‘बिहार शर्मसार: बेगूसराय में महिला से गैंगरेप के बाद गुप्तांग में ठूंसी बंदूक की गोली, पत्थर और लकड़ी; डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाला, दो DSP करेंगे जांच’

बिहार के बेगूसराय में हैवानियत की इंतेहा: शौच के लिए निकली महिला से ५ दरिंदों ने किया गैंगरेप, गुप्तांग में डाली बंदूक की गोली, पत्थर और लकड़ी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकालीं चीजें। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, अब दो डीएसपी (DSP) के नेतृत्व में जांच शुरू। पढ़ें PNN24 की रोंगटे खड़े कर देने वाली ग्राउंड रिपोर्ट।

आफताब फारुकी 

बेगूसराय (PNN24 News): बिहार के बेगूसराय जिले से निर्भया कांड जैसी रोंगटे खड़े कर देने वाली अमानवीय क्रूरता का मामला प्रकाश में आया है। यहां एक शादीशुदा महिला को बंधक बनाकर पांच बदमाशों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, आरोपियों ने महिला के पूरे शरीर पर ब्लेड से अनगिनत वार किए और उसके निजी अंग (प्राइवेट पार्ट) में जबरन कारतूस, पत्थर और लकड़ी के टुकड़े ठूंस दिए। पीड़िता को अत्यंत गंभीर हालत में बेगूसराय के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड के बाद महिला के पेट और गुप्तांग से इन चीजों को बाहर निकालने की पुष्टि की है।

🚪 पति को कमरे में बंद कर महिला को उठा ले गए दरिंदे

सदर अस्पताल में दोबारा दर्ज कराए गए बयान में पीड़िता ने 11 जून की रात हुई उस भयावह दास्तान को बयां किया:

  • बंधक बनाया: 11 जून की रात करीब 11:30 बजे महिला जब घर के बाहर बने शौचालय के लिए निकली, तभी पहले से घात लगाए बैठे पांच बदमाशों ने उसके पति के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
  • मुंह और हाथ-पैर बांधे: शौचालय से निकलते ही बदमाशों ने महिला का मुंह दबा दिया। शोर मचाने पर मारपीट की और साड़ी व ब्लाउज फाड़कर उसके हाथ-पैर बांध दिए।
  • अंधेरे में ले जाकर दरिंदगी: बदमाश महिला को उठाकर एक सुनसान और अंधेरी जगह पर ले गए, जहां पांचों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जब महिला रहम की भीख मांगती रही, तो दरिंदों ने गुस्से में उसके पूरे शरीर पर ब्लेड से हमला कर दिया और उसे बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंक कर फरार हो गए।
  • पति को ऐसे निकाला: घर के अंदर बंद पति ने जब बाहर हलचल सुनी तो उसने तुरंत अपनी छोटी देवरानी को फोन किया, जिसने आकर कमरे का कुंडी खोली और तब जाकर पीड़िता को संभाला गया।

🏥 डॉक्टरों की लापरवाही? दोबारा भर्ती होने पर हुआ चौंकाने वाला खुलासा

इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस और अस्पताल प्रशासन की शुरुआती लापरवाही भी उजागर हुई है:

  • 12 जून को पहली बार भर्ती: घटना के अगले दिन यानी 12 जून को पीड़िता को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार और मेडिकल टेस्ट के बाद उसे उसी शाम को डिस्चार्ज कर घर भेज दिया। डॉक्टरों का कहना था कि अंदरूनी चोटों के कारण दर्द हो रहा है।
  • 17 जून को हुआ बड़ा खुलासा: घर जाने के बाद भी महिला का दर्द असहनीय हो गया और हालत बिगड़ने लगी। जिसके बाद 17 जून की सुबह उसे दोबारा सदर अस्पताल लाया गया। जब डॉक्टरों ने गंभीरता दिखाते हुए महिला का अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) कराया, तो रिपोर्ट देखकर सबके होश उड़ गए। महिला के आंतरिक अंगों में एक जिंदा कारतूस, पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा फंसा हुआ था, जिसे डॉक्टरों ने कड़े प्रयास के बाद बाहर निकाला। पीड़िता का कहना है कि दुष्कर्म के दौरान बेहोश होने पर आरोपियों ने यह वहशियत की थी।

👮 पुलिसिया लापरवाही के आरोप; एसपी के आदेश पर दो DSP मैदान में

पीड़िता का गंभीर आरोप है कि वारदात के पहले ही दिन (12 जून) उसने स्थानीय पुलिस को इसकी लिखित सूचना दी थी। पुलिस ने मामला तो दर्ज किया, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की और न ही पीड़िता का सही ढंग से इलाज सुनिश्चित कराया। चौंकाने वाली बात यह भी है कि तीन महीने पहले भी इन्हीं बदमाशों ने महिला के घर में घुसकर बलात्कार का प्रयास, मारपीट और लूटपाट की थी, जिसका मुकदमा पहले से दर्ज था।

मामला मीडिया में आने और तूल पकड़ने के बाद बेगूसराय पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर सदर DSP आनंद कुमार पांडे और सदर DSP दुर्गा कुमारी महिला पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे और पीड़िता का नए सिरे से मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराया।

🗣️ क्या बोले जांच अधिकारी (DSP)?

मामले की कमान संभाल रहे सदर DSP आनंद कुमार पांडेय ने बताया:

“महिला का बयान और मेडिकल रिपोर्ट पूरी तरह सच बयां कर रहे हैं। महिला के इंटरनल पार्ट्स से बुलेट (कारतूस) और अन्य टुकड़े निकाले गए हैं। पुलिस इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। सभी आरोपियों को चिन्हित कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और कोर्ट में स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) चलाकर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिसकर्मियों की ढिलाई या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।”

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *