‘मणिपुर में फिर खूनी खेल: कांगपोकपी में उग्रवादियों ने तड़के बोला धावा; अंधाधुंध फायरिंग में पति-पत्नी समेत 3 की मौत, घरों को लगाई आग; कुकी इनपी ने NSCN-IM को ठहराया जिम्मेदार’
मणिपुर: कांगपोकपी के लोइबोल खुलेन गांव में तड़के उग्रवादियों का तांडव, अंधाधुंध गोलीबारी में पति-पत्नी समेत 3 ग्रामीणों की मौत, कई घरों को फूंका। थाना प्रभारी मिन किपगेन ने की पुष्टि, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी। कुकी इनपी मणिपुर का बड़ा आरोप— "नगा चरमपंथी संगठन NSCN-IM और ZUF इसके लिए जिम्मेदार, केंद्र सरकार कराए जांच।" पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
PNN24 News: मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा की आग भड़क उठी है। राज्य के कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुलेन गांव में शुक्रवार तड़के भारी हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर तीन स्थानीय नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया। उग्रवादियों ने न सिर्फ निर्दोष ग्रामीणों पर गोलियां बरसाईं, बल्कि गांव के कई घरों को भी आग के हवाले कर दिया। इस ताज़ा हमले के बाद मणिपुर के कुकी और नगा समुदायों के बीच एक नया और गंभीर तनाव पैदा हो गया है।
⏱️ तड़के 4 बजे हुआ हमला, पति-पत्नी समेत तीन की मौत
कांगपोकपी थाने के प्रभारी (SHO) मिन किपगेन ने इस खौफनाक वारदात की पुष्टि की है।
- थाना प्रभारी का बयान: SHO मिन किपगेन ने बताया, “यह हमला शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे किया गया था। हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने लोइबोल खुलेन गांव में घुसकर सो रहे निहत्थे नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।”
- घरों में आगजनी: उन्होंने आगे बताया कि हमलावरों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से कुछ घरों को भी आग लगा दी थी। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम आस-पास के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में हमलावरों की तलाश में बड़ा कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन चला रही है।
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मृतकों की पहचान: पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस हमले में मारे गए लोगों की पहचान लेटखोंगम हाओकिप, उनकी पत्नी टिनमेरी हाओकिप और एक अन्य ग्रामीण जांगमिनलाल हाओकिप के तौर पर हुई है। ये सभी मृतक इसी लोइबोल खुलेन गांव के मूल निवासी थे।
🔴 कुकी इनपी मणिपुर का तीखा हमला: ‘नगा चरमपंथी संगठन NSCN-IM जिम्मेदार’
इस बीच कुकी-ज़ो (Kuki-Zo) जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली शीर्ष सामाजिक और राजनैतिक संस्था, ‘कुकी इनपी मणिपुर’ ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। संस्था ने इसके लिए सीधे तौर पर नगा चरमपंथी संगठन एनएससीएन-आईएम (NSCN-IM) और उसके कथित प्रॉक्सी समूह जेडयूएफ-के [ZUF(K)] पर उंगली उठाई है।
- बर्बरता की पराकाष्ठा: कुकी इनपी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “यह पूरी तरह से निहत्थे नागरिकों पर किया गया एक ‘बर्बर हमला’ है। निर्दोष ग्रामीणों की इस तरह जानबूझकर की गई हत्या और उनके आशियाने व आजीविका को नष्ट करना मानवीय गरिमा और मौलिक मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है।”
- केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग: कुकी संगठन ने सीधे केंद्र सरकार से गुहार लगाते हुए कहा, “केंद्र सरकार अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और जांच एजेंसियों के माध्यम से इस पूरी घटना की तुरंत उच्च स्तरीय जांच शुरू करवाए। बिना किसी देरी के हत्यारों को पकड़कर सलाखों के पीछे डाला जाए और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित किया जाए।”
📈 मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष का बदला हुआ खतरनाक पैटर्न
गौरतलब है कि मणिपुर पिछले तीन सालों (मई 2023) से लगातार जातीय तनाव और हिंसा की आग में झुलस रहा है।
- शुरुआती दौर की हिंसा: शुरुआत में यह जातीय हिंसा बहुसंख्यक मैतेई (Meitei) समुदाय और कुकी (Kuki) जनजाति के बीच शुरू हुई थी, जिसने पूरे राज्य को दो हिस्सों में बांट दिया।
- नया हिंसक मोर्चा: लेकिन, चिंता की बात यह है कि इस साल फरवरी से मणिपुर में बसे कुकी और नगा (Naga) जनजाति के बीच एक नया हिंसक मोर्चा खुल गया है। इस ताज़ा हमले के बाद कुकी जनजाति के जितने भी नागरिक और सामाजिक संगठनों ने बयान जारी किए हैं, उन सभी में नगा चरमपंथी गुटों को ही मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण और आरोपों पर नगा चरमपंथी समूहों की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।










