‘राम मंदिर का ₹7 करोड़ का “चढ़ावा विवाद”: अब ट्रस्ट की मांग पर योगी सरकार ने बनाई SIT; IAS विजय विश्वास पंत करेंगे जांच, 15 दिन में आएगी फाइनल रिपोर्ट!’
अयोध्या राम मंदिर: ₹7 करोड़ के कथित चढ़ावा घोटाले में योगी सरकार का बड़ा ऐक्शन, लखनऊ कमिश्नर IAS विजय विश्वास पंत की अगुवाई में 3 सदस्यीय SIT गठित। राम मंदिर ट्रस्ट ने आरोपों को अफवाह बताते हुए खुद सीएम योगी से की थी जांच की मांग। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बयानों से गरमाया सियासी माहौल। एसआईटी 7 दिन में देगी प्रारंभिक और 15 दिन में फाइनल रिपोर्ट। पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

निलोफर बानो
अयोध्या/लखनऊ (PNN24 News): अयोध्या धाम स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित रूप से सात करोड़ रुपये के गबन (Embezzlement) की खबरों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में आधिकारिक एंट्री कर ली है। 13 जून 2026 की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने इस संवेदनशील मामले की दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के गठन का आदेश जारी कर दिया। दिलचस्प मोड़ यह है कि यह जांच खुद राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर शुरू की गई है।
🤝 ट्रस्ट ने कहा— “यह सिर्फ अफवाह”, खुद सीएम योगी से की जांच की मांग
इस पूरे मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी स्थिति साफ करते हुए शनिवार (13 जून) को एक बड़ा कदम उठाया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य पदाधिकारियों ने दानपात्र से ₹7 करोड़ की चोरी की खबरों को पूरी तरह निराधार और ‘अफवाह’ करार दिया। ट्रस्ट ने विपक्ष के आरोपों से धूमिल हो रही छवि को देखते हुए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस कथित चंदा घोटाले की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच कराने का लिखित अनुरोध किया, जिसके तत्काल बाद सरकार ने एसआईटी का ऐलान कर दिया।
🕵️ ये दिग्गज अफसर करेंगे महा-घोटाले की जांच
मामले की गंभीरता और इसकी धार्मिक-राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने जांच टीम में तीन शीर्ष अधिकारियों को नियुक्त किया है:
- IAS विजय विश्वास पंत (अध्यक्ष): वर्तमान मंडलायुक्त (कमिशनर), लखनऊ संभाग।
- IPS किरन एस (सदस्य): आईजी रेंज (Inspector General of Police)।
- नील रतन (सदस्य): विशेष सचिव, वित्त विभाग (Special Secretary, Finance), जो वित्तीय फॉरेंसिक और ऑडिट कड़ियों की जांच करेंगे।
समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है।
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 7, 2026
⏰ कब तक आएगी रिपोर्ट?
शासन द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, एसआईटी को जांच प्रक्रिया तेज गति से पूरी करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं:
- प्रारंभिक रिपोर्ट (Preliminary Report): एसआईटी को मामले की शुरुआती कड़ियों और साक्ष्यों को खंगालकर 7 दिनों के भीतर पहली रिपोर्ट सौंपनी होगी।
- अंतिम रिपोर्ट (Final Report): पूरे मामले का पूरा वित्तीय विवरण और अंतिम जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर शासन के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी, जिससे आधिकारिक रूप से साफ हो जाएगा कि मंदिर के चढ़ावे में कोई वास्तविक विधिक हेराफेरी हुई है या नहीं।
💥 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा हमला और बृजभूषण सिंह का बड़ा बयान
इस चंदा विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी भारी उबाल ला दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कोर्ट से संज्ञान लेने की मांग के बाद अब धार्मिक और अन्य राजनीतिक दिग्गजों के बयान भी सामने आ गए हैं:
- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गंभीर आरोप: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 11 जून को इस विवाद पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, “अयोध्या में तो भूमिपूजन के समय से ही विसंगतियां और चोरी हो रही है। जब राम मंदिर बनने की शुरुआत हुई, तब वहां लाखों रुपये के प्लॉट की कीमत रातों-रात करोड़ों में पहुंचा दी गई। अब यह जो चढ़ावे की चोरी सामने आई है, यह कोई नई बात नहीं है, वहां यह सब पहले से ही पर्दे के पीछे चल रहा है।”
- बृजभूषण शरण सिंह की रहस्यमयी टिप्पणी: इस पूरे विवाद पर जब भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर टिप्पणी करने से बचते हुए एक बड़ा और रहस्यमयी बयान दे दिया। उन्होंने कहा, “अगर मैंने इस मामले पर सच बोल दिया, तो मैं खुद बड़ी परेशानी और विवाद में आ जाऊंगा।” उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में कयासबाजियों का बाजार और गर्म कर दिया है।
एसआईटी की टीम रविवार से ही अयोध्या में मंदिर के कैश काउंटर्स, दानपात्रों के सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों और हाल ही में पकड़े गए संविदा कर्मी लवकुश मिश्रा से जुड़े इनपुट्स को खंगालना शुरू करेगी। PNN24 की टीम इस पूरे घटनाक्रम और एसआईटी की हर हलचल पर लगातार नजर बनाए हुए है।










