‘छत्तीसगढ़ का “साइको किलर”: बलौदा बाजार में मामूली रंजिश में 8 ग्रामीणों को दी “सुहागा” वाली जहरीली शराब; 7 कब्रें खोदकर निकाले गए शव, खौफनाक सच आया सामने’
छत्तीसगढ़ सीरियल किलिंग: बलौदा बाजार के खर्वे गांव में रंजिश और अंधविश्वास के फेर में 8 लोगों को जहर देकर मारने वाला रामसहाय जायसवाल गिरफ्तार। कबीरपंथी परंपरा के तहत दफनाए गए 7 शवों को कब्र से निकालकर हुआ पोस्टमार्टम। चूहे मारने की दवा 'सुहागा' का कुत्ते पर किया था टेस्ट। बेटे ने बताया बेगुनाह। पढ़ें PNN24 की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

आदिल अहमद
PNN24 News: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के कसडोल ब्लॉक अंतर्गत आने वाले खर्वे गांव से एक बेहद खौफनाक और विचलित कर देने वाला ‘सीरियल किलिंग’ (Serial Killing) का मामला सामने आया है। यहाँ पुरानी रंजिशों, पैसे के लेन-देन और अंधविश्वास के चलते एक ही शख्स ने एक-एक कर गांव के 8 लोगों को शराब में खतरनाक जहर मिलाकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सच का पता लगाने के लिए पुलिस को डॉक्टरों की मौजूदगी में 7 मृतकों के शवों को कब्र से वापस बाहर निकालना पड़ा।
💀 4 महीने में 8 मौतें: जब कबीरपंथी परंपरा की कब्रों से निकले राज
खर्वे गांव के लोगों के मुताबिक, इस साल 6 फरवरी 2026 से 14 मई 2026 के बीच गांव में अचानक एक के बाद एक 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गांव में अधिकांश लोग कबीरपंथी संप्रदाय से जुड़े हैं, जिनमें मृत्यु के बाद शव को जलाने के बजाय दफनाने (कब्र देने) की परंपरा है।
ग्रामीणों ने गौर किया कि मरने वाले सभी लोग आखिरी बार गांव के ही रामसहाय जायसवाल के साथ देखे गए थे और सबकी मौत शराब पीने के तुरंत बाद हुई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने 6 जून 2026 को थाने में सामूहिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) ओपी शर्मा के निर्देश पर पुलिस ने कार्यपालिका मजिस्ट्रेट की अनुमति लेकर 7 शवों को कब्र से निकलवाया और रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय की विशेष मेडिकल टीम से उनका पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक टेस्ट कराया, जहां जहर दिए जाने की पुष्टि हुई। (एक मृतक बुधराम जायसवाल का दाह संस्कार हो चुका था)।
🐕 पहले कुत्ते पर किया जहर का टेस्ट, फिर इंसानों को परोसी मौत
पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों में जो बातें सामने आईं, उसने पुलिस टीम के भी होश उड़ा दिए। आरोपी रामसहाय जायसवाल ने गांव के ही एक व्यक्ति से चूहे मारने के नाम पर ‘सुहागा’ नामक एक बेहद तीखा और जहरीला पदार्थ हासिल किया था।
आरोपी ने इस जहर की मारक क्षमता जांचने के लिए सबसे पहले गांव के एक लावारिस कुत्ते पर इसका परीक्षण किया। जब कुत्ता तड़पकर मर गया, तो उसने अपनी हिटलिस्ट में शामिल ग्रामीणों को एक-एक कर फंसाना शुरू किया। वह उन्हें अपने साथ बैठाकर शराब पिलाता और चुपके से उसमें सुहागा मिला देता था। इसी बीच, कार्तिक नाम का एक ग्रामीण थोड़ी सी शराब पीकर उल्टियां करने लगा और समय रहते अस्पताल पहुंचने से उसकी जान बच गई, जिससे आरोपी पर शक और गहरा हो गया।
🔍 पुलिसिया थ्योरी बनाम ग्रामीणों का ’21 बली और गड़े धन’ का दावा
इस पूरे हत्याकांड को लेकर गांव में दो तरह की थ्योरी चल रही हैं:
- पुलिस का दावा (व्यक्तिगत रंजिश): एसपी ओपी शर्मा के अनुसार, आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह छोटी-छोटी व्यक्तिगत शिकायतों, गाली-गलौज और आर्थिक विवाद के कारण लोगों से चिढ़ता था और बदला लेने के लिए उसने यह कदम उठाया।
- ग्रामीणों का आरोप (अंधविश्वास): मृतक विनोद और छत्तूराम के परिजन कामता प्रसाद साहू सहित अन्य ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि रामसहाय जायसवाल अंधविश्वास के चक्कर में था। वह गांव में ‘गड़ा हुआ धन’ (खजाना) हासिल करने के लिए कुल 21 लोगों की बलि देने की तांत्रिक योजना बना रहा था। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में तंत्र-मंत्र या गड़े धन का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।
- बेटे का बयान: दूसरी ओर, आरोपी के बेटे रुद्रेश्वर जायसवाल ने अपने पिता को बेगुनाह बताते हुए कहा है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और अदालत में सच सामने आ जाएगा।
📊 कातिल की ‘हिटलिस्ट’: किस तारीख को क्यों दी मौत?
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी रामसहाय जायसवाल ने निम्नलिखित कारणों से एक-एक कर इन 8 लोगों की हत्या की:
| क्र. सं. | हत्या की तिथि (2026) | मृतक का नाम | पुलिस जांच के अनुसार हत्या की वजह / रंजिश |
| 1 | 6 फरवरी | बद्री | बद्री अक्सर आरोपी से गाली-गलौज करता था और मुफ्त में शराब पिलाने का दबाव डालता था। |
| 2 | 20 फरवरी | बुठालु | विधानसभा चुनाव के दौरान आरोपी से विवाद हुआ था और उसने आरोपी के समाज को गाली दी थी। |
| 3 | 12 मार्च | छत्तूराम साहू | आरोपी को संदेह था कि छत्तूराम उसकी पत्नी पर गलत (बुरी) नजर रखता था। |
| 4 | 20 मार्च | बुधराम जायसवाल | जमीन के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच पुरानी सामाजिक और आर्थिक रंजिश थी। |
| 5 | 31 मार्च | विनोद कुमार साहू | विनोद द्वारा की गई गाली-गलौज का बदला लेने के लिए आरोपी ने उसे जहरीली शराब दी। |
| 6 | 28 अप्रैल | गजानंद | आरोपी को शक था कि गजानंद उस पर ‘टोना-टोटका’ (जादू) करता है, जिससे वह परेशान रहता है। |
| 7 | 29 अप्रैल | चैतूराम | आरोपी ने चैतूराम से 50,000 रुपये का कर्ज लिया था; मूल और ब्याज चुकाने से बचने के लिए हत्या की। |
| 8 | 14 मई | महेतरू राम | साल 2023 के चुनाव के वक्त विवाद हुआ था, जिसके बाद महेतरू अक्सर आरोपी पर ताने कसता था। |
नोट: इन 8 हत्याओं के अलावा, जीवित बचे ग्रामीण कार्तिक की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का 9वां मामला भी दर्ज किया गया है।










