‘कानपुर देहात में “सैन्य बम” मिलने से हड़कंप: नाले में तैरता मिला शक्तिशाली मोर्टार; झांसी से बुलाया गया बम निरोधक दस्ता, हाई अलर्ट पर खुफिया एजेंसियां!’
कानपुर देहात: गजनेर के जसवापुर गांव में नाले से संदिग्ध मोर्टार बम बरामद होने से मचा हड़कंप। ग्रामीण अनिल कुमार की सूचना पर दौड़ी पुलिस, सीओ अकबरपुर संजय कुमार सिंह ने घटनास्थल को कराया सुरक्षित। मोर्टार को डिफ्यूज करने के लिए झांसी से बुलाई गई बम निरोधक दस्ता (BDS) की टीम। कबाड़ कारोबारियों और सैन्य अभ्यास से जुड़ी कड़ियों को खंगाल रही हैं खुफिया एजेंसियां। पढ़ें PNN24 की विशेष खोजी रिपोर्ट।

मो0 कुमेल
कानपुर देहात (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। जिले के गजनेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जसवापुर गांव के पास सड़क किनारे बने एक गहरे नाले से सेना ग्रेड का संदिग्ध मोर्टार शेल बरामद किया गया है। रिहाइशी इलाके के ठीक पास नाले में बम जैसी खतरनाक वस्तु दिखने की खबर जैसे ही फैली, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
🚨 ग्रामीण की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा; अलर्ट पर पुलिस
इस पूरे मामले की शुरुआत एक स्थानीय ग्रामीण की सतर्कता के कारण हुई, जिसने समय रहते पुलिस को सूचित कर दिया:
- 112 नंबर पर दी गई सूचना: क्षेत्राधिकारी (सीओ) अकबरपुर संजय कुमार सिंह ने PNN24 News को बताया कि जसवापुर गांव के रहने वाले अनिल कुमार नामक ग्रामीण ने नाले के भीतर इस संदिग्ध भारी लोहे की वस्तु (मोर्टार) को देखा था। उसने बिना कोई देरी किए इसकी सूचना तुरंत पुलिस सहायता नंबर 112 पर दी।
- मौके पर पहुंचे आला अधिकारी: सूचना मिलते ही गजनेर थाना प्रभारी, सीओ संजय कुमार सिंह और कई प्रशासनिक अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए मोर्टार के आसपास के पूरे इलाके को घेर लिया (कॉर्डन ऑफ) और ग्रामीणों को वहां से दूर हटाया।
💣 झांसी से बुलाया गया स्पेशल स्क्वॉड; FSL टीम कर रही जांच
मोर्टार की संवेदनशीलता और उसकी मारक क्षमता को देखते हुए प्रशासन ने कोई भी जोखिम न लेते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया है:
- झांसी से आ रही बीडीएस टीम: सीओ संजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि मोर्टार को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज और डिफ्यूज (निष्क्रिय) करने के लिए झांसी से बम निरोधक दस्ते (BDS – Bomb Disposal Squad) को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही एंटी-सबोटैज चेक (AS Check) टीम को भी तैनात किया गया है।
- फॉरेंसिक (FSL) की गहन जांच: घटनास्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और फील्ड यूनिट की टीमें साक्ष्य जुटा रही हैं। एक्सपर्ट्स इस बात का वैज्ञानिक आकलन कर रहे हैं कि यह मोर्टार कितना पुराना है, यह जिंदा (Live Bomb) है या पूरी तरह निष्क्रिय (Inert) हो चुका है।
🕵️ कबाड़ के धंधेबाज या पुराना सैन्य अभ्यास? खुफिया एजेंसियां जांच में जुटीं
आम रिहाइशी और कृषि प्रधान इलाके के नाले में इतनी घातक सैन्य सामग्री का मिलना कई गंभीर संशय पैदा कर रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ खुफिया कड़ियां भी दो मुख्य एंगल्स पर बारीकी से काम कर रही हैं:
- स्क्रैप (कबाड़) माफिया का हाथ: आशंका जताई जा रही है कि कबाड़ (Scrap) का धंधा करने वाले कुछ तस्करों ने कहीं से सेना का पुराना कबाड़ खरीदा होगा और चेकिंग या पुलिस कार्रवाई के डर से इसे रात के अंधेरे में नाले या तालाब के किनारे फेंक कर फरार हो गए।
- पुराना सैन्य अभ्यास: दूसरा एंगल यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या सालों पहले इस क्षेत्र या इसके आसपास हुए किसी सैन्य अभ्यास (Military Exercise) के दौरान यह मोर्टार मिसफायर होकर यहाँ गिरा था और वक्त के साथ मिट्टी में दब गया, जो अब नाले की सफाई या पानी के बहाव से बाहर आ गया।
सुरक्षा घेरा सख्त: जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जसवापुर गांव और नाले/तालाब से जुड़े रास्तों पर कड़ा पहरा बिठा दिया है। जब तक झांसी से आने वाली बीडीएस की टीम इस मोर्टार को अपने सुरक्षित कंटेनर में लेकर निष्क्रिय नहीं कर देती, तब तक ग्रामीणों को उस दिशा में जाने की सख्त मनाही है। पुलिस पूरी मुस्तैदी से जांच की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।











