‘कांग्रेस-TMC के विलय के दावों पर केसी वेणुगोपाल का बड़ा बयान: बताया— “आधारहीन अफ़वाह”; सोनिया-ममता की बैठक पर जयराम रमेश ने भी खोला राज!’
नई दिल्ली: टीएमसी और कांग्रेस के विलय की खबरों पर कांग्रेस का बड़ा बयान। महासचिव केसी वेणुगोपाल ने विलय के दावों को 'आधारहीन अफवाह' बताया, बोले— सोनिया-राहुल और ममता-अभिषेक की मुलाकात केवल 'इंडिया गठबंधन' को मजबूत करने के लिए थी। जयराम रमेश ने मीडिया रिपोर्ट्स को बताया पूरी तरह गलत, कहा— बैठक में निजी और सौहार्दपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा। पढ़ें PNN24 की विशेष राजनैतिक रिपोर्ट।

तारिक खान
नई दिल्ली (PNN24 News): पश्चिम बंगाल में विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर विवाद और सीआईडी की एंट्री के बीच, दिल्ली में सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की हाई-प्रोफाइल मुलाकात को लेकर मीडिया में चल रही ‘TMC के कांग्रेस में विलय’ की अटकलों पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के शीर्ष संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इन तमाम दावों को मनगढ़ंत और आधारहीन करार दिया।
🗣️ “न कोई प्रस्ताव आया, न कोई अनुरोध हुआ”— केसी वेणुगोपाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने केसी वेणुगोपाल से सीधा सवाल पूछा कि क्या कांग्रेस ने टीएमसी के सामने विलय का कोई आधिकारिक प्रस्ताव (Proposal) रखा है या फिर ममता बनर्जी की तरफ से ऐसा कोई अनुरोध (Request) आया है? इस पर वेणुगोपाल ने स्पष्ट करते हुए कहा:
- इंडिया गठबंधन को मजबूत करने पर चर्चा: “पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ मिलकर जो विस्तृत चर्चा की, उसका एकमात्र एजेंडा ‘इंडिया’ (I.N.D.I.A.) गठबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत व एकजुट बनाना था।”
- जयराम रमेश का दिया हवाला: उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पहले ही पार्टी का रुख साफ कर दिया था, इसलिए भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है।
📱 “मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण थी, अफवाहें गलत”— जयराम रमेश
इससे पहले बुधवार को ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर मीडिया के एक वर्ग द्वारा चलाए जा रहे दावों की हवा निकाल दी थी। उन्होंने लिखा था:
“कुछ मीडिया रिपोर्टों में सोनिया गांधी जी और ममता बनर्जी जी के बीच हुई मुलाक़ात को लेकर जो दावे (विलय के) किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से ग़लत और भ्रामक हैं। यह मुलाक़ात बेहद सौहार्दपूर्ण और आत्मीय माहौल में हुई थी। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच लंबे समय से बेहद गहरे व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध रहे हैं, इसलिए बातचीत के दौरान राजनीति के साथ-साथ कई निजी और पारिवारिक विषयों पर भी सहज चर्चा हुई थी।”
📍 मध्य प्रदेश और समसामयिक घटनाक्रम बना बैठक की वजह
कांग्रेस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी साफ किया कि इस आपातकालीन बैठक की पृष्ठभूमि में हालिया राजनैतिक घटनाक्रम थे। विशेष रूप से मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन तकनीकी आधार पर रद्द होना और पार्टी विधायकों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर विपक्षी खेमे के शीर्ष नेताओं के बीच रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से यह मुलाकातें की जा रही हैं। कांग्रेस का साफ कहना है कि बीजेपी के दमनचक्र के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है, न कि किसी क्षेत्रीय दल का कांग्रेस में विलय होने जा रहा है।










