‘पलिया में “या हुसैन” की सदाओं के बीच नम आंखों से दफन हुए ताजिए; मेलघाट कर्बला में उमड़ा जनसैलाब, पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद’
लखीमपुर खीरी लाइव: पलिया और ग्रामीण अंचलों में गमगीन माहौल में संपन्न हुआ १०वीं मोहर्रम का पर्व। माहीगिरान, काकूपुरियान और चमन चौराहा से उठे नक्काशीदार ताजिए। पुराने बस स्टैंड पर बने विशाल जुलूस के बाद मेलघाट कर्बला में नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिए। सीओ जितेंद्र सिंह परिहार व कोतवाल पंकज त्रिपाठी रहे मुस्तैद। पढ़ें PNN24 रिपोर्ट।

फारुख हुसैन
पलिया-खीरी (PNN24 News): लखीमपुर खीरी जिले के पलिया कलां कस्बे सहित इसके सुदूर ग्रामीण अंचलों में पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके ७२ जानिसारों की याद में मनाया जाने वाला मोहर्रम का त्योहार पूरी अकीदत, अदब और बेहद गमगीन माहौल के साथ संपन्न हो गया। यौम-ए-आशूरा (१०वीं मोहर्रम) के मुख्य अवसर पर नगर के अलग-अलग चौकों से आकर्षक और नक्काशीदार ताजिए उठाए गए, जिन्हें देखने और जियारत करने के लिए मुख्य मार्गों पर अकीदतमंदों के साथ-साथ आम जनता का हुजूम उमड़ पड़ा।
🏴 पारंपरिक मार्गों से होकर पुराने बस स्टैंड पहुंचे ताजिए
तयशुदा और पारंपरिक रास्तों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर को सभी मोहल्लों और चौकों से अलम और ताजिए उठने शुरू हुए।
- जुलूस का मार्ग: सबसे पहले माहीगिरान के चबूतरे से ताजिए उठाए गए, जो काकूपुरियान, रंगरेजान, चमन चौराहा, जामा मस्जिद, ईदगाह और पठान मोहल्ला होते हुए पुराने बस स्टैंड पर पहुंचे।
- नौहाख्वानी और सीना-जनी: इस दौरान अकीदतमंदों ने काले लिबास पहनकर जगह-जगह सीना-जनी (मातम) की और नौहाख्वानी पढ़कर कर्बला के मैदान में प्यासे शहीद हुए इमाम और उनके परिवार की शहादत को याद किया।
- विशाल जुलूस: पुराने बस स्टैंड पर सभी मोहल्लों के ताजियों के एकत्र होने के बाद यह एक विशाल जनसमूह और मुख्य जुलूस की शक्ल में तब्दील हो गया।
🕌 मेलघाट कर्बला शरीफ में सुपुर्द-ए-खाक, लगा मेला
पुराने बस स्टैंड से ‘या हुसैन-या हुसैन’ की गूंजती सदाओं के बीच मुख्य जुलूस आगे बढ़ा। अकीदत का यह काफिला अपने पुराने रास्तों और ईदगाह से होते हुए देर शाम मेलघाट स्थित कर्बला शरीफ पहुंचा। यहाँ उलेमाओं की मौजूदगी में फातिहा ख्वानी हुई और नम आंखों व गमगीन माहौल के बीच ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक (दफन) किया गया। इस दौरान मेलघाट कर्बला परिसर के बाहर पारंपरिक मेले का भी आयोजन हुआ, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की।
👮 सुरक्षा के कड़े इंतजाम; सीओ और कोतवाल ने संभाली कमान
संवेदनशील भारत-नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण पलिया में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर दिखा। क्षेत्र में अमन-चैन और आपसी सौहार्द्र कायम रखने के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) जितेंद्र सिंह परिहार और पलिया कोतवाली प्रभारी पंकज त्रिपाठी भारी पुलिस और पीएसी (PAC) बल के साथ लगातार संवेदनशील चौराहों और जुलूस मार्ग पर रूट मार्च व गश्त करते रहे। अधिकारियों की इसी सजगता और मुस्तैदी की बदौलत पूरा त्योहार बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हो गया।











