‘कर्नाटक में एनडीए को तगड़ा झटका: MLC चुनाव में BJP-JDS विधायकों ने की “क्रॉस वोटिंग”; कांग्रेस ने झटकीं 5 सीटें, दिल्ली तलब हुए विजयेंद्र’

कर्नाटक एमएलसी चुनाव 2026: एनडीए गठबंधन में बड़ी बगावत! बीजेपी और जेडीएस विधायकों की क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस ने जीतीं 5 सीटें। जेडीएस के गोविंदराजू हारे; बैकफुट पर आई बीजेपी लीडरशिप। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र को दिल्ली तलब किया। पढ़ें PNN24 की विशेष राजनीतिक रिपोर्ट।

शफी उस्मानी

दिल्ली (PNN24 News): पश्चिम बंगाल में टीएमसी और महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के भीतर मचे घमासान के बीच, बगावत और क्रॉस वोटिंग की इस आंच से सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भी अछूता नहीं रहा है। कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की 7 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को हैरान कर दिया है। मुख्यमंत्री पद और प्रदेश की कमान में हुए हालिया बदलावों के बाद, डी.के. शिवकुमार और सिद्धारमैया की जुगलबंदी वाली कांग्रेस सरकार ने एनडीए खेमे में ऐसी रणनीतिक सेंधमारी की, जिसने बीजेपी और जेडीएस के अंदरूनी मतभेदों को सरेराह उजागर कर दिया है।

📊 क्या हुआ चुनाव में? कैसे फेल हुआ NDA का गणित

हिंदुस्तान टाइम्स और एएनआई (ANI) की रिपोर्ट के मुताबिक, विधान परिषद की 7 सीटों के लिए हुए इस चुनाव में संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस अपने दम पर केवल 4 सीटें जीत सकती थी, लेकिन एनडीए गठबंधन के कम से कम 11 विधायकों की क्रॉस वोटिंग की बदौलत कांग्रेस ने पांचवीं सीट पर भी कब्जा जमा लिया।

  • जेडीएस उम्मीदवार की करारी हार: एनडीए की ओर से जेडीएस (JD-S) के उम्मीदवार गोविंदराजू को जीत के लिए बीजेपी के अतिरिक्त वोटों का भरोसा था। जेडीएस के पास अपने 18 विधायक हैं, लेकिन गोविंदराजू को महज 14 वोट मिले। इससे साफ है कि जेडीएस के ही 4 से 6 विधायकों ने अपनी पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर कांग्रेस के पक्ष में वोट डाला।

  • बीजेपी के व्हिप का उल्लंघन: बीजेपी ने अपने तीन विधायकों को जेडीएस उम्मीदवार के समर्थन में वोट देने का निर्देश (व्हिप) दिया था, लेकिन विधायकों ने अपनी ही पार्टी के आदेश को ठेंगा दिखा दिया। नतीजतन, एनडीए गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार गोविंदराजू चुनाव हार गए और बीजेपी को केवल 2 सीटों से संतोष करना पड़ा।

🔥 दिल्ली में हलचल: राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बी.वाई. विजयेंद्र को किया तलब

इस करारी शिकस्त और पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता से बीजेपी का केंद्रीय आलाकमान बेहद नाराज बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कर्नाटक बीजेपी प्रमुख बी.वाई. विजयेंद्र को फौरन दिल्ली तलब किया है।

क्रॉस वोटिंग की बात स्वीकार करते हुए बी.वाई. विजयेंद्र ने मीडिया से कहा:

“हमारी पार्टी और जेडीएस के कुछ विधायकों ने निश्चित रूप से क्रॉस वोटिंग की है। वोटिंग के दौरान जेडीएस की ओर से 6 से 7 और बीजेपी की ओर से कम से कम 4 से 5 क्रॉस-वोट पड़े हैं। इस पूरे खेल के पीछे कौन से चेहरे शामिल हैं, इसकी प्राथमिक जानकारी हमें मिल चुकी है। पार्टी लाइन से हटकर गद्दारी करने वालों को किसी भी हाल में माफ नहीं किया जाएगा। मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से मिलने का समय मांगा है, 22 जून तक यह मुलाकात संभावित है, जिसके बाद बागी विधायकों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

📈 विधान परिषद में मजबूत हुई कांग्रेस; प्रियंक खरगे का तीखा हमला

यह चुनाव इसलिए बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि 30 जून को परिषद के 7 सदस्यों (जिसमें कांग्रेस के बी.के. हरिप्रसाद और जेडीएस के गोविंदराजू शामिल हैं) का कार्यकाल समाप्त हो रहा था। इस जीत के बाद 75 सदस्यीय विधान परिषद में कांग्रेस का ग्राफ काफी मजबूत हो गया है:

  • नया नंबर गेम: विधान परिषद में अब कांग्रेस की सदस्य संख्या 34 से बढ़कर 39 हो गई है। वहीं, बीजेपी के पास 29 और जेडीएस के पास महज 6 सदस्य बचे हैं।

इस बड़ी जीत के बाद कांग्रेस कैंप में जश्न का माहौल है। कर्नाटक सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रियंक खरगे ने एनडीए नेतृत्व पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “यह नतीजा साबित करता है कि बीजेपी और जेडीएस के पास कोई मजबूत प्रादेशिक नेतृत्व नहीं है। यह दोनों पार्टियों के विधायकों द्वारा आर. अशोक, बी.वाई. विजयेंद्र और एच.डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व को सिरे से खारिज किए जाने जैसा है।” वहीं, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे राज्य की जनता और विधायकों का कांग्रेस सरकार की नीतियों के प्रति अटूट विश्वास करार दिया है।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *