‘मणिपुर में फिर शुरू हुआ खूनी तांडव: 6 नगाओं की मौत के प्रतिशोध में कुकी गांव पर हमला, 2 की मौत; पांच घर फूंके, नगा काउंसिल का 24 घंटे का “महा-बंद” शुरू!’
मणिपुर में महा-तनाव: 6 नगा लोगों के शव मिलने के अगले ही दिन कामजोंग जिले के कुल्टुप गांव पर उग्रवादी हमला, दो कुकी नागरिकों की मौत, कई घर फूंके। यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) ने बुलाया 24 घंटे का पूर्ण बंद, सेनापति जिले में नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के दफ्तर में तोड़फोड़। सीएम वाई खेमचंद सिंह ने दिए एनआईए (NIA) जांच के आदेश, कुकी उग्रवादियों के SoO समझौते को रद्द करने की मांग तेज।

शफी उस्मानी
इम्फाल/कामजोंग (PNN24 News): मणिपुर में मैतेई-कुकी संघर्ष के बीच अब तांगखुल नगा और कुकी समुदायों के बीच छिड़ा नया जातीय युद्ध (Ethnic War) बेकाबू हो गया है। बुधवार को छह नगा बंधकों के शव मिलने के बाद घाटी और पहाड़ी इलाकों में फैली दहशत अभी शांत भी नहीं हुई थी कि गुरुवार तड़के कामजोंग जिले में कुकी समुदाय को निशाना बनाकर एक और बड़ा हमला कर दिया गया। इस हमले के बाद प्रभावित इलाकों से कुकी परिवारों का जंगलों की तरफ बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो गया है।
🔥 तड़के 4:30 बजे कुल्टुप गांव पर हमला; घर फूके, गोलियां बरसाईं
कामजोंग-चसाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुदूर पहाड़ी गांव कुल्टुप (Kultup Village) से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के हवाले से बेहद खौफनाक विवरण सामने आया है:
- अंधाधुंध गोलीबारी और आगजनी: चसाद थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर वोर्थिंग ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुवार तड़के करीब साढ़े 4 बजे भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने कुल्टुप गांव को चारों तरफ से घेर लिया। हमलावरों ने गांव पर अंधाधुंध फायरिंग की और कम से कम 5 घरों को आग के हवाले कर दिया।
- दो की मौत, दो घायल: इस बर्बर हमले में दो कुकी नागरिकों की मौके पर ही गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में जलते हुए आशियानों के बीच रोते-बिलखते और जान बचाकर भागते हुए ग्रामीणों की चीख-पुकार साफ सुनी जा सकती है।
- मृतकों की शिनाख्त: हमले में मारे गए पीड़ितों की पहचान कुल्टुप गांव के ही रहने वाले लेटमिनलुन हाओकिप और लुनमिंथंग हाओकिप के रूप में की गई है।
⛔ यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) का 24 घंटे का पूर्ण बंद; शव लेने से इनकार
उधर, बुधवार को कांगपोकपी में मिले 6 नगा नागरिकों के शवों के विरोध में नगाओं की शीर्ष संस्था यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) ने बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है:
- पहाड़ी जिलों में चक्का जाम: यूएनसी ने गुरुवार सुबह 6 बजे से मणिपुर के सभी नगा-बहुल पहाड़ी इलाकों में 24 घंटे के पूर्ण बंद (Total Shutdown) का आह्वान किया है, जिसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सड़कें सूनी हैं और बाजार पूरी तरह बंद हैं।
- शव लेने के लिए रखीं कड़ी शर्तें: नगा काउंसिल ने साफ कर दिया है कि वे अपने 6 मृतकों के शवों को तब तक स्वीकार नहीं करेंगे, जब तक केंद्र और राज्य सरकार उनकी निम्नलिखित तीन मांगें पूरी नहीं करती:
- कुकी उग्रवादी समूहों के साथ चल रहे ‘निलंबन (SoO) समझौते’ को तुरंत पूरी तरह रद्द किया जाए।
- अपहरण और नगाओं की नृशंस हत्या में शामिल दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए।
- उग्रवादी कुकी संगठन केएनएफ-पी (KNF-P) को आधिकारिक तौर पर ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित करने वाली अधिसूचना केंद्र सरकार तुरंत जारी करे।
🏢 NPF राजनीतिक दफ्तर में तोड़फोड़; जांच में जुटी NIA
नगाओं के गुस्से का शिकार राज्य की व्यवस्था और राजनीतिक दल भी हो रहे हैं। बुधवार देर रात सेनापति जिले के लियांगमाई ताफौ इलाके में स्थित राजनीतिक दल नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के मुख्य कार्यालय पर अज्ञात उपद्रवियों ने धावा बोल दिया और वहां जमकर तोड़फोड़ व संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
बढ़ते बवाल और कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने के बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने सुरक्षाबलों के साथ आपातकालीन बैठक की है। मुख्यमंत्री ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा:
“सरकार इस तरह की कायरतापूर्ण जातीय हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। नगा नागरिकों की हत्या के इस पूरे संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है।”
⚠️ फरवरी से सुलग रहा है नगा-कुकी नया मोर्चा
गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी के बीच हिंसा चल रही है, लेकिन इसी साल फरवरी 2026 से कुकी और तांगखुल नगाओं के बीच भी खूनी मोर्चा खुल चुका है, जिसमें अब तक 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस ताज़ा टकराव की जड़ें 13 मई को कुकी समुदाय के एक वरिष्ठ पादरी समेत चर्च के दो नेताओं की हत्या और उसके बाद दोनों पक्षों द्वारा 48 नागरिकों को बंधक बनाए जाने से जुड़ी हैं। फिलहाल असम राइफल्स और सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों को कामजोंग और सेनापति जिलों के सीमावर्ती गांवों में फ्लैग मार्च के लिए उतारा गया है।











