‘महाराष्ट्र में “ऑपरेशन टाइगर” पार्ट-2: उद्धव गुट के 6 सांसद तोड़ेंगे नाता! एकनाथ शिंदे का यह दांव देवेंद्र फडणवीस को भी कर सकता है असहज; समझें पूरा नंबर गेम’

महाराष्ट्र राजनीति 2026: उद्धव ठाकरे को फिर लगेगा बड़ा झटका! शिवसेना (UBT) के 6 सांसद एकनाथ शिंदे गुट में जाने को तैयार। शिंदे सेना के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 होने के आसार। इस सियासी उठापटक से केवल विपक्ष ही कमजोर नहीं होगा, बल्कि महायुति गठबंधन के भीतर देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी की 'बारगेनिंग पावर' को भी चुनौती मिलेगी। पढ़ें PNN24 की विशेष इनसाइड रिपोर्ट।

तारिक खान

दिल्ली (PNN24 News): महाराष्ट्र की राजनीति में ‘नंबर गेम’ का शह और मात का खेल एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। साल 2022 में शिवसेना को दोफाड़ कर उद्धव ठाकरे से मुख्यमंत्री की कुर्सी छीनने वाले एकनाथ शिंदे एक बार फिर बड़ा पासा पलटने की तैयारी में हैं। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के 6 लोकसभा सांसद पाला बदलकर शिंदे खेमे में शामिल होने जा रहे हैं। यह घटनाक्रम जहां उद्धव ठाकरे के लिए अस्तित्व का संकट गहरा कर देगा, वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महाराष्ट्र की ‘महायुति’ सरकार के भीतर भी सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख देगा।

📊 क्या है नया ‘नंबर गेम’ और इसके सियासी मायने?

यदि उद्धव गुट के ये 6 सांसद शिंदे सेना का दामन थामते हैं, तो दिल्ली से लेकर मुंबई तक की राजनीतिक तस्वीर बदल जाएगी:

  • संसद में बढ़ेगी ताकत: शिंदे सेना के पास लोकसभा में फिलहाल 7 सांसद हैं। 6 नए सांसदों के जुड़ने से यह संख्या 13 हो जाएगी, जो संसद में कांग्रेस के सांसदों (महाराष्ट्र से) के बराबर होगी।
  • महायुति में बदलेगा रसूख: महाराष्ट्र विधानसभा (288 सीटें) में बीजेपी 132 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि शिंदे सेना के पास 57 विधायक हैं। विधानसभा चुनाव के बाद देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने और शिंदे को उपमुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ा था। लेकिन अब दिल्ली (संसद) में नंबर बढ़ने से शिंदे का कद दोबारा मजबूत होगा।

🤔 तत्काल नुकसान उद्धव का, लेकिन असर फडणवीस पर क्यों?

मुंबई यूनिवर्सिटी से जुड़े राजनीतिक विश्लेषक संजय पाटिल के अनुसार, इस टूट का तात्कालिक और सीधा नुकसान तो उद्धव ठाकरे को होगा, लेकिन इसका दूरगामी असर बीजेपी की स्टेट लीडरशिप और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर पड़ेगा।

“अगर संसद में शिंदे के नंबर बढ़ते हैं, तो बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व उन्हें उस कमजोर नजरिए से नहीं देख पाएगा, जैसा विधानसभा नतीजों के बाद देखा जा रहा था। इससे एनडीए के भीतर शिंदे की बारगेनिंग पावर (सौदेबाजी की ताकत) काफी बढ़ जाएगी।”

दरअसल, महाराष्ट्र में मंत्रियों की नियुक्ति, एमएलसी (MLC) चुनाव के लिए सीट बंटवारा, सरकारी निगमों-बोर्डों में नियुक्तियां और शिवसेना के पारंपरिक गढ़ वाले इलाकों में बीजेपी के विस्तार को लेकर दोनों दलों में लगातार अदृश्य खींचतान चल रही है। शिंदे का मजबूत होना बीजेपी की इस एकतरफा बढ़त पर ब्रेक लगा सकता है।

🚀 बंगाल की ‘TMC टूट’ बनी इस खेल का कैटलिस्ट (प्रेरक)

राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हुए आंतरिक विद्रोह और 20 बागी सांसदों के NCPI के बैनर तले एनडीए में आने की खबरों ने महाराष्ट्र के इस ‘ऑपरेशन टाइगर’ के लिए उत्प्रेरक का काम किया।

एकनाथ शिंदे इस बात को बखूबी जानते हैं कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के सामने क्षेत्रीय क्षत्रपों की अहमियत सिर्फ और सिर्फ उनके सांसदों और विधायकों की संख्या से तय होती है। एनडीए (कुल 293 सांसद) में खुद को एक मजबूत और अपरिहार्य सहयोगी के रूप में स्थापित करने के लिए शिंदे को अपने नंबर बढ़ाने की सख्त जरूरत थी।

🗣️ ‘पिक्चर अभी बाकी है’: शिंदे सेना और उद्धव गुट के तर्क

इस पूरे घटनाक्रम पर दोनों खेमों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं:

  • शिंदे सेना का दावा: शिंदे गुट के एक वरिष्ठ नेता ने इसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ बताते हुए कहा, “विधानसभा चुनाव के बाद लोगों ने शिंदे जी को हल्के में लेना शुरू कर दिया था। लेकिन उन्होंने साबित कर दिया है कि जब लोग सोचते हैं कि लड़ाई खत्म हो गई, तभी वे पासा पलटना जानते हैं।”
  • शिवसेना (UBT) का पलटवार: उद्धव गुट की फायरब्रांड नेता सुषमा अंधारे ने इस टूट को एक अलग चश्मे से देखते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “इस टूट को केवल उद्धव ठाकरे की हार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह असल में देवेंद्र फडणवीस की भी हार है, क्योंकि अब उनके समानांतर एक और शक्ति खड़ी हो रही है।”

📊 महाराष्ट्र लोकसभा सत्ता समीकरण: एक नज़र में (Fact Box)

राजनीतिक दल / गुट वर्तमान सांसद संख्या (महाराष्ट्र) संभावित नई संख्या (टूट के बाद) सियासी प्रभाव
बीजेपी (BJP) 09 09 महायुति में दबदबा, लेकिन सहयोगियों का दबाव बढ़ेगा
शिवसेना (UBT) 09 03 उद्धव ठाकरे को दूसरा सबसे बड़ा संगठनात्मक झटका
शिवसेना (शिंदे गुट) 07 13 एनडीए में कद बढ़ेगा, फडणवीस के सामने बारगेनिंग पावर मजबूत होगी
कांग्रेस (Congress) 13 13 विपक्ष के तौर पर शिंदे गुट के बराबर की हिस्सेदा

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