‘अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद में आर-पार: सांसद अवधेश प्रसाद बोले- “यह घोटाला नहीं, प्रभु राम के चढ़ावे पर डकैती है”; बैकफुट पर आई सरकार, योगी आदित्यनाथ ने बैठाई high-level SIT!’

अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद: स्थानीय सांसद अवधेश प्रसाद का बड़ा हमला, कहा- 'यह सिर्फ घोटाला नहीं बल्कि प्रभु श्री राम के चढ़ावे पर डकैती है, ट्रस्ट तुरंत हो निलंबित'। विवाद बढ़ता देख यूपी की योगी सरकार ने गठित की 3 सदस्यीय high-level SIT। आईएएस विजय विश्वास पंत और आईपीएस किरण एस करेंगे जांच। पढ़ें PNN24 की विशेष राजनीतिक रिपोर्ट।

आफताब फारुकी 

अयोध्या/लखनऊ (PNN24 News): अयोध्या स्थित भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चंदा विसंगतियों और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक चक्रव्यूह में तब्दील हो चुका है। अयोध्या के स्थानीय सांसद अवधेश प्रसाद ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला है, तो वहीं चौतरफा दबाव के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का ऐलान कर दिया है।

🚨 सांसद अवधेश प्रसाद का तीखा हमला: “यह करोड़ों लोगों की आस्था पर डकैती है”

समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) से खास बातचीत करते हुए अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया। उन्होंने इस पूरे चंदा विवाद को स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा संवेदनशील मामला करार देते हुए कहा:

  • घोटाला नहीं डकैती: अवधेश प्रसाद ने कहा, “यह हमारे देश का सबसे बड़ा घोटाला है, बल्कि इसे घोटाला कहना कम होगा, यह सीधे तौर पर ‘डकैती’ है। वह भी कोई साधारण डकैती नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के मंदिर के चढ़ावे और दान से जुड़ा हुआ मामला है।”
  • करोड़ों भक्तों की आस्था से खिलवाड़: उन्होंने आगे कहा कि देश के कोने-कोने से हर रोज लाखों श्रद्धालु अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा प्रभु राम के चरणों में अर्पित करते हैं। यह देश के करोड़ों सनातनियों की अटूट आस्था का विषय है और इसमें किसी भी तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
  • सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग: सांसद ने मांग की है कि वर्तमान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्षता के लिए देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) की प्रत्यक्ष निगरानी में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर जांच कराई जाए।

🕵️‍♂️ यूपी सरकार का बड़ा कदम: ३ सदस्यीय हाई-प्रोफाइल SIT का गठन

मामले की संवेदनशीलता और विपक्षी दलों के बढ़ते तीखे हमलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने रविवार को एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के मुताबिक, सूबे की सरकार ने राम मंदिर के कथित चंदा विवाद की गहन जांच के लिए एक 3 सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है।

इस जांच टीम में शासन के बेहद कड़क और रसूखदार चेहरों को शामिल किया गया है:

  1. विजय विश्वास पंत (IAS): वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जो पूरी जांच की प्रशासनिक बारीकियों की कमान संभालेंगे।
  2. किरण एस (IPS): तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी, जो वित्तीय हेराफेरी और आपराधिक षड्यंत्र के कोणों की कानूनन जांच करेंगे।
  3. नील रतन: वित्त विभाग के विशेष सचिव, जो ऑडिट और चंदे के खातों की फोरेंसिक जांच (Financial Forensic Audit) को लीड करेंगे।

ट्रस्ट के अनुरोध पर बनी टीम: सरकारी सूत्रों के हवाले से खबर है कि यह एसआईटी खुद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आए लिखित अनुरोध और पारदर्शी छवि बनाए रखने की मांग के बाद गठित की गई है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *