‘यूट्यूबर मानसी मौत मामला: कानपुर में शव सड़क पर रखकर भारी प्रदर्शन, “हत्यारों को फांसी दो” के नारों से गूंजा इलाका; पिता का आरोप— “गाड़ी के लिए ससुराल वालों ने मार डाला!”‘
कानपुर/लखनऊ: यूट्यूबर मानसी की संदिग्ध मौत पर कानपुर में परिजनों का भारी हंगामा, थाने के सामने शव रखकर किया प्रदर्शन। पिता मनोज कुमार वर्मा ने ससुराल पक्ष पर लगाया दहेज के लिए हत्या का आरोप। लखनऊ पुलिस की जांच पर उठाए सवाल, दूसरे जिले से जांच कराने की मांग। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
कानपुर/लखनऊ (PNN24 News): सोशल मीडिया की जानी-मानी यूट्यूबर मानसी की लखनऊ में हुई संदिग्ध मौत ने न सिर्फ उनके प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि अब इस मामले ने एक बड़ा कानूनी और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। मानसी की मौत के बाद कानपुर में रह रहे उनके मायके पक्ष और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। इंसाफ की मांग को लेकर परिजनों ने कानपुर में स्थानीय थाने के ठीक सामने मानसी का शव रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ ने “हत्यारों को फांसी दो” के गगनभेदी नारे लगाए, जिससे पूरे इलाके में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल को मोर्चा संभालना पड़ा।
🚗 “खुदकुशी नहीं, यह दहेज के लिए हत्या है”— लाचार पिता के गंभीर आरोप
परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि मानसी ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की गई है।
- चार पहिया गाड़ी की मांग: मृतका मानसी के पिता मनोज कुमार वर्मा ने रोते हुए आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही मानसी के ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपियों द्वारा लगातार चार पहिया गाड़ी (कार) की डिमांड की जा रही थी।
- शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न: पिता का कहना है कि जब दहेज की यह नाजायज मांग पूरी नहीं हुई, तो मानसी को गंभीर रूप से मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया जाने लगा, जिसका अंजाम आज इस संदिग्ध मौत के रूप में सामने आया है।
⚖️ चाचा ने लखनऊ पुलिस की कार्यप्रणाली को घेरा, दूसरे जिले की पुलिस से जांच कराने की मांग
प्रदर्शन के दौरान मृतका के चाचा ने लखनऊ पुलिस की शुरुआती जांच और कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े किए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस तरह से स्थानीय पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले को संभाल रही है, उससे उन्हें न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि इस पूरे संवेदनशील केस की जांच लखनऊ पुलिस से हटाकर किसी अन्य गैर-जनपद (दूसरे जिले) की पुलिस को स्थानांतरित की जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके और सच सामने आ सके।
वहीं, मानसी के भाई अविनाश ने रो-रोकर आरोपियों के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा की मांग की। अविनाश ने कहा कि जब तक उसकी बहन के दोषियों को फांसी के फंदे तक नहीं पहुंचाया जाता, तब तक परिवार चैन से नहीं बैठेगा।
🕯️ घाट तक गूंजती रही इंसाफ की पुकार, गम और गुस्से में डूबा शहर
प्रशासनिक अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने और त्वरित निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने को राजी हुए। मानसी का अंतिम संस्कार कानपुर के प्रसिद्ध भगवत दास घाट पर किया गया। लेकिन अपनों को खोने का गम और व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा यहां भी थमता नजर नहीं आया। घर से लेकर श्मशान घाट तक समर्थक और परिजन लगातार “फांसी दो” के नारे लगाते रहे।
पीड़ित परिवार ने साफ कर दिया है कि जब तक मानसी को इंसाफ नहीं मिलता और उसकी मौत की गुत्थी सुलझाकर गुनहगारों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक उनका यह आंदोलन और कानूनी संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।











