‘अजब-गजब: राजस्थान यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्र में सवाल गायब, छपे थे सिर्फ “उत्तर”; परीक्षा रद्द, अब 27 जून को होगी दोबारा’
राजस्थान विश्वविद्यालय में AI का अजूबा! समाजशास्त्र विभाग के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में छात्रों को थमाया ऐसा प्रश्नपत्र, जिसमें सवाल गायब थे और सिर्फ पहले से लिखे उत्तर छपे हुए थे। छात्रों के विरोध और एनएसयूआई (NSUI) के हंगामे के बाद प्रशासन ने 'इंडियन सोसाइटी' की परीक्षा रद्द कर नई तारीख (27 जून) घोषित की। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

महविश कुरैशी
जयपुर (PNN24 News): शिक्षा जगत में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच राजस्थान विश्वविद्यालय से लापरवाही और तकनीकी खामी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के पोस्ट ग्रेजुएट (PG) दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा को सिर्फ इसलिए रद्द करना पड़ा, क्योंकि छात्रों को जो प्रश्नपत्र बांटा गया, उसमें कोई सवाल ही नहीं था। कथित तौर पर एआई की मदद से तैयार इस प्रश्नपत्र में प्रश्नों की जगह पहले से लिखे हुए उत्तर छपे हुए थे। इस विफलता के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन बैकफुट पर है।
📄 प्रश्नपत्र देखते ही उड़ गए छात्रों के होश
यह पूरा मामला 17 जून (मंगलवार) का है। पीजी स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज़ में ‘इंडियन सोसाइटी’ विषय की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे की शिफ्ट में निर्धारित थी।
- सवाल-ऑप्शन सब गायब: परीक्षा हॉल में जैसे ही छात्रों के हाथ में प्रश्नपत्र आया, वे उसे देखकर हैरान रह गए। प्रश्नपत्र में न तो पारंपरिक सवाल लिखे थे और न ही बहुविकल्पीय विकल्प (MCQs) दिए गए थे। उसकी जगह सीधे तौर पर उत्तरों की लंबी-चौड़ी छपाई हो रखी थी।
- दबाने का प्रयास: परीक्षा में शामिल छात्र विकास कुमार बैरवा ने आरोप लगाया कि जब छात्रों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई, तो परीक्षा कक्ष में मौजूद अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से सारे प्रश्नपत्र वापस जमा करवा लिए। छात्रों का दावा है कि प्रशासन ने उनसे इस मामले की चर्चा बाहर किसी से न करने की हिदायत भी दी थी।
🏢 प्रशासनिक भवन पर हंगामा; नई तारीख का एलान
यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा मामले को दबाने की कोशिशों के बीच आक्रोशित छात्रों का एक बड़ा समूह विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के बाहर एकत्र हो गया और कुलपति व परीक्षा नियंत्रक से पूरे मामले पर लिखित स्पष्टीकरण की मांग करने लगा।
बढ़ते विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को झुकना पड़ा:
- परीक्षा रद्द: प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर मंगलवार को हुई परीक्षा को अमान्य और रद्द घोषित कर दिया।
- नई तारीख: आंदोलनकारी छात्रों को शांत करने के लिए विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि ‘इंडियन सोसाइटी’ विषय की यह परीक्षा अब 27 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी।
🤖 ‘क्या अब AI बना रहा है यूनिवर्सिटी के पेपर?’— NSUI का तीखा हमला
छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय की गोपनीयता और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
एनएसयूआई के पदाधिकारी मनीष मेघवंशी ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा:
“समाजशास्त्र विभाग के दूसरे सेमेस्टर की ‘इंडियन सोसाइटी’ परीक्षा में जो कुछ भी हुआ, वह राजस्थान विश्वविद्यालय के इतिहास में अभूतपूर्व है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही छात्रों ने प्रश्नपत्र में गंभीर गड़बड़ियां पकड़ ली थीं। छात्रों के लिए यह बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली बात है कि देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के गोपनीय प्रश्नपत्र अब कथित तौर पर एआई (AI) टूल की मदद से तैयार किए जा रहे हैं, जिसमें न्यूनतम मानवीय जांच (Human Checking) भी नहीं की जा रही है।”
इस पूरे मामले ने अब एक नई बहस को जन्म दे दिया है कि क्या सरकारी शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में प्रश्नपत्रों को सेट करने की अत्यंत गोपनीय जिम्मेदारी भी पूरी तरह मशीनों या एआई के भरोसे छोड़ दी गई है?










