‘कानपुर के गंगा घाट पर “तालिबानी” इंसाफ: मंदिर परिसर में पुजारी ने युवकों को लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा; मासूम बच्चों से भी बरसवाए डंडे, वीडियो वायरल!’

कानपुर: महाराजपुर के ढोड़ी गंगा घाट पर मानवता शर्मसार! मंदिर के पुजारी ने गंगा स्नान करने आए दो युवकों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, बच्चे भी डंडे बरसाते दिखे। युवक हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन पुजारी का दिल नहीं पसीजा। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश— बच्चों को हिंसक बनाने पर जताई चिंता। महाराजपुर इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने दिए जांच के आदेश।

मो0 कुमेल

कानपुर (PNN24 News): उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के महाराजपुर थाना क्षेत्र से सामाजिक और नैतिक मूल्यों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। क्षेत्र के प्रसिद्ध ढोड़ी गंगा घाट स्थित एक मंदिर परिसर का बुधवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आस्था के केंद्र पर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एक मंदिर का मुख्य पुजारी गंगा स्नान करने आए दो सीधे-साधे युवकों पर हैवानियत के साथ लाठी-डंडे बरसा रहा है, जबकि असहाय युवक हाथ जोड़कर जान बख्शने की मिन्नतें कर रहे हैं।

👦 बच्चों के हाथों में थमाए डंडे; स्थानीय समाज में भारी चिंता

वायरल वीडियो में जो सबसे खौफनाक और हैरान करने वाला दृश्य है, वह यह है कि लाठी चला रहे पुजारी के साथ-साथ वहां मौजूद कुछ छोटे-छोटे बच्चे भी हाथों में लाठी-डंडे थामे हुए हैं।

  • पुजारी के उकसावे पर हमला: पुजारी के उकसाने पर ये मासूम बच्चे भी उन पीड़ित युवकों पर ताबड़तोड़ डंडे बरसाते हुए नजर आ रहे हैं।
  • गंभीर सामाजिक सवाल: घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और प्रबुद्ध समाज ने बच्चों को इस तरह की हिंसक और आपराधिक गतिविधियों में शामिल किए जाने पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि धार्मिक और सामाजिक स्थलों पर इस तरह के कृत्य नई पीढ़ी को अपराधी बनाने की ओर धकेलते हैं। लोगों का मानना है कि जिन बच्चों के हाथों में किताबें और नैतिक मूल्य होने चाहिए, उन्हें मंदिर परिसर के भीतर हिंसा का जरिया बनाया जाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है।

⚖️ “वायरल वीडियो का संज्ञान, होगी सख्त विधिक कार्रवाई”— इंस्पेक्टर राजेश कुमार

सोशल मीडिया पर वीडियो के तूल पकड़ने और PNN24 News द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया है:

  • औपचारिक शिकायत का इंतजार नहीं: महाराजपुर थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) राजेश कुमार ने बताया कि हालांकि अभी तक इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को कोई लिखित या औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी।
  • जांच शुरू: लेकिन वायरल वीडियो की गंभीरता, सार्वजनिक शांति भंग होने और बच्चों की संलिप्तता को देखते हुए पुलिस ने इसका स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है।
  • दोषियों पर कसा जाएगा शिकंजा: इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने साफ किया कि वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की गहनता से विधिक जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर पुजारी और हिंसा को बढ़ावा देने वाले अन्य दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और बाल संरक्षण आयोग से भी मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर किस विवाद के चलते युवकों को इस तरह बंधक बनाकर पीटा गया और बच्चों का मानसिक उत्पीड़न कर उन्हें इस विवाद का हिस्सा क्यों बनाया गया।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *