‘खाड़ी में अमेरिकी बमबारी से 3 भारतीयों की मौत पर देश में महा-संग्राम: कन्हैया कुमार का पीएम मोदी पर तीखा हमला— “ट्रंप के मित्र चुप क्यों हैं?”; ओवैसी बोले— “बेकाबू हो गए हैं ट्रंप”!’
खाड़ी संकट: ओमान तट पर अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत पर देश में भारी सियासी उबाल। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने पीएम मोदी की चुप्पी और ट्रंप से रिश्तों पर उठाए गंभीर सवाल, असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया 'बेकाबू'। ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को 'समुद्री डकैत' कहा। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत (CDA) को समन कर दर्ज कराया कड़ा विरोध। पढ़ें PNN24 की विशेष राजनैतिक रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
नई दिल्ली (PNN24 News): अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब भारतीय परिवारों के आंगन में मातम लेकर आया है। ओमान के तट के पास खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) के लड़ाकू विमानों द्वारा विदेशी ध्वज वाले कमर्शियल तेल टैंकरों पर किए गए मिसाइल हमलों में भारत के तीन होनहार नाविकों की मौत हो गई है। इस दुखद घटना ने देश के भीतर एक बड़ा सियासी और राजनयिक बवंडर खड़ा कर दिया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
🗣️ “अमेरिका का नाम लेने से डर रहे हैं मंत्री”— कन्हैया कुमार का प्रहार
कांग्रेस के फायरब्रांड नेता कन्हैया कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर प्रधानमंत्री की रणनीतिक चुप्पी पर तीखे सवाल दागे हैं:
- प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल: कन्हैया कुमार ने लिखा, “अमेरिकी सैन्य हमले में भारत के तीन निर्दोष नागरिकों की मौत पर प्रधानमंत्री आखिर चुप क्यों हैं? देश के किसी भी मंत्री में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह सार्वजनिक रूप से ‘अमेरिका’ का नाम भी अपनी जुबान पर ला सके।”
- कांग्रेसी खेमे का कड़ा बयान: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एक आधिकारिक शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि पीएम मोदी हमेशा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने व्यक्तिगत और आत्मीय संबंधों को देश की महान ‘कूटनीतिक उपलब्धि’ के रूप में पेश करते आए हैं। लेकिन, जब वही संबंध खाड़ी में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की जान और उनके हितों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं, तब प्रधानमंत्री अपनी वैश्विक जिम्मेदारी और जवाबदेही से पीछे नहीं हट सकते।
💥 “ट्रंप बेकाबू हो गए हैं, पूरी दुनिया परेशान”— असदुद्दीन ओवैसी
हैदराबाद से लोकसभा सांसद और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी मिलिट्री कमान पर बेहद तीखा हमला बोला है:
-
ओवैसी ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं। उनकी आक्रामक और एकतरफा नीतियों की वजह से आज पूरी दुनिया परेशान और लहूलुहान है। मैं कमर्शियल जहाजों पर हो रहे इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ। क्या अमेरिकी कमान (CENTCOM) को यह नहीं पता कि उन अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर भारतीय क्रू मेंबर्स सवार हैं? पूरे इलाके में उथल-पुथल है और हमारे लोग मारे जा रहे हैं।”
🇮🇳 भारत सरकार का बड़ा एक्शन: अमेरिकी राजनयिक को किया समन; जताया कड़ा विरोध
भले ही विपक्ष सरकार पर चुप्पी का आरोप लगा रहा हो, लेकिन राजनयिक मोर्चे पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बेहद कड़ा और आक्रामक स्टैंड लिया है:
- अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत को समन: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आधिकारिक ब्रीफिंग में पुष्टि की कि भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत (Chargé d’Affaires – CDA) जेसन मीक्स को तलब (Summon) किया है और इस जानलेवा हमले के खिलाफ बेहद कड़ा और सख्त विरोध दर्ज कराया है।
- MEA का आधिकारिक रुख: रणधीर जायसवाल ने बताया कि जिन तीन जहाजों (MT मारिवेक्स, MT सेटेबेलो और MT जलवीर) पर हमले हुए हैं, वे सभी विदेशी-ध्वज वाले (पलाऊ और गिनी-बिसाऊ) जहाज थे और अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ये जहाज प्रतिबंधों (OFAC Sanctions) का उल्लंघन कर ईरानी तेल ले जा रहे थे। भारत ने साफ कहा है कि जहाजों का स्टेटस जो भी हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत निर्दोष नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
🇮🇷 ईरान ने अमेरिका को बताया ‘समुद्री डकैत’
इस बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भी इस घटना को लेकर अमेरिका को वैश्विक मंच पर घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारतीय कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के ये हमले वाशिंगटन की ‘हथियारबंद लूट और अंतरराष्ट्रीय समुद्री डकैती’ (Maritime Piracy) की नीति का खुला सबूत हैं। उन्होंने मारे गए भारतीय परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका की इस गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की है।










