‘रसोई गैस पर सियासी “ब्लास्ट”: उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडर 9 से घटकर हुए 4; राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार— “पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, गरीबों का चूल्हा बुझाओ”!’
नई दिल्ली: एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी कटौती और महंगाई को लेकर मोदी सरकार पर बरसे राहुल गांधी. केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 की; 3 महीने में घरेलू गैस सिलेंडर 89 रुपये और 5 किलो वाला सिलेंडर 323 रुपये हुआ महंगा. राहुल गांधी का बड़ा आरोप— 'गरीबों का चूल्हा बुझाकर अरबपति मित्रों का कर्ज माफ कर रही सरकार, यह मोदी का लूट मॉडल है.' पढ़ें PNN24 की विशेष राजनैतिक रिपोर्ट.

शफी उस्मानी
नई दिल्ली (PNN24 News): मध्य पूर्व (West Asia) में जारी भीषण सैन्य टकराव और रणनीतिक तनाव के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आए उछाल का सीधा झटका भारत के गरीब और मध्यम वर्ग को लगा है. केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत सालाना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में भारी कटौती किए जाने के बाद देश में एक नया सियासी संग्राम छिड़ गया है. इस फैसले के तुरंत बाद लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी आर्थिक नीतियों पर तीखे बाण चलाए हैं.
🪵 लाखों महिलाओं को ज़हरीले धुएं की तरफ धकेला— राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों ने देश की लाखों महिलाओं को एक बार फिर चूल्हे के हानिकारक धुएं का सामना करने के लिए मजबूर कर दिया है. राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा:
“12 वर्षों की ग़रीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और कंप्रोमाइज़्ड विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा किया है जहां लाखों ग़रीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ़ धकेला जा चुका है।”
📈 3 महीने में ₹89 की बढ़ोतरी; सब्सिडी घटाने पर खड़े किए सवाल
राहुल गांधी ने सरकार की कार्यशैली पर ‘पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ’ का नैरेटिव सेट करते हुए आंकड़ों के साथ केंद्र को घेरा:
- सिलेंडरों की संख्या की आधी से कम: राहुल ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या को 9 से घटाकर मात्र 4 कर दिया गया है.
- घरेलू गैस के दाम बढ़े: उन्होंने आरोप लगाया कि इस कटौती के साथ-साथ पिछले 3 महीनों के भीतर ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) के दामों में 89 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है. राहुल ने तंज कसते हुए इसे “गरीबों का चूल्हा बुझाना” करार दिया.
🛑 ‘अरबपति मित्रों की कर्जमाफ़ी और गरीबों पर नाकामियों का बिल’
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में प्रवासी मजदूरों और देश के छोटे कामगारों की बदहाली का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल उठाए:
- 5 किलो का सिलेंडर हुआ महंगा: मजदूरों और प्रवासियों की जीवनरेखा माने जाने वाले 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 323 रुपये की बेतहाशा बढ़ोतरी की गई है. राहुल ने सवाल दागा कि, “ऐसी स्थिति में एक गरीब प्रवासी मजदूर कमाएगा क्या, खाएगा क्या और अपने भविष्य के लिए बचाएगा क्या?”
- यह लूट का मोदी मॉडल है: प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि, “अपने अरबपति मित्रों को लाखों-करोड़ों रुपये की कर्जमाफ़ी दिलाना और देश के गरीब व लाचार वर्ग को अपनी आर्थिक नाकामियों का बिल थमाना— यही असल में ‘लूट का मोदी मॉडल’ है।”
- चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत: राहुल गांधी ने अंत में पीएम मोदी से तीखा सवाल पूछते हुए लिखा, “मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ़ ग़रीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की क़ीमत देश के मज़दूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?”
🌍 पेट्रोलियम मंत्रालय का पक्ष: अंतरराष्ट्रीय संकट और कच्चे तेल की मार
गौरतलब है कि एलपीजी सिलेंडरों और सब्सिडी पर कैपिंग का यह फैसला ऐसे नाजुक समय में आया है जब मध्य पूर्व (यूएस-ईरान और क्षेत्रीय तनाव) के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ जैसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट बाधित हुए हैं, जिससे भारत आने वाली 50% से अधिक एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है.
दूसरी तरफ, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सरकार के कदम का बचाव करते हुए एक प्रेस रिलीज जारी कर स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) के काफी बढ़ जाने के बावजूद भारत में दुनिया के कई विकसित देशों (जैसे अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया) और पड़ोसी देशों (जैसे पाकिस्तान, श्रीलंका) की तुलना में रसोई गैस काफी सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है. सरकार का तर्क है कि वह अंतरराष्ट्रीय कीमतों का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर न डालकर खुद वहन कर रही है.
बहरहाल, बढ़ती महंगाई और उज्ज्वला योजना में सब्सिडी सिलेंडरों की सीमा केवल 4 तक सीमित किए जाने को विपक्ष संसद से लेकर सड़क तक एक बड़ा सियासी मुद्दा बनाने की तैयारी में जुट गया है.










