‘रौशन आनंद की बेल पर फिर टली सुनवाई, भड़के हजारों छात्र; 13 जून से पटना में “आमरण अनशन” का एलान, खान सर को राहत पर पक्षपात का आरोप!’
पटना: ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत पर फंसा पेंच, शनिवार (13 जून) से पटना BPSC सेंटर पर हजारों छात्र और शिक्षक करेंगे आमरण अनशन। कोर्ट में शुक्रवार को भी टली सुनवाई, खान सर के वकील ने मेडिकल ग्राउंड पर मांगी थी मोहलत। खान सर को राहत मिलने और रौशन आनंद के जेल में रहने पर फूटा छात्रों का गुस्सा। खान सर के बॉडीगार्ड्स प्रदीप और तालेश्वर की बेल याचिका कोर्ट से खारिज। पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

महविश कुरैशी
पटना (PNN24 News): बिहार की राजधानी पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले देश के बड़े कोचिंग संस्थानों और छात्रों के बीच भारी उबाल देखा जा रहा है। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के मुख्य कर्ताधर्ता और विख्यात शिक्षक रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ कानूनी गतिरोध अब एक बड़े छात्र आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार को जिला अदालत (District Court) में रौशन आनंद की जमानत याचिका (Bail Petition) पर एक बार फिर सुनवाई टल जाने के बाद संस्थान से जुड़े शिक्षकों और हजारों छात्रों ने न्याय में हो रही देरी के खिलाफ ‘आर-पार’ की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है।
📅 शुक्रवार को क्यों टली सुनवाई? अदालत में क्या हुआ?
न्यायिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रौशन आनंद की बेल याचिका इससे पहले निचली अदालत (सिविल कोर्ट) से खारिज हो चुकी है। जिला अदालत में पिछली दो तारीखों से इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका था:
- विपक्षी वकील की अनुपस्थिति: शुक्रवार को जब कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई, तो इस मामले से जुड़े खान सर के मुख्य अधिवक्ता ने अपने ‘मेडिकल ग्राउंड’ (खराब स्वास्थ्य) का हवाला देते हुए न्यायालय से आज की सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से अनुपस्थित रहने की आधिकारिक अनुमति मांगी।
- सुनवाई टली: अदालत ने बचाव और विपक्षी पक्षों की कड़ियों को देखते हुए शुक्रवार की सुनवाई को अगली तारीख के लिए टाल दिया।
- बॉडीगार्ड्स को झटका: इसी मामले से जुड़ी एक अन्य बड़ी खबर यह भी है कि अदालत ने खान सर के गिरफ्तार निजी बॉडीगार्ड्स— प्रदीप कुमार और तालेश्वर सिंह (जिन्हें 4 जून को गिरफ्तार किया गया था)— की जमानत याचिकाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
🗣️ “खान सर को राहत, रौशन आनंद जेल में”— छात्रों में भारी भेदभाव का गुस्सा
इस पूरे घटनाक्रम ने पटना के मुसल्लहपुर हाट और नया टोला जैसे छात्र बाहुल्य इलाकों में एक अलग बहस और आक्रोश को जन्म दे दिया है। छात्रों का स्पष्ट आरोप है कि इस पूरे मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया में एकतरफा और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की जा रही है:
- एक को राहत, दूसरे को जेल: विद्यार्थियों का कहना है कि जहां एक तरफ स्टार शिक्षक खान सर को इस मामले में गिरफ्तारी से बड़ी राहत मिल गई है, वहीं दूसरी तरफ समान परिस्थितियों के बावजूद रौशन आनंद को 3 जून 2026 से लगातार न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में रखा जा रहा है।
- संस्थान के शिक्षक आदर्श का बयान: ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर से जुड़े वरिष्ठ शिक्षक आदर्श ने एनडीटीवी (NDTV) से विशेष बातचीत में छात्रों के गुस्से की पुष्टि की। उन्होंने कहा:
“हम सभी शिक्षक और हजारों छात्र इस एकतरफा प्रशासनिक और कानूनी रवैये से पूरी तरह आहत हैं। शनिवार (13 जून) से हम सभी लोग संस्थान के ‘BPSC सेंटर’ पर एक साथ सामूहिक ‘आमरण अनशन’ (Fast Unto Death) पर बैठने जा रहे हैं। हमें माननीय न्यायालय पर पूर्ण विश्वास है, लेकिन व्यवस्था द्वारा जानबूझकर न्याय में जो देरी की जा रही है, हम उसका शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध करेंगे।”
📱 सोशल मीडिया पर आधिकारिक अपील: “रणनीति के तहत टाली जा रही सुनवाई”
इधर, ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के आधिकारिक फेसबुक पेज (Official Facebook Page) से एक भावुक और गंभीर पोस्ट जारी कर बिहार के सभी छात्रों से इस अनशन में जुड़ने की अपील की गई है। संस्थान ने अपनी पोस्ट में लिखा है:
“आप सभी विद्यार्थियों को अत्यंत दुखी मन से सूचित करना पड़ रहा है कि आज निर्धारित सुनवाई के दौरान हमारी जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। विपक्षी पक्ष द्वारा एक सोची-समझी रणनीति के तहत इस महत्वपूर्ण सुनवाई को बार-बार टालने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। हम माननीय न्यायालय के प्रत्येक आदेश का पूर्ण और सहर्ष सम्मान करते हैं, परंतु न्याय मिलने में हो रही इस जानबूझकर देरी से हम सभी मानसिक रूप से आहत हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, हम सभी छात्रों और शिक्षकों ने एकजुट होकर शनिवार से ‘आमरण अनशन’ जैसा कठिन और ऐतिहासिक निर्णय लिया है।”
इस छात्र आंदोलन की घोषणा के बाद पटना जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कोचिंग हब माने जाने वाले इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पर विचार किया जा रहा है। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक रौशन आनंद को न्यायसंगत बेल नहीं मिल जाती, उनका यह लोकतांत्रिक सत्याग्रह जारी रहेगा।











