पलिया में झमाझम बारिश: उमस भरी गर्मी से मिली बड़ी राहत, फसलों को मिला नया जीवन तो किसानों के खिले चेहरे; जलभराव का खतरा भी बढ़ा
पलिया-खीरी में मूसलाधार बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत, सूखे की मार झेल रहे किसानों के चेहरे खिले। धान और गन्ने की फसल को मिला नया जीवन, लेकिन शहर में जलभराव का खतरा बढ़ा।

फारुख हुसैन
पलिया-खीरी: पलिया क्षेत्र में मंगलवार तड़के हुई झमाझम बारिश से जहाँ लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं सूखे की मार झेल रहे अन्नदाताओं के चेहरे खिल उठे हैं। सुबह लगभग 4:00 बजे से ही आसमान में घने काले बादल छा गए और फिर करीब 4:30 बजे से तेज मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। इस बारिश से मौसम सुहावना हो गया और खेतों में पानी भर गया, जो फसलों के लिए अमृत के समान साबित हो रहा है।
छोटे किसानों की दूर हुई बड़ी चिंता
गौरतलब है कि पलिया और आस-पास के इलाकों में सिंचाई के लिए नहर की समुचित व्यवस्था न होने के कारण किसान पूरी तरह से बारिश या महंगे डीजल इंजन (बोरवेल) के भरोसे रहते हैं। धान की निकाई शुरू होने के बावजूद काफी समय से बारिश न होने से क्षेत्र के नदी-तालाब सूख चुके थे। बड़े किसान तो महंगे साधनों से सिंचाई कर रहे थे, लेकिन छोटे और सीमांत किसानों के सामने अपनी फसलों को बचाने का बड़ा संकट खड़ा था। ऐसे में इस राहत की बारिश ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता को दूर कर दिया है।
धान, गन्ने और सब्जियों को मिला जीवनदान
इस समय पर हुई बारिश से क्षेत्र की विभिन्न फसलों को नया जीवन मिला है:
- धान और गन्ना: धान की अगेती और पछेती दोनों फसलों को इससे सबसे ज्यादा फायदा पहुंचा है। इसके अलावा, क्षेत्र की मुख्य नकदी फसल गन्ने की ग्रोथ (बढ़त) के लिए यह पानी बेहद फायदेमंद माना जा रहा है।
- अन्य फसलें: शकरकंद, उड़द, मूंग और इस मौसम की हरी सब्जियों व अन्य मौसमी फसलों को भी इस बारिश से भारी लाभ मिला है।
नगर पालिका की पोल खुली: शहर पर मंडराया जलभराव का खतरा
स्थानीय लोगों की चिंता: एक तरफ जहाँ ग्रामीण इलाकों में खुशी है, वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका द्वारा नाले-नालियों की बेहतर सफाई न कराए जाने के कारण शहर पर जलभराव का खतरा मंडराने लगा है।
स्थानीय निवासियों को डर है कि यदि आने वाले दिनों में ऐसी ही मूसलाधार बारिश जारी रही, तो जलभराव के चलते निचले इलाकों समेत किसान, इकरामनगर, बरबंडा, पठान और रंगरेजान मोहल्ले की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो सकती हैं। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।











