‘मिडिल ईस्ट में छिड़ गया महा-युद्ध! ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के अमेरिकी सैन्य अड्डों पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें; खाड़ी देशों में मची तबाही, एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव!’
मिडिल ईस्ट में महा-युद्ध शुरू: ईरान (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन. कुवैत के एयर डिफेंस ने हवाई हमलों को हवा में मार गिराया; बहरीन में रेड अलर्ट, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश. जॉर्डन की सेना ने मार गिराईं ईरान की 5 मिसाइलें. अमेरिकी मीडिया 'एक्सियोस' ने की बड़े नुकसान की आशंका की पुष्टि. पढ़ें PNN24 की विशेष वैश्विक युद्ध रिपोर्ट.

मो0 सलीम
PNN24 News: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा नियंत्रित टकराव अब पूरी तरह बेकाबू होकर व्यापक क्षेत्रीय युद्ध (Regional War) में बदल चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी रडार और एयर डिफेंस सिस्टम्स को तबाह करने के आदेश के ठीक बाद, ईरान की सेना और उसकी खूंखार यूनिट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने ‘ऑपरेशन प्रतिशोध’ के तहत मध्य-पूर्व के तीन देशों— कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेसों पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं. इस महा-हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में हड़कंप मच गया है और देश के देश युद्ध के सायरन से दहल उठे हैं.
🚀 IRGC और ईरानी सेना का संयुक्त बयान: “अमेरिकी ठिकानों को किया नेस्तनाबूद”
ईरान के रणनीतिक कमान केंद्र ‘ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय’ (Khatam al-Anbiya Headquarters) ने एक आधिकारिक और बेहद आक्रामक सैन्य बुलेटिन जारी कर हमलों की जिम्मेदारी ली है:
- संयुक्त सैन्य ऑपरेशन: बयान के मुताबिक, यह हमला आईआरजीसी (IRGC) और ईरान की मुख्य रेगुलर सेना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया है.
- निशाने पर अमेरिकी सैन्य अड्डे: ईरानी स्टेट मीडिया ने दावा किया है कि जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को पूरी तरह निशाना बनाया गया है. अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘एक्सियोस’ (Axios) ने भी अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की है कि इन ठिकानों पर कम से कम चार घातक लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और दर्जनों आत्मघाती (Kamikaze) ड्रोन दागे गए हैं.
🛡️ खाड़ी देशों में रेड अलर्ट; बहरीन-कुवैत में मची अफरा-तफरी
ईरान की मिसाइलें जैसे ही खाड़ी के आसमान में दाखिल हुईं, अमेरिकी सहयोगियों के डिफेंस सिस्टम और युद्ध प्रणालियां एक्टिव हो गईं:
- 🇰🇼 कुवैत (Kuwait): कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने एक आपातकालीन बयान जारी कर बताया कि उनके पैट्रियट (Patriot) एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हो रहे कई ‘हवाई हमलों और मिसाइलों’ को सफलतापूर्वक हवा में ही इंटरसेप्ट (नष्ट) कर दिया है. कुवैत मिलिट्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपने नागरिकों से तुरंत सुरक्षा से जुड़े आपातकालीन सरकारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया है.
- 🇧🇭 बहरीन (Bahrain): बहरीन, जहां अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली ‘फिफ्थ फ्लीट’ (Fifth Fleet) मुख्यालय स्थित है, वहां स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण है. बहरीन के गृह मंत्रालय ने देश में ‘रेड अलर्ट’ जैसी स्थिति की घोषणा करते हुए नागरिकों से शांत रहने और तुरंत अपने घरों के सबसे नजदीकी बंकरों व सुरक्षित भूमिगत स्थानों पर जाने की अपील की है.
- 🇯🇴 जॉर्डन (Jordan): जॉर्डन की शाही सेना ने एक बहुत बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उनकी वायुसेना और मिसाइल डिफेंस यूनिट्स ने जॉर्डन की सीमा के भीतर घुस रही ईरान की 5 शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया और उनके मलबे को आबादी से दूर रेगिस्तानी इलाकों में डंप किया है.
💥 क्या परमाणु ठिकानों पर भी मंडरा रहा है खतरा?
इस अप्रत्याशित और भीषण जवाबी कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पूरी तरह फेल साबित हो रही है. पेंटागन (Pentagon) के सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ‘सिचुएशन रूम’ में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि इन हमलों में अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचता है, तो अमेरिका सीधे ईरान के मुख्य भूभाग के भीतर मौजूद ‘इस्फ़हान’ और ‘नतांज’ जैसे अति-संवेदनशील परमाणु ठिकानों (Nuclear Sites) पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला बोल सकता है.
इधर, ईरान के इस घातक कदम ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की सप्लाई चेन को भी सदमे में डाल दिया है, जिससे वैश्विक बाजारों में क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. पूरे मध्य पूर्व में इस समय पूर्ण युद्ध के बादल छाए हुए हैं.












