‘संसद में टीएमसी के दो फाड़: 20 सांसदों के साथ एनडीए का समर्थन करेंगी काकोली घोष; कांग्रेस का तीखा हमला— “बीजेपी की वॉशिंग मशीन में गोता लगाने वाले दें इस्तीफा”!’

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाद अब संसद में टीएमसी को बड़ा झटका! सांसद काकोली घोष दस्तीदार का दावा— 20 सांसदों के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपकर एनडीए (NDA) को समर्थन का किया ऐलान। इस महा-बगावत पर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत का तीखा हमला— बोलीं, 'जनता के जनादेश का सम्मान करें बागी, बीजेपी की वॉशिंग मशीन में गोता लगाने के बजाय इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ें।' पढ़ें PNN24 की विशेष राजनैतिक रिपोर्ट।

आदिल अहमद

नई दिल्ली (PNN24 News): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब अपने इतिहास के सबसे बड़े बिखराव और वजूद के संकट से जूझ रही है। राज्य विधानसभा में 58 विधायकों की बगावत के बाद, अब टीएमसी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा में पार्टी के भीतर एक बहुत बड़ी टूट का आधिकारिक दावा किया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके साथ टीएमसी के 20 लोकसभा सांसद हैं, जिन्होंने संसद में अलग बैठने और केंद्र की सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन को समर्थन देने का फैसला किया है। इस महा-बगावत के बाद विपक्षी खेमे में हड़कंप मच गया है और कांग्रेस ने इसे जनता के जनादेश के साथ सबसे बड़ा धोखा करार दिया है।

🧺 “बीजेपी की वॉशिंग मशीन में गोता लगाएंगे बागी”— सुप्रिया श्रीनेत

टीएमसी के संसदीय दल में हुए इस बड़े विस्फोट पर कांग्रेस की फायरब्रांड राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए तीखा और आक्रामक हमला बोला है:

  • वॉशिंग मशीन पर तंज: सुप्रिया श्रीनेत ने भारतीय जनता पार्टी और बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा, “कल तक यही टीएमसी वाले (बीजेपी की नजर में) घोटालेबाज़ थे, धोखेबाज़ थे, कट मनी लेते थे। अब ये सभी बागी नेता बीजेपी की वॉशिंग मशीन में गोता लगाएंगे और बीजेपी जॉइन करने के बाद अचानक पाक-साफ होकर वाह-वाह हो जाएंगे।”
  • जनादेश के अपमान का आरोप: कांग्रेस प्रवक्ता ने बागी सांसदों को उनके नैतिक कर्तव्यों की याद दिलाते हुए कहा, “मेरा दृढ़ता से मानना है कि कोई भी चुना हुआ सांसद या जनप्रतिनिधि जनता के मैंडेट (जनादेश) पर सदन में चुनकर आता है। पश्चिम बंगाल की जनता ने आपको बीजेपी की नीतियों के खिलाफ मैंडेट दिया था। आपको कम से कम उस जनता के भरोसे और जनादेश का सम्मान तो करना चाहिए।”
  • इस्तीफा देने की चुनौती: बागी गुट को खुली चुनौती देते हुए श्रीनेत ने कहा, “अगर आपको बीजेपी ही जॉइन करनी है, उनका घटक दल बनना है या फिर एनडीए सरकार का समर्थन करना है, तो आपमें इतनी नैतिकता होनी चाहिए कि आप तुरंत अपने सांसद पद से इस्तीफा दें और दोबारा जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ें।”

⚡ कैसे शुरू हुई काकोली घोष दस्तीदार की बगावत?

संसद में टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसद हैं। दलबदल कानून (Anti-Defection Law) के तहत किसी भी कार्रवाई से बचने और अपनी सदस्यता सुरक्षित रखने के लिए बागी गुट को कम से कम दो-तिहाई यानी 19 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता थी। काकोली घोष का दावा है कि उनके साथ 20 सांसद हैं, जो इस कानूनी सीमा को पार कर चुके हैं।

  • पार्टी के भीतर मतभेद: चार बार की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार और ममता बनर्जी के बीच दूरियां तब बढ़ीं जब हाल ही में लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप पद से काकोली घोष को हटाकर कल्याण बनर्जी को नियुक्त कर दिया गया। इसके बाद काकोली घोष ने महिला विंग के अध्यक्ष पद समेत सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया था।
  • ‘मेरा सिर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं’: अपने कदम को सही ठहराते हुए काकोली घोष दस्तीदार ने पुष्पा फिल्म के अंदाज में कहा, “मेरा सर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं, मैंने बहुत सह लिया है। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, बेरोजगारी चरम पर है और व्यापक वित्तीय अनियमितताएं (भ्रष्टाचार) हो रही हैं। हम बंगाल के विकास और राष्ट्रहित के लिए एनडीए के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।”

❓ टीएमसी का पलटवार: ‘कहाँ है वो सीक्रेट लेटर?’

काकोली घोष के इस दावे के बाद मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वफादार गुट ने कोलकाता में एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। टीएमसी नेताओं (कीर्ति आजाद और सौगत रॉय) ने काकोली घोष के दावों पर बड़े सवाल खड़े किए:

  • पत्र सार्वजनिक करने की मांग: टीएमसी ने पूछा कि अगर सोमवार को दोपहर 1:00 बजे से पहले ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को 20 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंप दिया गया था, तो वह तथाकथित पत्र अब तक सार्वजनिक (Public) क्यों नहीं हुआ?
  • दावे को बताया फर्जी: टीएमसी के वफादार गुट का दावा है कि बागी खेमे के पास आवश्यक संख्या (19 सांसद) नहीं है और यह केवल बीजेपी के ‘डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट’ द्वारा फैलाया जा रहा एक फर्जी और मनगढ़ंत नैरेटिव है।

फिलहाल, यह पूरी लड़ाई अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पाले में चली गई है। यदि लोकसभा अध्यक्ष काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले इस 20 सांसदों के गुट को ‘अलग संसदीय ब्लॉक’ के रूप में मान्यता दे देते हैं, तो संसद के भीतर ममता बनर्जी की ताकत पूरी तरह से आधी रह जाएगी और पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो जाएगा।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *