‘वैश्विक महासंग्राम: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान का भीषण मिसाइल व ड्रोन हमला, कई घायल; इसराइल में “मोसाद” को मिला नया चीफ, उधर मोजतबा ख़ामेनेई के ज़िंदा होने पर बड़ा दावा!’
अंतरराष्ट्रीय बुलेटिन: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान का बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला, कई लोग घायल, उड़ानें ठप। इधर इसराइल में रोमन गोफ़मैन ने संभाली ख़ुफ़िया एजेंसी 'मोसाद' के नए चीफ की कमान; पीएम नेतन्याहू ने दी बधाई। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बड़ा दावा— ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ज़िंदा और पहले से ज़्यादा एक्टिव हैं। पढ़ें PNN24 की विशेष वैश्विक रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
PNN24 News): मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को जहां कुवैत की सरजमीं पर हुए हवाई हमले ने पूरी दुनिया को दहला दिया, वहीं इसराइल की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ में एक नए युग की शुरुआत हुई है। दूसरी ओर, ईरान के शीर्ष नेतृत्व को लेकर अमेरिकी खुफिया आकलन ने नया सस्पेंस खड़ा कर दिया है।

💥 पहली बड़ी खबर: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान का हमला, मची तबाही
कुवैत की सरकारी न्यूज़ एजेंसी के हवाले से आई खबर के मुताबिक, ईरान ने कुवैत को निशाना बनाते हुए एक बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला किया है।
- एयरपोर्ट की T-1 बिल्डिंग पर प्रहार: कुवैत सिविल एविएशन अथॉरिटी के अनुसार, ईरान का यह हमला सीधे कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट की टी-1 (T-1) बिल्डिंग पर किया गया। इस अचानक हुए हमले में एयरपोर्ट पर मौजूद कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
- उड़ानें ठप, डायवर्ट किए गए विमान: हमले के तुरंत बाद सुरक्षा के मद्देनजर कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों के आवागमन को पूरी तरह रोक दिया गया। हवा में मौजूद विमानों को दूसरे सुरक्षित एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट (दूसरे रास्तों पर भेजना) किया गया है।
- नागरिकों के लिए हाई अलर्ट: कुवैत की सरकारी एजेंसी ने अपने नागरिकों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से कहा है कि मिसाइल हमलों के खिलाफ कुवैती डिफेंस सिस्टम द्वारा की गई फायरिंग से जो मलबा आसमान से गिर रहा है, उससे बेहद सावधान रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
👁️ दूसरी बड़ी खबर: रोमन गोफ़मैन बने इसराइली खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ के नए सुल्तान
विश्व की सबसे मारक खुफिया एजेंसी मानी जाने वाली ‘मोसाद’ (Mossad) की कमान अब एक नए हाथों में सौंप दी गई है। मंगलवार को रोमन गोफ़मैन ने आधिकारिक तौर पर मोसाद के नए चीफ के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है।
- पीएम नेतन्याहू ने जताया गर्व: इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर इस नियुक्ति की पुष्टि की। नेतन्याहू ने लिखा, “रोमन गोफ़मैन को मोसाद का अगला डायरेक्टर नियुक्त करने पर मुझे गर्व महसूस हो रहा है।”
- बेलारूस से मोसाद चीफ बनने तक का सफर: पीएम नेतन्याहू ने रोमन के संघर्ष की कहानी साझा करते हुए बताया कि वह महज 14 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ बेलारूस से इसराइल आए थे। उन्होंने तमाम मुश्किलों को पार कर सेना में लंबा वक्त बिताया, जिसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री का सैन्य सचिव चुना गया था।
- डेविड बार्निया का कार्यकाल पूरा: गौरतलब है कि रोमन गोफ़मैन से पहले डेविड बार्निया मोसाद के चीफ थे। उन्होंने लगभग पांच वर्षों तक इस बेहद चुनौतीपूर्ण पद को संभाला और जून 2026 में अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया।
⏳ तीसरी बड़ी खबर: ‘मोजतबा ख़ामेनेई न सिर्फ ज़िंदा हैं, बल्कि एक्टिव हैं’— अमेरिका का दावा
ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) मोजतबा ख़ामेनेई की स्थिति को लेकर लंबे समय से चल रहे सस्पेंस पर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा बयान दिया है।
- सीनेट समिति के सामने खुलासा: मार्को रुबियो ने मंगलवार को अमेरिकी सीनेट की विदेशी मामलों की समिति को ब्रीफ करते हुए कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई न सिर्फ ज़िंदा हैं, बल्कि अब पहले से भी ज़्यादा एक्टिव (सक्रिय) भूमिका में हैं। रुबियो ने कहा, “कुछ ऐसे पुख्ता संकेत हैं कि मोजतबा किसी स्तर पर बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।”
- घायल होने की थी अफवाह: ईरानी टीवी और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोजतबा ख़ामेनेई को लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया था। कयास थे कि अमेरिका और इसराइल के पहले हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिस हमले में उनके पिता अली ख़ामेनेई की मौत हो गई थी।
- मई में हुई थी गुप्त मुलाकात: हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने मई 2026 की शुरुआत में ही यह दावा किया था कि उन्होंने मोजतबा ख़ामेनेई से मुलाकात की है। भले ही इस ढाई घंटे लंबी बातचीत की कोई फोटो या वीडियो जारी नहीं की गई थी, लेकिन अब अमेरिकी विदेश मंत्री के बयान ने साफ कर दिया है कि ईरान के भीतर मोजतबा ही सत्ता की असल धुरी बने हुए हैं।











