान लाइफस्टाइल की जांच में जुटी पुलिस। गांव के भव्य धार्मिक आयोजन में पहुंचे थे चंपत राय और अयोध्या के मेयर; दावों की पड़ताल शुरू। बैंक अकाउंट्स और प्रॉपर्टी रिकॉर्ड्स होंगे खंगाले। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

फारुख हुसैन
अयोध्या (PNN24 News): श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की कथित चोरी (Embezzlement) के मामले में एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मामले की तहकीकात कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष विधिक टीम अब इस महाघोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक अनुकल्प मिश्रा की चल और अचल संपत्तियों (Assets) का पूरा कच्चा चिट्ठा खंगालने में जुट गई है। महज ₹15,000 महीने की मामूली पगार पाने वाले आरोपी की अकूत संपत्ति और हाल के वर्षों में आए ‘नाटकीय वित्तीय सुधार’ को देखकर खुद जांच अधिकारी भी हैरान हैं।
🏡 ₹15,000 की पगार और लाखों की अचल संपत्तियां
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस प्रशासन को आरोपी अनुकल्प मिश्रा की कई ऐसी कथित संपत्तियों का पता चला है, जो उसकी आय के ज्ञात स्रोतों (Known Sources of Income) से कोसों दूर हैं:
- ₹65 लाख का नया घर: पुलिस उस विधिक दावे की गहराई से जांच कर रही है जिसमें कहा गया है कि अनुकल्प ने पिछले साल ही अयोध्या में एक आलीशान मकान खरीदा था, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 65 लाख रुपये आंकी जा रही है।
- लक्जरी गाड़ियाँ और फार्महाउस: आरोपी के पास से 1 लाख रुपये की चमचमाती मोटरसाइकिल की जानकारी मिली है। इसके अलावा, वह कथित तौर पर एक नई ‘महिंद्रा स्कॉर्पियो’ (Mahindra Scorpio) गाड़ी खरीदने की पूरी तैयारी में था और अपने पैतृक गांव के बाहर एक आलीशान फार्महाउस का निर्माण भी करवा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि इन सभी संपत्तियों के सेल डीड (Sale Deeds) और म्यूटेशन एंट्रीज (Mutation Entries) के दस्तावेजों को जब्त कर पैसे के मुख्य स्रोत (Source of Fund) का मिलान मंदिर के कथित गबन के समय से किया जा रहा है।
🎪 चंपत राय और मेयर की मौजूदगी वाले ‘भव्य आयोजन’ पर भी जांच की आंच
अनुकल्प मिश्रा पिछले करीब तीन सालों से राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले कैश, सोने-चांदी और अन्य कीमती सामानों को गिनने (Donation Counting) के मुख्य विधिक काम से जुड़ा हुआ था। पड़ोसियों का दावा है कि पहले इस परिवार की माली हालत बेहद खराब थी, लेकिन मंदिर की तिजोरी से जुड़ते ही परिवार का रसूख अचानक आसमान छूने लगा।
‘एनडीटीवी’ (NDTV) की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अनुकल्प ने इसी साल अप्रैल महीने में अपने पैतृक गांव में सात दिनों का एक अत्यंत भव्य और वीवीआईपी (VVIP) धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कराया था। इस कार्यक्रम में पानी की तरह पैसा बहाया गया था।
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जांच के घेरे में बड़े नाम: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, अयोध्या के वर्तमान मेयर और जिला पंचायत अध्यक्ष के आधिकारिक प्रतिनिधि भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। पुलिस अब इस बात की भी विधिक कड़ियों को जोड़ रही है कि क्या इस भव्य आयोजन के पीछे का वित्तीय घालमेल भी मंदिर के चढ़ावे की रकम से जुड़ा हुआ था।
🔍 बैंक लॉकर, म्यूटेशन और बीमा पॉलिसियों की होगी फॉरेंसिक जांच
अयोध्या पुलिस और वित्तीय मामलों के एक्सपर्ट्स अब केवल अनुकल्प ही नहीं, बल्कि इस केस में गिरफ्तार किए गए अन्य सभी आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच का दायरा बढ़ाने जा रहे हैं।
जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब तक बरामद हुए कैश के अलावा निम्नलिखित विधिक कदम उठाए जा रहे हैं:
- वित्तीय लेन-देन का ऑडिट: आरोपियों और उनके करीबियों के सभी बैंक खातों, फिक्स डिपॉजिट (FDs), शेयर निवेश और इंश्योरेंस पॉलिसियों की बारीकी से फॉरेंसिक ऑडिटिंग की जाएगी।
- लॉकर और बेनामी संपत्ति: आरोपियों के नाम या उनके परिजनों के नाम पर हाल के सालों में खरीदी गई जमीनों और बैंक लॉकरों को सील कर सर्च वारंट जारी करने की तैयारी है।
- आय से अधिक संपत्ति का केस: यदि जांच में संपत्तियों का तालमेल उनकी ₹15,000 की मासिक आय से नहीं बैठता है, तो आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और ‘आय से अधिक संपत्ति’ (Disproportionate Assets) की सख्त धाराओं के तहत अलग से केस दर्ज किया जाएगा।










