‘मध्य पूर्व में महासंग्राम के बीच ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट! संस्थापक खुमैनी की पुण्यतिथि पर मोजतबा ख़ामेनेई का संदेश; ओवल ऑफिस से डोनाल्ड ट्रंप बोले— “इसी हफ्ते हो सकता है ईरान से समझौता” ‘
अंतर्राष्ट्रीय: ईरान-अमेरिका में भारी तनाव के बीच ईरान की सत्ता से बड़ी खबर, संस्थापक खुमैनी की पुण्यतिथि पर सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का लिखित संदेश पढ़ा गया। अमेरिकी व इजरायली हमलों के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे सर्वोच्च नेता। इधर, व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान— "ईरान के साथ इस हफ्ते के आखिर तक समझौते की संभावना।" पढ़ें PNN24 की विशेष अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
तेहरान/वाशिंगटन (PNN24 News): इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के बीच जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच वैश्विक राजनीति के गलियारों से दो बेहद चौंकाने वाले घटनाक्रम सामने आए हैं। पहला बड़ा बदलाव ईरान के भीतर सर्वोच्च नेतृत्व के स्तर पर देखने को मिला है, जहां पिछले छह सालों की परंपरा टूट गई है। दूसरा बड़ा बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आया है, जिन्होंने दोनों देशों के बीच जारी हमलों के बावजूद इस सप्ताह के अंत तक एक बड़े समझौते की उम्मीद जताई है।
🔮 ईरान में टूटी 6 साल की परंपरा: मोजतबा ख़ामेनेई का संदेश पढ़ा गया
ईरान के संस्थापक रुहोल्लाह खुमैनी की पुण्यतिथि के बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक मौके पर इस बार ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का भाषण नहीं हुआ। इसके उलट, इस साल ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई का एक लिखित संदेश सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया गया।
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इमाम ने पढ़ा संदेश: मोजतबा खामेनेई के इस लिखित संदेश को तेहरान के अस्थायी इमाम-ए-जुमा मोहम्मद जवाद हाज-अली-अकबरी ने मंच से पढ़ा।
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दुश्मन की हार का दावा: जारी संदेश में कहा गया, “हमारे सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों के सामने दुश्मन को हार का सामना करना पड़ा है। ख़ास तौर पर सैन्य लड़ाई और मैदानों तथा सड़कों पर मिली कड़ी जवाबी कार्रवाई के कारण दुश्मन को गहरी और अपमानजनक हार झेलनी पड़ी है।”
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जनता से एकजुटता की अपील: संदेश में आगाह किया गया कि दुश्मन ईरानियों के धैर्य को कमज़ोर करने और अधिकारियों के निर्णय में गलतियां पैदा करने की संयुक्त रणनीति पर काम कर रहा है। दुश्मन का सबसे बड़ा हथियार लोगों के बीच शक, अविश्वास और मतभेद पैदा करना है, जिसे नाकाम करने के लिए सभी को एकजुट रहना होगा।
पर्दे के पीछे की बड़ी वजह: अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। सुरक्षा कारणों या रणनीतिक वजहों से उनकी ओर से केवल लिखित संदेश जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें दूसरे अधिकारी पढ़ रहे हैं।
🇺🇸 व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: “इसी सप्ताह हो सकता है समझौता”
इस भारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए एक नई संभावना की ओर इशारा किया है। ट्रंप ने इस सप्ताह के आख़िर तक ईरान के साथ एक बड़ा समझौता होने की उम्मीद जताई है।
- क्या कुवैत हमले के बाद भी युद्धविराम लागू है? जब पत्रकारों ने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा कि कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ईरानी हमलों के बाद भी क्या दोनों देशों के बीच सीजफायर (युद्धविराम) प्रभावी है? तो ट्रंप ने रहस्यमयी अंदाज में जवाब दिया— “हर चीज किसी न किसी वजह से होती है।”
- अमेरिका का जोरदार प्रहार: ट्रंप ने खुलासा किया कि कुवैत में हुए ईरानी हमले से ठीक एक रात पहले अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर “बहुत जोरदार प्रहार” किया था। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “हम ईरानियों पर बहुत सख्ती से हमला कर रहे हैं, इसलिए कुछ चीजें किसी वजह से होती हैं।”
- अमेरिकी सेना को बताया सर्वश्रेष्ठ: हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बेहतरीन और आधुनिक सेना है, जिसकी ताकत से ईरान की हरकतों को पूरी तरह नियंत्रित किया गया था, इसलिए ये हालिया हमले अमेरिका के लिए कोई बड़ी बात नहीं हैं।
🚀 “आत्मरक्षा” के नाम पर मिसाइल और ड्रोन से आमने-सामने की जंग
गौरतलब है कि बीते दिनों ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की एक बेहद खतरनाक और नई लहर देखी गई। दोनों महाशक्तियों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की और इसे “आत्मरक्षा” (Self-Defense) की कार्रवाई करार दिया। ईरान ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उसने मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन के जरिए मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थित अमेरिका के सहयोगी देशों और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को सीधे निशाना बनाया है।
एक तरफ मोजतबा खामेनेई का लिखित संदेश यह दिखाता है कि ईरान अंदरूनी तौर पर अपने तंत्र को मजबूत और एकजुट रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं ओवल ऑफिस से आया डोनाल्ड ट्रंप का बयान संकेत देता है कि बैकचैनल (Backchannel) के जरिए युद्ध को टालने और किसी समझौते पर पहुंचने की कोशिशें भी पर्दे के पीछे जारी हैं। दुनिया की नजरें अब इस सप्ताह के अंत पर टिकी हैं।











