‘मुंबई में मुहर्रम जुलूस को दहलाने की बड़ी साज़िश नाकाम: “पेनकिलर” बताकर बांटे जा रहे थे चूहे मारने वाले 14,900 जहरीले कैप्सूल; पुणे का पेंट कारोबारी गिरफ्तार’
मुंबई में बड़ी साज़िश नाकाम: भायखला में मुहर्रम जुलूस के दौरान भीड़ को 'दर्द निवारक' बताकर चूहे मारने का जहर (Zinc Phosphide) बांटने वाला पुणे का कारोबारी फैयाज निसार प्रेमजी गिरफ्तार। पुलिस ने १४,९०० जहरीले कैप्सूल किए बरामद। एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान और शिया बोर्ड ने जताई गहरी चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
मुंबई (PNN24 News): मुंबई पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से मुहर्रम के पवित्र जुलूस के दौरान एक भयानक नरसंहार और बड़ी जनहानि की साज़िश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। भायखला थाना क्षेत्र में 27 जून की सुबह निकाले गए जुलूस के दौरान भीड़ में शामिल अकीदतमंदों को ‘दर्द निवारक’ (Painkiller) गोली बताकर घातक रसायन से भरे कैप्सूल बांटने वाले एक 39 वर्षीय संदिग्ध को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी के पास से पुलिस ने करीब 14,900 जहरीले कैप्सूल बरामद किए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद मुंबई से लेकर पूरे देश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
🚨 एक कॉल, उल्टी-पेट दर्द की शिकायत और पुलिस का तगड़ा एक्शन
मुंबई ज़ोन-1 के डीसीपी जयंत मीणा से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 27 जून 2026 की सुबह करीब 4 बजे जुलूस में शामिल सलमान नाम के एक व्यक्ति ने एक अज्ञात शख्स द्वारा दिए गए कैप्सूल को दर्द निवारक समझकर खा लिया।
- बिगड़ी तबीयत: कैप्सूल खाते ही सलमान को तेज पेट दर्द, घबराहट और लगातार उल्टियां होने लगीं। पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की तत्परता से उसकी जान बच गई।
- घेराबंदी कर गिरफ्तारी: पीड़ित सलमान की शिकायत पर भायखला पुलिस तुरंत हरकत में आई और जुलूस के मार्ग पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। संदिग्ध गतिविधियां दिखने पर पुलिस ने फैयाज निसार प्रेमजी (उम्र 39 वर्ष) को हिरासत में लिया। वह मूल रूप से पुणे के पॉश इलाके विमान नगर का रहने वाला है और पेंट का कारोबार करता है।
🧪 50 किलो ‘जिंक फॉस्फाइड’ और 30,000 खाली कैप्सूल: खौफनाक था प्लान
शुरुआती पूछताछ में आरोपी फैयाज प्रेमजी पुलिस को गुमराह करता रहा और कैप्सूल को साधारण दर्द निवारक बताता रहा। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और जो सच उगला उसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए।
डीसीपी जयंत मीणा का आधिकारिक बयान (ANI से): “अभियुक्त ने स्वीकार किया है कि यह मुहर्रम जुलूस को निशाना बनाने और बड़े पैमाने पर लोगों को नुकसान पहुंचाने की सोची-समझी साज़िश थी। पेंट कारोबारी होने के नाते उसने अपने व्यावसायिक संपर्कों के जरिए 50 किलोग्राम ‘जिंक फॉस्फाइड’ (Zinc Phosphide) जैसा घातक जहर हासिल किया और इंटरनेट के माध्यम से 30,000 खाली कैप्सूल ऑनलाइन ऑर्डर किए। मुंबई में रुककर पिछले 15 दिनों के भीतर उसने खुद इन खाली कैप्सूलों में जहर भरा था।”
पुलिस ने अब तक आरोपी के पास से 14,900 तैयार कैप्सूल बरामद कर लिए हैं। बाकी के रसायनों, उसके बैंक खातों, ऑनलाइन डिलीवरी और मुंबई में उसके स्थानीय मददगारों की तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 109, 110 और 123 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
🧬 क्या है जिंक फॉस्फाइड (Zn₃P₂) और यह कितना खतरनाक है?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक फॉस्फाइड ($Zn_3P_2$) एक बेहद विषैला अकार्बनिक रासायनिक यौगिक है, जिसका उपयोग खेतों, गोदामों और अनाज भंडारण केंद्रों में चूहों को मारने के लिए ‘रैट पॉइज़न’ के रूप में किया जाता है।
- शरीर पर असर: मुंबई के डॉ. भूषण रोकड़े ने बताया कि यह रसायन जैसे ही मानव शरीर के अंदर पेट के एसिड या नमी के संपर्क में आता है, यह अत्यंत जहरीली ‘फॉस्फीन गैस’ (Phosphine Gas) छोड़ता है।
- अंगों का फेल होना: यह गैस मानव कोशिकाओं की ऊर्जा बनाने और ऑक्सीजन इस्तेमाल करने की क्षमता को ब्लॉक कर देती है। इससे शरीर में अचानक तेज उल्टियां, सीने में जकड़न, सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ और शॉक की स्थिति पैदा होती है। यह सीधे दिल, फेफड़ों और लीवर को डैमेज कर देती है।
- कोई एंटीडोट नहीं: डॉ. रोकड़े के मुताबिक, इस जहर का दुनिया में कोई विशेष एंटीडोट (प्रतिरोधक) मौजूद नहीं है; अस्पताल में मरीज को केवल सहायक (सपोर्टिव) इलाज ही दिया जा सकता है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी किसी भी इंसान की जान लेने के लिए काफी है।
🗣️ राजनीतिक गलियारों में उबाल: “आतंकवाद का यह नया रूप”
इस घटना के सामने आने के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), कांग्रेस और शिया संगठनों ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को घेरते हुए उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- वारिस पठान (AIMIM नेता): “मैं खुद उस जुलूस में मौजूद था। मेरे साथ भी यह अनहोनी हो सकती थी। यह बेहद डरावना और चिंताजनक विषय है। मैं मुंबई पुलिस और संयुक्त पुलिस आयुक्त का शुक्रगुजार हूं कि उनकी सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इसके पीछे के मास्टरमाइंड का बेनकाब होना जरूरी है।”
- हुसैन दलवी (कांग्रेस नेता): “यह बहुत ही गंभीर और संवेदनशील मामला है। किसी धार्मिक त्योहार के दौरान इस तरह जहर बांटने की कोशिश यह दर्शाती है कि समाज में नफरत का जहर किस हद तक बोया जा चुका है। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
- मौलाना यासूब अब्बास (महासचिव, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड): “पकड़ा गया फैयाज प्रेमजी महज एक मोहरा (कठपुतली) है। उसके पीछे काम कर रहे बड़े चेहरों और स्लीपर सेल्स को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यह देश में आतंकवाद के एक नए और बेहद खतरनाक रूप की आहट है, जिसकी अनदेखी भारत सरकार को भारी पड़ सकती है।”










