जेल के भीतर गैंगवार: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या; बैरक में बंद हार्डकोर अपराधी ने वारदात को दिया अंजाम’

राजस्थान से बड़ी खबर: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की सोमवार को सेल के भीतर हत्या, साथी हार्डकोर अपराधी पर लगा आरोप। डीजी जेल अशोक कुमार राठौड़ और एसपी हर्षवर्धन भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे, एफएसएल (FSL) ने जुटाए साक्ष्य। कांग्रेस ने उठाई उच्चस्तरीय जांच की मांग। पढ़ें PNN24 की विशेष विधिक व अपराध रिपोर्ट।

महविश कुरैशी

अजमेर/धौलपुर (PNN24 News): राजस्थान के कारागार प्रशासन और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह ध्‍वस्‍त करते हुए सूबे की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर एक बेहद चौंकाने वाला हत्याकांड सामने आया है। चंबल के बीहड़ों में कभी आतंक का पर्याय रहे और 100 से अधिक संगीन मामलों के आरोपी कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की सोमवार को जेल के अंदर ही हत्या कर दी गई। इस वीभत्स वारदात को जगन की ही सेल (बैरक) में बंद एक अन्य हार्डकोर अपराधी ने अंजाम दिया है। इस घटना के बाद राजस्थान के सियासी और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

🚨 दोपहर के ‘राउंड’ में खुला राज, मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

जेल के भीतर हुई इस हाई-प्रोफाइल हत्या की पुष्टि खुद डीजी (जेल) अशोक कुमार राठौड़ ने की है।

  • वारदात का समय: डीजी जेल के मुताबिक, यह वारदात सोमवार सुबह करीब 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे के बीच अंजाम दी गई। दोपहर के रूटीन राउंड के दौरान जब प्रहरियों ने बैरक का मुआयना किया, तब जगन गुर्जर लहुलुहान और मृत अवस्था में पाया गया।
  • फॉरेंसिक जांच शुरू: घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए अजमेर के पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन, स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस जाब्ते के साथ जेल परिसर पहुंचे। साक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।

🔫 चंबल का वो ‘रॉबिनहुड’ जिस पर दर्ज थे 100 से ज्यादा मुकदमे

मूल रूप से धौलपुर जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र के भवुतीपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर अपराध की दुनिया का एक ऐसा नाम था, जिससे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश (UP-MP-RJ) की पुलिस कांपती थी।

  • ऐसे रखा जुर्म की दुनिया में कदम: साल 1994 में जगन गुर्जर ने अपने बहनोई की मौत का बदला लेने के लिए पहली हत्या की थी। इसके बाद उसने चंबल के बीहड़ों का रुख किया और अपनी एक बेहद खतरनाक सशस्त्र गैंग बना ली। देखते ही देखते वह चंबल के सबसे बड़े डकैतों की फेहरिस्त में शामिल हो गया।
  • 4 बार सरेंडर और फिर गुनाह: जगन गुर्जर के दुस्साहस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने साल 2001 से 2018 के बीच अलग-अलग सरकारों के सामने 4 बार मंचों पर भारी तामझाम के साथ आत्मसमर्पण (Surrender) किया। लेकिन हर बार अदालत से जमानत पर बाहर आते ही वह फिर से डकैती, हत्या, अपहरण और रंगदारी जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त हो जाता था।

🏰 जब तत्कालीन मुख्यमंत्री का महल उड़ाने की दी थी धमकी

जगन गुर्जर के आपराधिक इतिहास का सबसे चर्चित और खतरनाक अध्याय साल 2008 में सामने आया था। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान जगन ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बाड़ी स्थित पैतृक महल को बारूद से उड़ाने की खुली धमकी दे डाली थी। इस दुस्साहस के बाद तत्कालीन सरकार ने जगन गुर्जर की गिरफ्तारी पर 11 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित किया था, जिसके बाद वह देशव्यापी सुर्खियों में आया था।

🏛️ कांग्रेस ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

अजमेर की इस जेल को प्रदेश की सबसे आधुनिक और ‘फुलप्रूफ’ सुरक्षा वाली जेल माना जाता है, जहाँ राज्य के सबसे खतरनाक आतंकवादियों और गैंगस्टरों को रखा जाता है। ऐसे में वहां जेल के भीतर मर्डर होना सीधे तौर पर जेल प्रशासन की मिलीभगत या भयंकर लापरवाही को उजागर करता है। इस घटना को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है और मामले की न्यायिक व उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

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