‘दालमंडी चौड़ीकरण: मस्जिद निसारन की वक्फ संपत्ति पर “फर्जीवाड़े” का भंडाफोड़; चौक पुलिस ने मुख्य आरोपी आज़म को दबोचा, 5अन्य फरार; PNN24 के पास FIR कॉपी सुरक्षित’
दालमंडी चौड़ीकरण: आपदा में अवसर तलाशने वालों पर वाराणसी की चौक पुलिस का बड़ा एक्शन। मस्जिद निसारन (वक्फ संख्या 233) के वैध मुतवल्ली शकील अहमद की तहरीर पर 6 जालसाजों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज। मुख्य आरोपी मोहम्मद आज़म गिरफ्तार, जहांगीर और जावेद चंदू सहित 5 अन्य आरोपी फरार। पढ़ें PNN24 की विशेष खोजी रिपोर्ट।

निलोफर बानो
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी जिला प्रशासन द्वारा दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए की जा रही प्रशासनिक कवायद के बीच, कुछ जालसाजों द्वारा ‘आपदा में अवसर’ तलाशने का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। दालमंडी रोड पर स्थित ऐतिहासिक मस्जिद निसारन (वक्फ नंबर 294) की करोड़ों रुपये की कीमती जायदाद को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने और नगर निगम में गलत तरीके से नामांतरण (Mutation) कराने के आरोप में चौक पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की है।

📌 क्या है मस्जिद निसारन वक्फ संपत्ति का पूरा ब्योरा?
शिकायतकर्ता और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा नियुक्त मुतवल्ली शकील अहमद ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित तहरीर में इस पूरी संपत्ति का प्रामाणिक ब्योरा दिया है:
- लोकेशन व नंबर: मस्जिद निसारन वक्फ नंबर 233, अराजी नंबर 7358, 7359, 7360 मौजा शहर खास, परगना देहात अमानत के अंतर्गत स्थित है।
- नगर निगम भवन संख्या: दालमंडी रोड स्थित इस परिसर का नगर निगम मकान नंबर डी0 50/211, डी050/61 और 61ए है।
- चौड़ीकरण की जद में: वक्फ संपत्ति संख्या 294 का एक जुज (हिस्सा) दालमंडी रोड चौड़ीकरण योजना से प्रभावित हो रहा है। इसके वास्ते मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड लखनऊ द्वारा मुतवल्ली को गत 23 अप्रैल 2026 को आवश्यक विधिक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे।
🗺️ जालसाजी का खेल: नगर निगम में कराया फर्जी नामांतरण
मुतवल्ली शकील अहमद को इस बड़ी साजिश की भनक तब लगी जब उन्होंने सरकारी विभागों में चौड़ीकरण से संबंधित दस्तावेजों का मुआयना किया।
- फर्जी प्रतिनिधि: आरोपी जहांगीर (पुत्र जलील) ने कूटरचित और मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम वाराणसी में गलत तरीके से अपना नामांतरण करवा लिया। इसके बाद, मुख्य आरोपी मोहम्मद आज़म (पुत्र शौकत अली) ने मृतक मोहम्मद जलील के वंशजों को बहला-फुसलाकर खुद को इस वक्फ संपत्ति का फर्जी प्रतिनिधि घोषित कर दिया।
- कब्जे का प्रयास: आज़म ने इस फर्जीवाड़े के दम पर मस्जिद के प्रथम तल (First Floor) पर बने लगभग 1200 वर्ग फीट के हॉल पर अवैध कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी।
- गैंग की साठगांठ: इस साजिश में आरोपी जावेद उर्फ चंदू, अरशद और आलमगीर ने आज़म के साथ साठगांठ करके मकान नंबर डी0 50/61 और 61ए पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध नाम दर्ज करवा लिए।
🤫 सरकार को जमीन देने पर दी जा रही ‘जान से मारने की धमकी’
तहरीर में यह बेहद चौंकाने वाला आरोप भी लगाया गया है कि चूंकि यह मस्जिद का उत्तरी हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित है और वैध मुतवल्ली सरकार व प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं, इसलिए ये विपक्षीगण भड़क गए हैं। आरोपीगण वैध मुतवल्ली को सरकार के पक्ष में विधिक कार्रवाई करने से रोकने के लिए लगातार डरा-धमका रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं।
👮 चौक पुलिस का एक्शन: एक दबोचा गया, ५ की तलाश जारी
मामले की गंभीरता और वक्फ संपत्ति से जुड़ा विवाद होने के कारण चौक पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया:
- गिरफ्तारी: पुलिस ने तत्काल दबिश देकर मुख्य आरोपी मोहम्मद आज़म (निवासी: फाटक शेख सलीम) को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
- फरार आरोपी: मामले के 5 अन्य नामजद आरोपी— जहांगीर, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद जावेद उर्फ चंदू, आलमगीर, और मोहम्मद अली पोपी फिलहाल पुलिस को चकमा देकर फरार हैं।
चौक थाना प्रभारी के मुताबिक, फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे। इस हाई-प्रोफाइल मामले की एफआईआर (FIR) की कॉपी PNN24 न्यूज़ के पास पूरी तरह सुरक्षित है।











