‘महाराष्ट्र में “दृश्यम” जैसा खौफनाक सस्पेंस: 5 साल पहले जिस मौत को पुलिस ने माना “सड़क हादसा”, मुंबई क्राइम ब्रांच ने खोला उसका राज— दोस्तों ने ही मर्डर कर खाई में फेंकी थी लाश!’
मुंबई क्राइम: कोंकण के फोंडा घाट में 5 साल पहले जिस मौत को पुलिस ने 'रोड एक्सीडेंट' माना था, वह निकला खौफनाक मर्डर। मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 7 ने ₹2 लाख के विवाद में अपने ही पार्टनर की हत्या करने वाले 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार। कुडाल के रिसॉर्ट में डंडों से पीटकर अशफाक मुलानी उर्फ निहाल की ली थी जान; इनोवा की डिक्की में लाश रखकर 50 किमी दूर खाई में फेंका था शव। दो आरोपी अब भी फरार। पढ़ें PNN24 की विशेष खोजी रिपोर्ट।

निलोफर बानो
मुंबई/सिंधुदुर्ग (PNN24 News): ‘इंडिया टुडे’ की एक बेहद चौंकाने वाली एक्सक्लूसिव क्राइम रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र की मुंबई क्राइम ब्रांच (Unit 7) ने एक ऐसे अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है, जिसने मशहूर सस्पेंस फिल्म ‘दृश्यम’ की यादें ताजा कर दी हैं। दिसंबर 2021 में सिंधुदुर्ग जिले के फोंडा घाट (Fonda Ghat) की एक गहरी खाई में मिले एक युवक के शव और मोटरसाइकिल को तत्कालीन स्थानीय पुलिस ने लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुआ हादसा करार दिया था। लेकिन, 5 साल बाद मुंबई पुलिस की पैनी नजर ने इस ‘परफेक्ट मर्डर’ के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करते हुए चार आरोपियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
🕵️ मृतक की पहचान और क्या थी पूरी ‘क्राइम थ्योरी’?
क्राइम ब्रांच के रिकॉर्ड के अनुसार, मृतक की पहचान अशफाक मुलानी उर्फ निहाल के तौर पर हुई है। निहाल मूल रूप से सोलापुर जिले के निवासी थे, लेकिन वे पुणे के बारामती में रह रहे थे:
- लोन फ्रॉड का सिंडिकेट: निहाल और उनके छह साथी सिंधुदुर्ग जिले के कुडाल (Kudal) में एक ‘लोन कंसल्टेंसी’ का संयुक्त कारोबार चलाते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी लोग बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) से आम लोगों को लोन दिलाने के नाम पर मोटा कमीशन ऐंठने का एक संगठित फ्रॉड रैकेट चला रहे थे।
- ₹2 लाख का खूनी विवाद: इस धोखाधड़ी की कमाई में से महज ₹2 लाख के हिस्से के लेन-देन को लेकर निहाल का अपने ही बिजनेस पार्टनर्स के साथ गंभीर झगड़ा हो गया था, जो अंततः उनकी मौत का कारण बना।
🏨 पार्टी के बहाने होटल में मर्डर, फिर इनोवा की डिक्की में ५० किमी का सफर
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों से हुई कड़ी पूछताछ के बाद 5 दिसंबर 2021 की उस काली रात का पूरा सच उगलवा लिया है:
- साजिश के तहत बुलावा: आरोपियों ने सोची-समझी रणनीति के तहत निहाल को कुडाल के ‘ओंकार डिलक्स रिसॉर्ट’ (Omkar Deluxe Resort) में एक शानदार पार्टी के बहाने बुलाया।
- कमरे में खूनी खेल: रिसॉर्ट के कमरे के भीतर शराब पीने के दौरान पैसों के उसी पुराने विवाद को लेकर बहस दोबारा शुरू हो गई। देखते ही देखते छह आरोपियों ने निहाल पर डंडों और भारी लाठियों से अंधाधुंध हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
- हादसे का रूप देने की प्लानिंग: होटल के कमरे में लाश देखकर घबराए आरोपियों ने शातिर दिमाग चलाया। उन्होंने निहाल के शव और बैग को अपनी एक इनोवा एसयूवी (Innova SUV) की डिक्की में छिपाया। वहीं, उनका एक साथी निहाल की ही मोटरसाइकिल चलाने लगा।
- खाई में फेंका शव: वे रात के अंधेरे में लाश को लेकर कुडाल से लगभग 50 किलोमीटर दूर ‘फोंडा घाट’ की ओर निकल पड़े, जो अपनी बेहद गहरी घाटियों और खड्डों के लिए कुख्यात है। वहां आरोपियों ने निहाल की लाश और उनकी मोटरसाइकिल को एक गहरी खाई में नीचे फेंक दिया, ताकि यह पूरी तरह से एक अनियंत्रित वाहन का एक्सीडेंटल केस लगे।
🚨 22 दिन बाद मिली थी लाश; ऐसे खुला 5 साल पुराना राज
फोंडा घाट की गहरी खाई में गिरने के कारण निहाल की लाश लगभग 22 दिनों तक वहीं सड़ती रही। इधर, परिवार ने दिसंबर 2021 में बारामती पुलिस स्टेशन में उनके लापता होने (Missing) की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जब शव बरामद हुआ, तो सिंधुदुर्ग पुलिस ने बिना किसी गहरे संदेह के इसे दुर्घटना का मामला मानकर चार्जशीट तक कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
इस मर्डर मिस्ट्री का अंत तब हुआ जब हाल ही में मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी नवनाथ धवले की यूनिट 7 को एक सीक्रेट इनपुट (गुप्त सूचना) हाथ लगी। डीसीपी धवले ने बताया:
“हमारी टीम को एक टिप मिली थी कि फोंडा घाट का वह एक्सीडेंट दरअसल एक सोची-समझी हत्या थी। हमने तुरंत कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, मृतक का पुराना प्रोफाइल निकाला और संदिग्धों पर सर्विलांस लगाया। हिरासत में लेकर की गई कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।”
⛓️ 4 गिरफ्तार, 2 मुख्य सरगना अब भी फरार
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में मुंबई के अलग-अलग हिस्सों से चार मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है:
- मनोज नारायण भांडगे
- सुरेंद्र चंद्रहास सोनावाडेकर
- अतिश भगवान मोरे
- ऋतुराज शेट्टी
कंकावली पुलिस को सुपुर्द: गिरफ्तार किए गए इन चारों आरोपियों को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए सिंधुदुर्ग की कंकावली पुलिस को सौंप दिया गया है, जहां अब पुराने एक्सीडेंट के केस को आधिकारिक तौर पर ‘हत्या’ (IPC 302 / BNS) की धाराओं में तब्दील कर आगे की तफ्तीश की जाएगी। पुलिस इस मामले के दो मुख्य और फरार आरोपियों— अमित राउत और मनोज भंडारी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पकड़े गए कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और वे पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुके हैं।











