‘देहरादून में “बुलडोज़र इंसाफ़”: खेत के पानी को लेकर खूनी भिड़ंत, BJP नेता की पीट-पीटकर हत्या; रज़्ज़ाक-सलमान समेत 4 गिरफ्तार, आरोपियों के घर चला बुल्डोजर, गांव में भारी तनाव, PAC तैनात!’
देहरादून क्राइम: सहसपुर के बैरागीवाला गांव में खेत में पानी छोड़ने के विवाद में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला सोशल मीडिया सह-संयोजक विनोद कुमार की पीट-पीटकर हत्या। भाई समेत तीन घायल। मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर पर 12 नामजद और 40 अज्ञात पर BNS की धाराओं में केस दर्ज। पुलिस ने रज़्ज़ाक, सलमान, जावेद और शहबाज़ को दबोचा। तनाव के बीच गांव में भारी पुलिस व PAC तैनात, आरोपियों के घरों पर चला बुलडोज़र।

आदिल अहमद
देहरादून (PNN24 News): देवभूमि उत्तराखंड की कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए देहरादून के सहसपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया है। बैरागीवाला गांव में खेत में पानी चलाने की बात पर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने कुछ ही देर में भयानक सांप्रदायिक और हिंसक संघर्ष का रूप ले लिया। इस खूनी झड़प में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला सोशल मीडिया सह-संयोजक की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके परिवार के कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। शासन के निर्देश पर पुलिस ने मुख्य आरोपियों को दबोचते हुए उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोज़र चलाना भी शुरू कर दिया है।
💧 पानी चलाने को लेकर हुआ विवाद; पहले से चल रही थी रंजिश
देहरादून पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह पूरी हिंसक घटना सहसपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बैरागीवाला गांव की है:
- अचानक हुआ जानलेवा हमला: शनिवार की शाम को खेतों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच बात बढ़ी। देखते ही देखते एक विशेष समुदाय के दर्जनों लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर दूसरे पक्ष पर धावा बोल दिया।
- बीजेपी नेता की मौत: हमलावरों ने दूसरे पक्ष के तीन लोगों को घेरकर इतनी बेरहमी से पीटा कि वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान भाजपा नेता विनोद कुमार ने दम तोड़ दिया। इस हिंसक हमले में विनोद कुमार के सगे भाई समेत तीन अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
- पुरानी रंजिश: पुलिस की शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच जमीन और पानी को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार तनातनी चल रही थी, जिसने शनिवार को हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।
📝 12 नामजद और 40 अज्ञात पर FIR; रज़्ज़ाक-सलमान समेत 4 दबोचे
इस जघन्य हत्याकांड के बाद मृतक के भाई अशोक कुमार ने सहसपुर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
- BNS की धाराओं में केस: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत 12 नामजद मुख्य आरोपियों और 30 से 40 अन्य अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ सामूहिक हमला, दंगा भड़काने और हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
- ताबड़तोड़ ४ गिरफ्तारियां: देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देश पर गठित स्पेशल पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर अब तक चार मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रज़्ज़ाक, सलमान, जावेद और शहबाज़ के रूप में हुई है। बाकी बचे नामजद आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
🚜 गांव में भड़का आक्रोश; घरों में तोड़फोड़ के बाद चला ‘बुलडोज़र’
भाजपा नेता की मौत की खबर फैलते ही पूरे बैरागीवाला गांव और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंच गया। आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों और दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के घरों के बाहर उग्र प्रदर्शन किया और कथित तौर पर वहां तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
- PAC की तैनाती: हालात को बेकाबू होते देख जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए पूरे सहसपुर क्षेत्र में भारी पुलिस बल और प्रांतीय रक्षक दल (PAC) की कई कंपनियां तैनात कर दी हैं।
- प्रशासनिक बुलडोज़र एक्शन: कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए धामी प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्तों के अवैध ठिकानों और संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कड़ा बयान:
“हत्याकांड के दोषियों पर बुलडोज़र चलना तो केवल इस बात का पहला प्रमाण है कि अपराध के प्रति भाजपा सरकार ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर सख्ती से काम करती है। हमें न्यायपालिका और अपनी पुलिस पर पूरा भरोसा है कि इस विधिक कार्रवाई में आगे चलकर इन हत्यारों और उनके पर्दे के पीछे बैठे संरक्षणकर्ताओं को भी ऐसी कठोरतम वि सजा दिलाई जाएगी कि आने वाली पीढ़ियां भी देवभूमि में जिहाद और अपराध की मानसिकता रखने से तौबा करने लगें।”
फिलहाल, देहरादून जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान लगातार मौके पर कैंप कर रहे हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ भी विधिक निगरानी बढ़ा दी है और आम जनता से शांति बनाए रखने व किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक अफवाह से बचने की पुरज़ोर अपील की है।










